यूपी में 24 चैरिटेबल ब्लड सेंटरों पर अगले आदेश तक रोक: 62 जिलों के 158 केंद्रों की जांच में मिलीं गंभीर अनियमितताएं; FSDA ने 10 और केंद्रों को किया बंद
लखनऊ: डेंगू, मलेरिया और मौसमी बीमारियों के इस दौर में मरीजों को सुरक्षित रक्त व ब्लड कंपोनेंट्स मुहैया कराने को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की विशेष टीमों द्वारा प्रदेशभर में चलाए जा रहे जांच अभियान के तहत 10 और चैरिटेबल ब्लड सेंटरों के संचालन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही प्रदेश में अब तक प्रतिबंधित किए गए ब्लड सेंटरों की कुल संख्या बढ़कर 24 हो गई है। अब तक 62 जनपदों के 158 ब्लड बैंकों की सघन पड़ताल की जा चुकी है, जहां बिना अनिवार्य ELISA जांच के दूषित रक्त वितरण और एक्सपायर्ड दवाओं के इस्तेमाल जैसी जानलेवा लापरवाहियां पकड़ी गई हैं।
📌 एफएसडीए महाभियान: मुख्य बिंदु
- कुल 24 केंद्र बंद: पहले चरण में 14 केंद्रों पर कार्रवाई के बाद अब 10 नए ब्लड सेंटरों पर स्टॉप ऑर्डर जारी।
- 158 केंद्रों की जांच: प्रदेश के 62 जिलों में अंतरजनपदीय ड्रग इंस्पेक्टर्स की टीमों द्वारा औचक निरीक्षण।
- चौंकाने वाला फर्जीवाड़ा: शाहजहांपुर में बिना ELISA जांच 167 यूनिट और अयोध्या में 23 यूनिट रक्त जारी किया गया।
- कोल्ड चेन ध्वस्त: डीप फ्रीजरों में तापमान मानकों का उल्लंघन, बिजली बैकअप का अभाव और संदूषित फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा (FFP) बरामद।
- अस्पतालों व डीएम को एडवाइजरी: सील किए गए केंद्रों में उपलब्ध असुरक्षित रक्त और कंपोनेंट्स के वैज्ञानिक निस्तारण के आदेश।
📊 एफएसडीए विशेष जांच अभियान: एक नजर में
| जांच मानक / दायरा | विभागीय आंकड़े एवं स्थिति |
|---|---|
| कुल निरीक्षित जनपद व केंद्र | 62 जनपद | 158 चैरिटेबल ब्लड सेंटर |
| अब तक निलंबित / प्रतिबंधित केंद्र | कुल 24 केंद्र (14 पूर्व में + 10 ताजा कार्रवाई में) |
| प्रमुख तकनीकी उल्लंघन | बिना ELISA एचआईवी/हेपेटाइटिस जांच, खराब कोल्ड चेन, आरबीसी युक्त दूषित प्लाज्मा |
| प्रशासनिक कमियां | मेडिकल ऑफिसर की अनुपस्थिति, सरकारी दरों से अधिक वसूली, स्टॉक रजिस्टर में अंतर |
ताजा कार्रवाई: इन 10 चैरिटेबल ब्लड सेंटरों में मिलीं जानलेवा खामियां
औचक निरीक्षण के दौरान ड्रग इंस्पेक्टर्स की टीमों ने निम्नलिखित 10 केंद्रों पर मरीजों की जान से खिलवाड़ करते हुए पाया, जिसके बाद इन पर तत्काल स्टॉप ऑर्डर जारी किया गया:
- सूरजपुर चैरिटेबल ब्लड सेंटर (गौतमबुद्ध नगर): लाइसेंस निलंबित होने के बाद भी संचालन जारी था। डीप फ्रीजर में दूषित एफएफपी व एक्सपायर्ड दवाएं मिलीं; मेडिकल ऑफिसर और ऑक्सीजन गायब थे। लाइसेंस निरस्त करने व ब्लैकलिस्ट करने की संस्तुति।
- सरोज चैरिटेबल ब्लड सेंटर (सीतापुर): बिना ELISA जांच वाले ब्लड बैग टेस्टेड फ्रिज में रखे मिले और 2 यूनिट जारी भी कर दी गईं। तापमान निगरानी अलार्म खराब थे और प्लाज्मा में आरबीसी के अंश मिले।
