ईको गार्डन में NHM कर्मचारियों की हुंकार: संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले जुटे हजारों संविदा कर्मी; न्यूनतम 18,000 वेतन और नियमितीकरण की उठाई मांग
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत वर्षों से प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों ने गुरुवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर राजधानी लखनऊ के ईको गार्डन में बड़ा शक्ति प्रदर्शन किया। विभिन्न कर्मचारी संगठनों के विलय से बनी “संयुक्त संघर्ष समिति, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उत्तर प्रदेश” के आह्वान पर प्रदेश भर से जुटे स्वास्थ्य कर्मियों ने समान कार्य-समान वेतन, 6 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके CHO व अन्य संवर्गों के नियमितीकरण तथा EPF-ESI जैसी सामाजिक सुरक्षा की मांगों को लेकर शासन से ठोस निर्णय लेने की पुरजोर अपील की।
📌 संयुक्त संघर्ष समिति की 5 प्रमुख मांगें:
- पारदर्शी वेतन नीति: समान कार्य–समान वेतन के सिद्धांत पर सभी संवर्गों के लिए न्यूनतम ₹18,000 प्रतिमाह वेतन और नियमित वेतन वृद्धि नीति।
- नियमितीकरण व राज्य कैडर: केंद्र सरकार के 2011 के सुझावों और 2018 के निर्देशों के तहत 6 वर्ष सेवा पूरी करने वाले CHO व दीर्घकालिक कार्मिकों का नियमितीकरण।
- रिक्त पद व पारदर्शी स्थानांतरण: NHM में खाली पड़े पदों को तत्काल भरना और निष्पक्ष, स्पष्ट व न्यायसंगत तबादला नीति लागू करना।
- पूर्ण सामाजिक सुरक्षा: सभी NHM कर्मियों को अनिवार्य रूप से EPF, ESI, ग्रेच्युटी एवं स्वास्थ्य बीमा का लाभ प्रदान करना।
- आउटसोर्स कार्मिकों का समायोजन: आउटसोर्सिंग कर्मियों को सेवा सुरक्षा देना अथवा प्रस्तावित आउटसोर्स सेवा निगम में शामिल कर समस्त लाभ देना।
📊 NHM कार्मिकों की प्रमुख मांगें व आधार: एक नजर में
| प्रमुख मांग | प्रस्तावित समाधान व संदर्भ |
|---|---|
| न्यूनतम वेतन | न्यूनतम ₹18,000 प्रतिमाह; अनुभव व वरिष्ठता आधारित पारदर्शी वेतन वृद्धि |
| नियमितीकरण | राज्य स्वास्थ्य ढांचे में समायोजन; 6 वर्ष पूर्ण करने वाले CHO के लिए 2018 के दिशा-निर्देशों का क्रियान्वयन |
| सामाजिक सुरक्षा | EPF, ESI, ग्रेच्युटी एवं कैशलेस स्वास्थ्य बीमा का अनिवार्य कवरेज |
| तबादला नीति | पारदर्शी और न्यायसंगत डिजिटल ट्रांसफर पॉलिसी का निर्धारण |
| आउटसोर्स सुरक्षा | आउटसोर्सिंग कर्मियों को सेवा सुरक्षा या प्रस्तावित आउटसोर्स सेवा निगम के अधीन नियमित लाभ |
लंबे समय से उपेक्षा का शिकार हैं रीढ़ बने स्वास्थ्य कर्मी
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि पोलियो उन्मूलन से लेकर मातृ-शिशु मृत्यु दर घटाने, नियमित टीकाकरण, संचारी रोग नियंत्रण और कोविड-19 महामारी जैसे संकटों में NHM कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर कार्य किया। इसके बावजूद उन्हें आज तक न तो उचित मानदेय मिल पा रहा है और न ही भविष्य की सुरक्षा।
"NHM कार्मिकों की यह लड़ाई किसी एक संवर्ग की नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के हजारों स्वास्थ्य परिवारों के आत्मसम्मान, आर्थिक स्थायित्व और सामाजिक सुरक्षा का प्रश्न है। जब तक शासन स्तर पर इन न्यायोचित मांगों का समाधान नहीं होता, तब तक यह लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।"
— संयुक्त संघर्ष समिति, NHM उत्तर प्रदेश
एकजुट हुए दर्जनों संवर्ग: इन प्रमुख प्रतिनिधियों की रही भागीदारी
ईको गार्डन में आयोजित इस व्यापक जुटान में सभी स्वास्थ्य संवर्गों के प्रांतीय नेताओं और प्रतिनिधियों ने भाग लिया:
- चिकित्सक एवं CHO नेतृत्व: डॉ. अनिल गुप्ता (प्रदेश अध्यक्ष, संयुक्त NHM संघ व आयुष संवर्ग), श्री हिमालय कुमार (प्रदेश अध्यक्ष, CHO संघ), श्री सनत सिंह (प्रदेश अध्यक्ष, CHO संघ UP), डॉ. आशुतोष उपाध्याय (वरिष्ठ उपाध्यक्ष, RBSK) एवं डॉ. हरजीत सिंह (महामंत्री, डेंटल सर्जन संघ)।
- संगठन एवं प्रशासन: श्री योगेश कुमार उपाध्याय (प्रदेश महामंत्री, संयुक्त NHM कर्मचारी संघ), श्री हरिओम सिंह (प्रदेश महामंत्री, नर्सिंग संवर्ग), श्री अनुज ठाकुर (संयोजक, चिकित्सालय प्रबंधक संघ) एवं श्री अरुण वर्मा (NUHM प्रतिनिधि)।
- पैरामेडिकल व तकनीकी शाखाएं: श्री दीप आर्या (अध्यक्ष, ऑप्टोमेट्रिस्ट संघ), श्री संचित यादव (संगठन मंत्री, फार्मासिस्ट संघ), श्री अमर जापरी (आयुष फार्मासिस्ट), श्री हेमंत पाल (लैब टेक्नीशियन संघ) और श्री संतोष पाण्डेय (IDSP संवर्ग)।
- फील्ड व मातृत्व स्वास्थ्य: श्रीमती प्रेमलता पाण्डेय (प्रदेश संयोजिका, ANM संघ), श्रीमती सुनेना अरोड़ा (प्रदेश अध्यक्ष, TBSEWA), श्री अशोक पाण्डेय व श्री सुरेंद्र पाल (BCPM संघ), श्री कमलेश कश्यप (नियमित टीकाकरण संघ) तथा श्रीमती प्रीति मिश्रा (BPM)।
- प्रबंधन व आउटसोर्स प्रतिनिधि: श्रीमती ज्योतिर्मि राय (काउंसलर संवर्ग), श्री शाहिद (RBSK/DEIC मैनेजर), श्री विजय बाजपेई (RI असिस्टेंट), श्री अजय (BAM संवर्ग), श्री नवेद अहमद (सपोर्ट स्टाफ) एवं श्री शुभम मिश्रा (आउटसोर्स व कोविड-19 कर्मचारी संघ)।
अनुशासित व लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन रहेगा जारी
संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने प्रदेश भर के NHM कर्मचारियों से अनुशासित और संगठित रहते हुए अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया। समिति ने शासन से मांग की है कि उच्चस्तरीय वार्ता आयोजित कर इन सभी मांगों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए ताकि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित न हो और कर्मचारियों को उनका संवैधानिक हक मिल सके।


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