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नृत्य की प्रस्तुति से स्तुति ने की कोरोना का विध्वंस करने की प्रार्थना

“ओ विगनो के हरता, फिर से सजा दो दुनिया सारी”

“सृजन-कोरोना से डरो ना” ऑनलाइन शो के माध्यम से स्तुति जैन ने की नृत्यमय प्रार्थना

लखनऊ। सृजन फाउण्डेशन के फेसबुक लिंक पर मंगलवार 4 मई को “कोरोना से डरो ना, उससे मिल के लड़ो ना-सीजन-2”, ऑनलाइन-शो में स्तुति जैन ने “ओ विगनो के हरता, फिर से सजा दो दुनिया सारी,” पर सुंदर नृत्य किया। इसके माध्यम से उन्होंने भगवान से प्रार्थना की कि वह कोरोना का विध्वंस कर एक बार दोबारा इस धरा को स्वर्ग बना दे। प्रथम देव गणपति की वंदना स्तुति ने करते हुए सबसे पहले नई अग्निपथ फिल्म के लोकप्रिय भजन देवा श्री गणेशा पर जोशीला नृत्य किया। इसके साथ ही उन्होंने जैन गणिनी प्रमुख श्री ज्ञानमती का लोकप्रिय भजन “भगत मां ज्ञानमति का” पर भी सुंदर नृत्य किया। 

सृजन फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ.अमित सक्सेना ने बताया कि इस अभियान में शामिल होने के लिए वॉट्सऐप नम्बर 8887934036 पर संपर्क किया जा सकता है। दैनिक क्रम में यह सृजन फाउण्डेशन के फेसबुक लिंक पर अपडेट किया जाएगा। 

उन्होंने लोगों का आवाह्न किया कि अपने चारों ओर सकारात्मक हो रही गतिविधियों को भी वह वॉट्सऐप पर भेज सकते हैं। उन्होंने चार मई को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय अग्निशमन दिवस पर अग्निशमन में लगे बहादुर जवानों को धन्यवाद दिया। इस दिन को साल 1999 से लगातार अग्निशामकों के सम्मान में मनाया जा रहा है। इस दिन की शुरुआत 2 दिसंबर 1998 को ऑस्ट्रेलिया की झाड़ी में आग लगी के दौरान हुई पांच अग्निशामकों की मौत के बाद की गई थी। इसके साथ ही 4 मई को वैश्विक स्तर पर मनाए जाने वाले कोयला क्रांति दिवस पर कोयला खादन के कठिन कार्य में लगे मजदूरों के प्रति भी लोगों को जागरुक भी किया। भारत में, कोयला खनन का आरम्भ 1774 में हुआ जब ईस्ट इंडिया कंपनी के जॉन समर तथा सुएटोनियस ग्रांट हीटली ने दामोदर नदी के पश्चिमी किनारे के साथ रानीगंज कोलफील्ड में वाणिज्यिक खोज आरम्भ की। साल 1853 में रेलवे द्वारा भाप इंजनों के उपयोग में लाए जाने के बाद से कोयले की मांग में इजाफा हुआ था।

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