संयुक्त NHM संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदेशभर में कार्य बहिष्कार: 75 जिलों के CMO कार्यालयों पर धरना; समाधान न होने पर 8 अक्टूबर को लखनऊ में जुटेंगे 75 हजार कर्मचारी
लखनऊ: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत कार्यरत संविदा एवं आउटसोर्स स्वास्थ्यकर्मियों की लंबित मांगों को लेकर आंदोलन और तेज हो गया है। संयुक्त NHM संघर्ष समिति के आह्वान पर मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार करते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालयों पर लगातार दूसरे दिन धरना-प्रदर्शन किया। कर्मचारी नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का त्वरित निस्तारण नहीं हुआ, तो 8 अक्टूबर 2026 को प्रदेश के 75 हजार कर्मचारी राजधानी लखनऊ में अनिश्चितकालीन विशाल धरना-प्रदर्शन करेंगे।
📌 आंदोलन और धरने के मुख्य बिंदु:
- प्रदेशव्यापी कार्य बहिष्कार: प्रदेश के सभी 75 जिलों में लगातार दूसरे दिन सीएमओ दफ्तरों पर कर्मचारियों ने तालाबंदीनुमा धरना दिया।
- 8 अक्टूबर को लखनऊ कूच: मांगों का समाधान न होने पर 75,000 स्वास्थ्यकर्मी लखनऊ में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठेंगे।
- राजधानी में प्रदर्शन: लखनऊ CMO कार्यालय पर जिला संयोजक विजय वाजपेयी व सह संयोजक प्रशांत सिंह चौहान के नेतृत्व में सैकड़ों कर्मियों ने आवाज बुलंद की।
- शीर्ष नेतृत्व का संबोधन: संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन उप्र के प्रदेश महामंत्री योगेश उपाध्याय ने धरने में पहुंचकर कर्मियों का हौसला बढ़ाया।
- प्रमुख मांगें: राज्य आधारित कैडर व्यवस्था, नियमितीकरण नीति, समान कार्य के लिए समान वेतन और आउटसोर्स कर्मचारियों का समायोजन।
📊 NHM आंदोलन का चरणबद्ध खाका: एक नजर में
| आंदोलन चरण / तिथि | स्थान व स्वरूप | प्रभाव एवं सहभागिता |
|---|---|---|
| 05 एवं 06 अक्टूबर 2026 | प्रदेश के सभी 75 जिलों के CMO कार्यालय | पूर्ण कार्य बहिष्कार एवं विरोध प्रदर्शन |
| 08 अक्टूबर 2026 (प्रस्तावित) | राजधानी लखनऊ (केंद्रीय महाजुटान) | 75,000 कर्मचारियों का अनिश्चितकालीन धरना |
| मुख्य आयोजक संस्था | संयुक्त NHM संघर्ष समिति एवं संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ, उप्र | |
राजधानी लखनऊ में गूंजे नारे: कार्य बहिष्कार कर धरने पर डटे रहे कर्मी
लखनऊ जनपद में मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय पर आयोजित विशाल धरने का नेतृत्व जिला संयोजक श्री विजय वाजपेयी एवं सह संयोजक प्रशांत सिंह चौहान ने किया। इस दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और जिला अस्पतालों से पहुंचे सैकड़ों संविदा व आउटसोर्स कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
"प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को अपनी मेहनत से संचालित करने वाले NHM कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक वेतन तक नहीं मिल पा रहा है। यदि शासन ने हमारी मूलभूत मांगों का शीघ्र स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो 8 अक्टूबर को प्रदेशभर के 75 हजार कर्मचारी लखनऊ की सड़कों पर उतरकर आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।"
— श्री योगेश उपाध्याय (महामंत्री, संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, उप्र)
विभिन्न संवर्गों के पदाधिकारियों ने दिखाई एकजुटता
धरना कार्यक्रम में जिले के समस्त तकनीकी, गैर-तकनीकी, एएनएम, सीएचओ, लैब टेक्नीशियन और आउटसोर्स कर्मचारियों ने एकजुटता दिखाई। प्रदर्शन में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे:
- डॉ. अभयानंद: जिला अध्यक्ष, संयुक्त NHM संघ
- संजय: महामंत्री, संयुक्त NHM संघ
- प्रमुख सहयोगी व सदस्य: विजय वर्मा, विवेक, सचिन, इरशाद सहित भारी संख्या में स्वास्थ्य कर्मी।
स्वास्थ्य सेवाएं ठप होने की चेतावनी
कर्मचारी नेताओं ने कहा कि लगातार दो दिनों के कार्य बहिष्कार के बाद भी यदि शासन स्तर से वार्ता की कोई ठोस पहल नहीं होती, तो 8 अक्टूबर से होने वाला आंदोलन पूरी स्वास्थ्य व्यवस्था को प्रभावित कर सकता है। कर्मचारियों ने प्रशासन से समय रहते हस्तक्षेप कर मांगों को पूरा करने की अपील की है।


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