- कान्हा चैरिटेबल ब्लड सेंटर (प्रयागराज): मेडिकल ऑफिसर और तकनीकी स्टाफ नदारद। स्टेरिलिटी टेस्टिंग बंद थी, उपकरणों का कैलिब्रेशन समाप्त था और डोनर रजिस्टर से विवरण व हस्ताक्षर गायब थे।
- गोमती चैरिटेबल ब्लड सेंटर (शाहजहांपुर): जांच किट न होने के बावजूद बिना ELISA जांच 167 यूनिट रक्त जारी कर दिया गया। बिजली गुल होने से डीप फ्रीजर बंद थे और ब्लड बैग का वजन मनमाने ढंग से तय हो रहा था।
- जीवन सुरक्षा चैरिटेबल ब्लड सेंटर (सम्भल): -80°C डीप फ्रीजर बंद मिला। एफेरेसिस लॉगबुक, ऑक्सीजन, जनरेटर और इमरजेंसी दवाइयां नदारद थीं। मरीजों के फोन नंबर दर्ज न होने से सत्यापन असंभव पाया गया।
- एटा चैरिटेबल ब्लड सेंटर (कासगंज): दोनों दिन डॉक्टर अनुपस्थित मिले। एफएफपी स्टॉक में 67 यूनिट का गंभीर अंतर मिला (रजिस्टर में 238, मौके पर 171)। एचआईवी व हेपेटाइटिस जांच के प्रिंटआउट नहीं मिले।
- श्री जी चैरिटेबल ब्लड सेंटर (अयोध्या): बिना जांच 23 यूनिट रक्त घटक जारी किए गए। अनटेस्टेड खून टेस्टेड फ्रिज में था। सेंट्रीफ्यूज में जंग लगी थी और सरकारी दरों से अधिक पर बिलिंग की जा रही थी।
- ग्रामीण भारत चैरिटेबल ब्लड सेंटर (आगरा): मेडिकल ऑफिसर और तकनीकी स्टाफ अनुपस्थित; डोनर रजिस्टर अधूरे और स्टेरिलिटी प्रोटोकॉल का पूर्ण अभाव मिला।
- मां माया देवी चैरिटेबल ब्लड सेंटर (फिरोजाबाद): डीप फ्रीजर में आरबीसी संदूषित लाल प्लाज्मा मिला। हीमोग्लोबिनोमीटर, मलेरिया किट और ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध नहीं थे।
- जय श्री श्याम चैरिटेबल ब्लड सेंटर (आगरा): बायोमेडिकल वेस्ट निस्तारण और टेस्टिंग रिकॉर्ड्स में भारी हेराफेरी पकड़ी गई। दस्तावेजों की प्रामाणिकता संदिग्ध पाए जाने पर केंद्र बंद कराया गया।
पूर्व में बंद 14 केंद्र और असुरक्षित रक्त के निस्तारण के आदेश
इससे पूर्व एफएसडीए ने लखनऊ के KHS, लिटिल स्टार और रामा चैरिटेबल ब्लड सेंटर सहित आगरा (जय हिंद, श्री बालाजी), मुरादाबाद (पाकवारा), अमरोहा (जीवन-24), बिजनौर (यशवंती), बदायूं (भारत ह्यूमैनिटी), बुलंदशहर (डिबाई), जौनपुर (बदलापुर), लखीमपुर खीरी (अनुभव), गोरखपुर (मन्या) और अलीगढ़ के न्यू बापू ब्लड सेंटर पर ताला जड़ दिया था। उन केंद्रों में -80 डिग्री के स्थान पर 26.7 डिग्री तापमान और फफूंद लगे कंपोनेंट रूम पाए गए थे।
“रक्तदान किसी को जीवनदान देने का जरिया है, न कि मुनाफे के लिए मरीजों की जान जोखिम में डालने का व्यापार। जिन 24 केंद्रों का संचालन रोका गया है, वहां रखे असुरक्षित रक्त और कंपोनेंट्स को सुरक्षित रूप से नष्ट करने के लिए सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट एडवाइजरी जारी की गई है।”



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