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भगवान की कथा से दूर होते हैं जीवन के सभी संशय - आचार्य शिवम शुक्ला

लखनऊ। भगवान शिव श्रीराम के प्रथम आचार्य हैं। भगवान शिव का चरित्र यह शिक्षा देता है कि परिस्थितियां चाहे जितनी विपरीत हो परंतु संयम और धर्म से विपरीत परिस्थितियों में रहकर भी जीवन का आनंद लिया जा सकता है। संशय ही विनाश का कारण है इसलिए कभी संशय नही करना चाहिए।सहारा स्टेट्स जानकीपुरम में स्थित सामुदायिक केंद्र में चल रही श्रीरामकथा के तीसरे दिन बुधवार को कथाव्यास आचार्य शिवम शुक्ला ने बताया कि भगवान शिव के विवाह का वर्णन किया। 

उन्होंने बताया कि भगवान की कथा से जीवन के सभी संसय दूर होते हैं। ईश्वर पर पूर्ण आस्था रखना चाहिए, भगवान की कथा संसय को दूर करने वाली है। रामकथा सुनते सुनते जीवन में एक परिवर्तन जरूर आएगा। आपका आचरण राम जी के आचरण के अनुसार हो जायेगा। जीवन में रघुनाथ जी का आचरण आएगा और रामराज्य की कल्पना साकार होगी। उन्होंने कहा कि अपने जीवन में रामकथा सुनना ही नही है बल्कि राम जी का आचरण अपने जीवन में उतारना है। हर दिन रघुनाथ जी का भजन करें, जीवन को रघुनाथ जी को समर्पित करें आपका जीवन मंगलमय हो जायेगा। रघुनाथ जी आनंद धन है, जीवन में आनंद से आपको भर देंगे। इस मौके पर पार्षद खूशबूराखी मिश्रा, वरिष्ठ भाजपा नेता दीपक मिश्रा के अलावा जेबी सिंह, राजकुमार शुक्ला, आशीष सिंह, सुंदर बहुगुणा, विनय सिंह, स्मृति त्रिवेदी, पंकज श्रीवास्तव, अजीत पांडे, विष्णु सिंह सहित काफी संख्या में भक्त उपस्थित रहे।

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