📘 🐦 📸
तेज़, सटीक और भरोसेमंद खबरें
🔴 Breaking
Loading news...
Voice of Capital को Google पर पसंदीदा स्रोत बनाएं
ताजा खबरों के लिए हमें Google पर Follow करें

Pages

लखनऊ की इस सीट से जिस दल का जीतेगा विधायक, उसकी बनेगी सरकार

इस सीट पर जिस पार्टी का विधायक जीता उसी की बनती है सरकार

लखनऊ (शम्भू शरण वर्मा)। उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए चुनावी महासंग्राम का शंखनाद हो गया है। सात चरणों में होने वाले चुनाव के पहले चरण के लिए नामांकन भी शुरू हो चुका है। सर्द हवाओं व कड़ाके की ठंड में सियासी पारा अपने चरम पर है। दलबदलू नेताओं में पाला बदलने की होड़ मची है तो टिकट को लेकर दावेदार राजनैतिक दलों ने शीर्ष नेताओं की परिक्रमा कर रहे हैं। अधिकांश सीटों पर अभी तक राजनैतिक दलों ने अपने प्रत्याशी घोषित नहीं किये हैं, जिसको लेकर मंथन जारी है। इसके साथ ही सभी प्रमुख राजनैतिक दल प्रदेश में सरकार बनाने के दावे भी कर रहें हैं। 

वहीं प्रदेश की राजनीति में राजधानी के एक विधानसभा सीट की खास भूमिका रहती है। जो अब दो भागों में विभाजित हो चुकी है। इस सीट पर जो भी पार्टी चुनाव जीतती है उसी पार्टी को सत्ता की चाभी मिलती है और सूबे में वही पार्टी सरकार बनाती है। ये दोनों विधानसभा क्षेत्र हैं लखनऊ उत्तर और बक्शी का तालाब, जो पूर्व में महोना के नाम से जानी जाती थी। कई दशकों से चले आ रहे इस मिथक के चलते इस सीट को जीतने के लिए राजनीतिक दल अपनी पूरी ताकत झोंक देते हैं। चौथे चरण में 23 फरवरी को लखनऊ की सभी सीटों पर मतदान होगा। ऐसे में हर विधानसभा सीट पर चुनावी लड़ाई का दिलचस्प दौर भी शुरू हो गया है। जिसमें लखनऊ उत्तर व बक्शी का तालाब खास बन चुकी है।

शुरुआती दौर में महोना विधानसभा सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी जीतते रहे। लेकिन रामलहर में पहली बार इस सीट पर भारतीय जनता पार्टी का खाता खुला। वर्ष-1991 में भाजपा उम्मीदवार गोमती यादव ने जीत का परचम लहराया और कल्याण सिंह मुख्यमंत्री बने।

वर्ष-2002 में महोना से समाजवादी पार्टी के राजेन्द्र यादव ने जीत दर्ज की थी और सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में सरकार बनी थी। वर्ष-2007 में इस सीट से बसपा के नकुल दुबे जीते और प्रदेश में बसपा प्रमुख मायावती मुख्यमंत्री बनी। वहीं महोना विधानसभा क्षेत्र के विभाजन के बाद वर्ष-2012 में लखनऊ उत्तर और बक्शी का तालाब सीट अस्तित्व में आई। वर्ष-2012 में लखनऊ उत्तर से सपा के अभिषेक मिश्रा व बीकेटी से भाजपा छोड़कर सपा में शामिल हुए गोमती यादव ने जीत दर्ज की और अखिलेश यादव के नेतृत्व में सरकार बनी। जबकि वर्ष-2017 के विधानसभा चुनाव में लखनऊ उत्तर से भाजपा के डा. नीरज बोरा व बीकेटी से भाजपा के अविनाश त्रिवेदी ने जीत का परचम लहराया। पूर्ण बहुमत के साथ यूपी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में भाजपा ने सत्ता संभाली। ऐसे में यूपी में वर्ष-2022 में कौन सी पार्टी सत्ता पर काबिज होगी इसके लिए भी तमाम तरह के कयास लगने शुरू हो चुके हैं। वहीं सभी की निगाहें इन दोनों विधानसभा सीटों पर भी टिकी हुई हैं। हालांकि इन दोनों सीटों पर भाजपा व सपा सहित अन्य दलों ने अपने उम्मीदवार घोषित नहीं किये हैं। सभी राजनीतिक दल अपनी-अपनी पार्टी के सत्ता में आने के दावे कर रहे हैं। इन दावों के साथ अब देखना होगा कि वर्ष-2022 में भी यह रिकॉर्ड बरकरार रहेगा या टूट जाएगा।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

📢 WhatsApp से जुड़ें