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हाईटेक डिजाइन और विश्वस्तरीय निर्माण का उदाहरण बना गंगा एक्सप्रेसवे

594 किमी लंबा मेगा प्रोजेक्ट, एयरस्ट्रिप, स्मार्ट सुरक्षा और इंडस्ट्रियल ग्रोथ के साथ बदलेगा यूपी का भविष्य

📍 लखनऊ/हरदोई।

मेरठ से प्रयागराज तक फैला गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के विकास का नया सुपर कॉरिडोर बनकर उभर रहा है। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे हाई-स्पीड कनेक्टिविटी के जरिए राज्य को ‘एक्सप्रेसवे स्टेट’ के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है। 120 किमी प्रति घंटे की डिजाइन स्पीड के साथ यह परियोजना यात्रा को तेज, सुरक्षित और सुगम बना रही है।

🚧 हाईटेक डिजाइन और विश्वस्तरीय निर्माण

गंगा एक्सप्रेसवे को आधुनिक इंजीनियरिंग मानकों के अनुरूप विकसित किया गया है।

6 लेन एक्सप्रेसवे (भविष्य में 8 लेन तक विस्तार संभव)

14 दीर्घ सेतु और 165 लघु सेतु

7 रेलवे ओवरब्रिज (ROB)

32 फ्लाईओवर

453 अंडरपास और 795 बॉक्स कलवर्ट

21 इंटरचेंज

यह संरचना एक्सप्रेसवे को पूरी तरह निर्बाध और हाई-कैपेसिटी बनाती है।

🛡️ सुरक्षित और स्मार्ट यात्रा

यात्रियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए:

हर 1 किमी पर सोलर पावर्ड स्मार्ट कैमरे

9 जन-सुविधा परिसर (फूड कोर्ट, फ्यूल, रेस्ट एरिया)

737 किमी लंबी सर्विस रोड

इससे लोकल ट्रैफिक और हाई-स्पीड ट्रैफिक अलग-अलग रहेंगे।

✈️ एयरस्ट्रिप से बढ़ी सामरिक ताकत

एक्सप्रेसवे पर आपातकालीन एयरस्ट्रिप बनाई गई है, जहां भारतीय वायुसेना के फाइटर विमान लैंड और टेकऑफ कर सकेंगे।

यह इसे सिर्फ ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट नहीं, बल्कि सामरिक दृष्टि से भी अहम बनाता है।

📈 इंफ्रास्ट्रक्चर से बदलेगा आर्थिक परिदृश्य

यह एक्सप्रेसवे 12 जिलों को जोड़ता है:

मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज।

👉 इसके फायदे:

यात्रा समय में भारी कमी

व्यापार और लॉजिस्टिक्स में तेजी

इंडस्ट्रियल क्लस्टर का विकास

रोजगार के नए अवसर

🧭 UP बनेगा एक्सप्रेसवे हब

गंगा एक्सप्रेसवे के शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश देश के सबसे मजबूत एक्सप्रेसवे नेटवर्क वाले राज्यों में शामिल हो जाएगा।

यह परियोजना राज्य के इंफ्रास्ट्रक्चर-ड्रिवन ग्रोथ मॉडल को मजबूती देती है और ‘वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी’ लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

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