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स्वतंत्रता आंदोलन में हिंदी साहित्यकारों की भूमिका विषय पर हुई अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी

लखनऊ। साहित्यकारों ने ही अपनी कविताओं के माध्यम से लोगों में जोश भरकर देश को आज़ाद कराया और हम सब आजादी का अमृत महोत्सव वर्ष मना रहे हैं। लेकिन अभी भी आर्थिक, मानसिक, भ्रष्टाचार रूपी गुलामी से हम घिरे हैं, जिन्हें दूर करने का दायित्व भी हम सभी पर है। उपरोक्त विचार उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान के सहयोग से अनुरागिनी संस्था द्वारा इंदिरा नगर स्थित आईसीसीएमआरटी सभागार में आयोजित स्वतंत्रता  आंदोलन में हिंदी साहित्यकारों की भूमिका विषय दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन सत्र में बतौर मुख्य अतिथि मौजूद संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने व्यक्त किए।

उन्होंने कहाकि अनुरागिनी संस्था का देश के आजादी में साहित्यकारों की भूमिका विषय पर संगोष्ठी का यह आयोजन सराहनीय है। वर्तमान सरकार का प्रयास है कि लोग साहित्यिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक रूप से मजबूत हो, अपनी परंपराओं का पालन करें। संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए वरिष्ठ आईएएस एवं प्रमुख सचिव परिवहन एल वेंकटेश्वर लू ने कहा कि जिस प्रकार साधनहीन होकर भी साहित्यकारों ने देश की आजादी की अलख जगाई, उसी प्रकार हम भी गांव गांव जाकर उनकी समस्याओं को दूर करने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि जब तक व्यक्ति सच्चाई के मार्ग का अनुसरण नहीं करता, तब तक उसके प्रयास निष्फल है।

दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी का विषय प्रवर्तन एवम् संस्था के पच्चीस वर्ष की साहित्यिक सांस्कृतिक यात्रा के बारे में अनुरागिनी के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने बताया कि आजादी के अमृत महोत्सव की श्रृंखला में  अनुरागिनी संस्था ने प्रदेश की राजधानी लखनऊ में  संगोष्ठी का आयोजन किया है। जिसमे देश विदेश के दस अतिथि वक्ताओ ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए। द्वितीय दिवस की अतिथि वक्ता डा. करुणा पाण्डेय एवं डा. महेश कुमार पांडेय बजरंग ने अपने वक्तव्यो के माध्यम से देश की आजादी में मुंशी प्रेमचंद, बंकिम चन्द्र चट्टोपाध्याय, शरद चंद, वीर सावरकर, सुभद्रा कुमारी चौहान, माखन लाल चतुर्वेदी द्वारा देश प्रेम पर लिखित गीत उपन्यास पर प्रकाश डाला।
मुख्य अतिथि संस्कृति एवम् पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने डा. अनुज भदौरिया, डा. महेश कुमार पांडेय, भारत सिंह, डा. करुणा पाण्डेय की साहित्यिक साधना पर उनको अंगवस्त्र, श्रीफल, सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया। संचालन डॉ. अनुज भदौरिया ने एवम आभार आईसीसीएमआरटी के सहायक आचार्य डा. राम कोमल प्रजापति ने किया।
कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सहकारी सेवा मंडल के अध्यक्ष जमुना प्रसाद पांडेय पीसीएफ के उप सभापति रमाशंकर जायसवाल, उत्तर प्रदेश औद्यानिक सहकारी फेडरेशन के सभापति नवलेश सिंह, अनुरागिनी संस्था के उपाध्यक्ष कृष्ण कुमार ओझा, उपेंद्र सिंह राजावत, जितेंद्र कुमार पांडेय, सहकार भारती उत्तर प्रदेश के उपाध्यक्ष हिरेंद्र कुमार मिश्रा, डा. देव सिंह, प्रभुनंदन्न मिश्रा, पीयूष मिश्रा, विवेक राय, संजय चौहान, वीके सिंह डॉ. रूपेश कुमार,  उत्तराखंड महापरिषद के महासचिव भारत सिंह बिष्ट सहित कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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