ज्येष्ठ माह के दैनिक भंडारे में पौधे बांट कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
लखनऊ। मनकामेश्वर मठ की महंत देव्यागिरि ने वट सावित्री पूजन पर शुक्रवार को सुहागिनों को बरगद के पौधे भेंट किये। ज्येष्ठ माह के दैनिक भंडारे के माध्यम से मनकामेश्वर मठ मंदिर परिसर में आयी सुहागिनों को पौधे देकर “जीव” और “वन” ही है “जीवन” का संदेश दिया। ज्येष्ठ माह के दैनिक भंडारे कर दैनिक सेवा का संदेश दे रही महंत देव्यागिरि ने शुक्रवार को मंदिर परिसर में आयी सुहागिनों को बरगद का पौधे भेंट किये।
उन्होंने कहाकि भारतीय आध्यात्म का पेड़-पौधों से सीधा जुड़ाव है। इसमें खासतौर से तुलसी, पीपल, बरगद, केला, बेल, आम सहित अन्य पेड़-पौधे शामिल है। उन्होंने कहाकि जो गृहणियां किन्हीं कारणों से घर से बाहर बरगद के वृक्ष का पूजन नहीं कर पाती हैं वह बरगद की खंडित डाल पूजने के बजाए घर के आंगन या छत पर गमले में लगे बरगद के पौधे का पूजन करें। उन्होंने कहाकि विश्व भर में लोकप्रिय भारतीय आयुर्वेद को अपना कर व्यक्ति दीर्घायु को आसानी से हासिल कर सकता है। महंत देव्यागिरि ने बताया कि ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की मासिक शिवरात्रि से शुरू होकर वट सावित्री का पूजन माह की अमावस्या को, तीन दिन बाद बरगद की पूजा कर सम्पन्न होता है। शास्त्रों में कहा गया है कि बरगद की जड़ों में ब्रह्मा, तने में विष्णु और डाली-पत्तों पर शिव का वास होता है। उन्होंने बताया कि सावित्री के तप से जुड़ा, वट-सावित्री व्रत, विश्व में आदर्श भारतीय नारी की छवि को पेश करता है। यह पर्व हर भारतीयों के लिए गर्व का विषय है।
न्याय के देवता की मनी जयंती
मंदिर परिसर में शुकव्रार को कृतिका नक्षत्र और शोभन के शुभ योग में वट सावित्री पर्व के अवसर पर विशेष पूजन हुआ। इसमें आदिगंगा मां गोमती के जल से अभिषेक किया गया। उसके बाद दीपक रौशन कर आरती की गई। उसमें कोरोना मुक्ति विश्व के लिए विशेष पूजन किया गया। न्याय के देवता शनि जयंती पर मंदिर में शनि देव महाराज का पूजन अर्चन किया गया।


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