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काशी के आसमान में दिखेगा वायुसेना का शौर्य: नमो घाट पर 24 से 26 अक्टूबर तक एयर शो; CM योगी ने परखीं तैयारियां, PM मोदी के आने की संभावना

काशी के नभ में गूंजेगा वायुसेना का शौर्य: नमो घाट पर 24 से 26 अक्टूबर तक भव्य एयर शो; मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परखीं तैयारियां, पीएम मोदी के शामिल होने की संभावना

📍 स्थान: नमो घाट, वाराणसी (समीक्षा: लखनऊ) | 📅 दिनांक: 03 अक्टूबर 2026 | ✈️ श्रेणी: भारतीय वायुसेना, एयर शो 2026, राज्य प्रशासन, राष्ट्रीय सुरक्षा एवं वाराणसी समाचार

लखनऊ/वाराणसी: देवाधिदेव महादेव की पावन नगरी काशी भारतीय वायुसेना के पराक्रम, अदम्य साहस और सामरिक सामर्थ्य की साक्षी बनने जा रही है। गंगा की अविरल धारा के किनारे बसी काशी के आकाश में आगामी 24 से 26 अक्टूबर 2026 तक वायुसेना के आधुनिक लड़ाकू विमानों की गर्जना गूंजेगी। वाराणसी के प्रसिद्ध नमो घाट पर आयोजित होने वाले इस तीन दिवसीय भव्य एयर शो की तैयारियों की शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उच्चस्तरीय समीक्षा की। इस ऐतिहासिक आयोजन के तहत 25 अक्टूबर के मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की गरिमामयी उपस्थिति संभावित है।

📌 एयर शो एवं प्रशासनिक प्रबंध के प्रमुख बिंदु:

  • आयोजन स्थल व तिथि: 24 से 26 अक्टूबर 2026 तक नमो घाट (वाराणसी) एवं गंगा तटवर्ती क्षेत्र।
  • वीवीआईपी उपस्थिति: 25 अक्टूबर को मुख्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के शामिल होने की प्रबल संभावना।
  • जोन एवं सेक्टर व्यवस्था: नमो घाट और आसपास के घाटों को विभिन्न जोनों और सेक्टरों में बांटकर प्रत्येक सेक्टर में मैजिस्ट्रेट व पुलिस बल की तैनाती।
  • सुरक्षा एवं मॉकड्रिल: आपातकालीन परिस्थितियों से निपटने के लिए समय पूर्व सुरक्षा अभ्यास (Mock Drill) कराने के निर्देश।
  • नागरिक सुविधाएं: दर्शकों के लिए सुगम प्रवेश-निकास, स्वच्छ पेयजल, मोबाइल टॉयलेट्स, चिकित्सा शिविर और एकीकृत पार्किंग व्यवस्था।

📊 भारतीय वायुसेना एयर शो 2026: मुख्य रूपरेखा

प्रमुख पहलू विवरण व व्यवस्था
आयोजन की तिथि 24 से 26 अक्टूबर, 2026 (मुख्य दिवस: 25 अक्टूबर)
मुख्य आयोजन स्थल नमो घाट, वाराणसी (गंगा नदी का तटीय क्षेत्र)
प्रस्तावित विशिष्ट अतिथि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (संभावित)
प्रशासनिक मॉडल जोन व सेक्टर प्रणाली, सेक्टर मैजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारी तैनात
समन्वय संस्थाएं भारतीय वायुसेना (IAF), वाराणसी जिला व पुलिस प्रशासन, यूपी पर्यटन विभाग

वायुसेना और स्थानीय प्रशासन ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखा खाका

समीक्षा बैठक के दौरान भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारियों, वाराणसी के मंडलायुक्त, जिलाधिकारी और पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों ने मुख्यमंत्री के समक्ष संपूर्ण आयोजन का पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया।

अधिकारियों ने एयर शो स्थल पर बनने वाले ग्रैंड स्टैंड, वीआईपी एवं वीवीआईपी गैलरी, आम नागरिकों के लिए दर्शक दीर्घा, मीडिया एरीना, प्रवेश व निकास द्वार तथा बहुस्तरीय सुरक्षा जांच चौकियों के ले-आउट की जानकारी दी। गंगा के जलमार्ग और थल मार्ग दोनों से संभावित भारी भीड़ के मद्देनजर भीड़ प्रबंधन का विस्तृत प्लान प्रस्तुत किया गया।

"भीड़ व यातायात प्रबंधन की बने एकीकृत कार्ययोजना, समय पूर्व हो मॉकड्रिल": सीएम योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि काशी की सनातन विरासत और भारतीय वायुसेना के आधुनिक शौर्य का यह संगम अभूतपूर्व होगा, जिसे देखने के लिए पूर्वांचल के विभिन्न जिलों और पूरे देश से भारी संख्या में नागरिक जुटेंगे।

"एयर शो को लेकर नागरिकों में भारी उत्साह है। इसे देखते हुए क्राउड मैनेजमेंट, सुगम यातायात, पर्याप्त पार्किंग और सेक्टरवार स्थल चिन्हीकरण पहले से सुनिश्चित किया जाए। प्रत्येक क्षेत्र में पेयजल, चिकित्सा सहायता और सुरक्षा प्रबंध चाक-चौबंद हों। सभी विभाग आपसी तालमेल से काम करें और किसी भी आकस्मिक परिस्थिति से निपटने के लिए समय पूर्व सघन मॉकड्रिल (पूर्वाभ्यास) कराई जाए।"
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)

वाराणसी मंडल के जिलों में समन्वय और प्रमुख घाटों पर विशेष सुरक्षा

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एयर शो का असर केवल नमो घाट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राजघाट, मणिकर्णिका, दशाश्वमेध और अस्सी घाट सहित काशी के सभी प्रमुख गंगा घाटों पर भी बड़ी संख्या में लोग जुटेंगे। ऐसे में जल पुलिस, एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय गोताखोरों को गंगा की धारा में सतत मुस्तैद रखा जाए।

इसके अतिरिक्त, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर और मिर्जापुर जैसे पड़ोसी जिलों से वाराणसी आने वाले वाहनों के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में ही डायवर्जन और सैटेलाइट पार्किंग की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि शहर के भीतर यातायात व्यवस्था सुचारू बनी रहे।

अंतिम तैयारी: वायुसेना और जिला प्रशासन संयुक्त नियंत्रण कक्ष बनाकर 24 घंटे तैयारियों की मॉनिटरिंग करेंगे, ताकि काशी आने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और दर्शकों को एक सुरक्षित, अनुशासित और अविस्मरणीय अनुभव प्राप्त हो सके।

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