लखनऊ, 18 मई 2026। 69000 शिक्षक भर्ती मामले में आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों ने सोमवार को लखनऊ में शिक्षा मंत्री के आवास का घेराव किया। अभ्यर्थियों ने आवास के बाहर दंडवत प्रणाम कर धरना-प्रदर्शन किया और सरकार पर मामले को लटकाने का आरोप लगाया।
आंदोलनकारी धनंजय गुप्ता का आरोप: "इस प्रकरण पर सरकार कोई पहल नहीं कर रही, जिस कारण मामला लटकता चला जा रहा है। पहली सुनवाई सुप्रीम कोर्ट में सितंबर 2024 में हुई थी, उसके बाद से लगातार तारीख पर तारीख मिल रही है। सरकार के निस्तारण की मंशा नहीं है।"
अभ्यर्थियों का पक्ष:
1. रिपोर्ट हमारे पक्ष में: राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट, मुख्यमंत्री द्वारा गठित जांच समिति की रिपोर्ट और लखनऊ हाई कोर्ट की डबल बेंच का फैसला हमारे पक्ष में है।
2. न्याय नहीं मिल रहा: "फिर भी हमारे साथ न्याय इसलिए नहीं किया जा रहा क्योंकि हम पिछड़े और दलित समाज से आते हैं।"
3. 6 साल से संघर्ष: "पिछले लगभग छह वर्ष से लगातार संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन हमारी बात नहीं सुनी जा रही।"
19 मई को अहम सुनवाई:
अभ्यर्थियों ने बताया कि आगामी 19 मई को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस दीपंकर दत्ता एवं जॉर्ज मसीह की बेंच में सुनवाई है। "सरकार को कोर्ट में अपना पक्ष रखना है। अगर 19 मई को सरकार अपना पक्ष स्पष्ट रख देती है तो मामला बहुत जल्द निस्तारित हो जाएगा, जिसका इंतजार हम करीब 20 महीने से कर रहे हैं।"
आरोप: "लेकिन सरकार करीब 30 डेट से सिर्फ सुप्रीम कोर्ट में डेट लेकर भागने का काम करती है। सुनवाई न होने से सभी अभ्यर्थी आहत हैं।


0 टिप्पणियाँ