68,500 शिक्षक भर्ती आरक्षण विसंगति: अभ्यर्थियों ने कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल के आवास का किया घेराव; दीपावली तक मिला ठोस कार्यवाही का आश्वासन
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती परीक्षा-2018 में आरक्षण विसंगति के समाधान और नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर ईको गार्डन में पिछले 64 दिनों से डटे अभ्यर्थियों का धैर्य अब जवाब दे रहा है। शासन स्तर पर ठोस निर्णय न होने से आक्रोशित अभ्यर्थियों ने मंगलवार को प्राविधिक शिक्षा एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल के लखनऊ स्थित सरकारी आवास पर पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। करीब आधे घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद मंत्री ने बाहर आकर अभ्यर्थियों से वार्ता की और दीपावली तक का समय मांगते हुए सकारात्मक समाधान का ठोस आश्वासन दिया।
📌 मंत्री आवास पर प्रदर्शन: मुख्य बिंदु
- 64 दिनों से आंदोलन: ईको गार्डन में अनवरत धरने और क्रमिक भूख हड़ताल के बाद अभ्यर्थियों ने कैबिनेट मंत्री आवास पर दी दस्तक।
- मंत्री आशीष पटेल का बयान: “हम आपके बेहतर वकील हैं और आपके साथ न्याय के लिए पूरा प्रयास कर रहे हैं... मुझे दीपावली तक का समय दिया जाए।”
- अभ्यर्थियों का अल्टीमेटम: तय समय सीमा (दीपावली) तक आदेश न आने पर मंत्री आवास पर ही दीपावली मनाने का ऐलान।
- संवैधानिक संस्तुतियों का अनुपालन: राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग एवं राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) के आदेशों के तहत परिणाम संशोधन की मांग।
- विभागीय स्वीकृति: अभ्यर्थियों का दावा—10 सितंबर 2026 को बेसिक शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता वाली बैठक में आरक्षण विसंगति की पुष्टि हो चुकी है।
📊 68,500 शिक्षक भर्ती आंदोलन: वर्तमान स्थिति एवं घटनाक्रम
| विवरण / मानक | आंदोलनकारी अभ्यर्थियों व शासन की स्थिति |
|---|---|
| भर्ती संदर्भ | 68,500 सहायक अध्यापक भर्ती (वर्ष 2018) |
| आंदोलन की अवधि | लगातार 64 दिनों से ईको गार्डन में अनवरत धरना |
| हालिया प्रदर्शन स्थल | कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल का लखनऊ स्थित शासकीय आवास |
| शासन स्तर से आश्वासन | दीपावली 2026 तक न्यायसंगत कार्यवाही का भरोसा |
| प्रमुख मांगें | ओबीसी (OBC) वर्ग को संवैधानिक नियमों के तहत संशोधित परिणाम व नियुक्ति |
‘हम आपके बेहतर वकील हैं’: कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल
आवास के बाहर अभ्यर्थियों की जोरदार नारेबाजी और धरने के बाद कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल स्वयं बाहर आए और अभ्यर्थियों के प्रतिनिधिमंडल से सीधे मुखातिब हुए। उन्होंने अभ्यर्थियों की व्यथा को धैर्यपूर्वक सुना और उन्हें विश्वास दिलाया कि सरकार इस मामले को लेकर गंभीर है।
“हम आपके बेहतर वकील हैं और आपके साथ न्याय सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। आपकी चिंता और मांगें पूरी तरह जायज हैं। आपके लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने के अधिकार का हम सम्मान करते हैं, लेकिन इस जटिल कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए मुझे दीपावली तक का समय दिया जाए।”
— आशीष पटेल (कैबिनेट मंत्री, उत्तर प्रदेश सरकार)
'बैठक में विसंगति की पुष्टि के बाद भी देरी क्यों?': तूफान सिंह
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे तूफान सिंह और आशुतोष वर्मा ने शासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग और राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने इस विसंगति को दूर करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं।
- 10 सितंबर की बैठक का हवाला: अभ्यर्थियों ने बताया कि 10 सितंबर 2026 को बेसिक शिक्षा मंत्री की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में आरक्षण विसंगति की बात स्वीकार की जा चुकी है।
- कैबिनेट अनुमोदन में विलंब: विभागीय अधिकारियों ने उस समय कैबिनेट स्तर पर निर्णय कराने की बात कही थी, लेकिन दो महीने बाद भी फाइल आगे नहीं बढ़ी।
- संवैधानिक अधिकार: अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि 2018 की इस भर्ती में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के वैध पदों पर सामान्य वर्ग या नियमों के विपरीत परिणाम तैयार किए गए, जिससे सैकड़ों मेरिटोरियस छात्र वंचित रह गए।
'दीपावली तक समाधान नहीं, तो मंत्री आवास पर मनेगा त्योहार'
धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने आंदोलनकारियों की ओर से दो-टूक कहा कि अभ्यर्थी मंत्री के आश्वासन का सम्मान करते हुए दीपावली तक प्रतीक्षा करेंगे। किंतु यदि सरकार ने इस समय सीमा के भीतर शासनादेश या परिणाम संशोधन की प्रक्रिया शुरू नहीं की, तो प्रदेशभर के अभ्यर्थी अपनी दीपावली सड़कों पर और मंत्री आशीष पटेल के आवास के बाहर ही मनाएंगे।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों ने “हर हाल में आरक्षण लेकर रहेंगे”, “आरक्षण की चोरी नहीं चलेगी” और “68,500 शिक्षक भर्ती पूरी करो” के गगनभेदी नारे लगाए। प्रदर्शन में रंजना जायसवाल, अमित, अजीत सिंह, विनय प्रजापति, राहुल, दीपक, नसीम, रेखा रानी, कोमल रानी, ललिता चौधरी, क्षमा, मनोज, अरविंद और संतोष सहित प्रदेश के कई जिलों से पहुंचे सैकड़ों अभ्यर्थी मौजूद रहे।



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