लखनऊ/ नई दिल्ली। भारत सरकार द्वारा वर्ष 2027 में प्रस्तावित जनगणना की तैयारियां तेज हो गई हैं। इस संबंध में आज लखनऊ में शीतल वर्मा निदेशक एवं मुख्य प्रभार जनगणना कार्य निदेशालय व निदेशक पीआईबी, सीबीसी दिलीप शुक्ल ने संयुक्त प्रेस वार्ता करते हुए विस्तृत जानकारी दी कि जनगणना 2027 दो चरणों में संपन्न होगी, जिसमें पहला चरण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना और दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा।
📌 क्या है खास?
भारत की जनगणना विश्व की सबसे बड़ी प्रशासनिक और सांख्यिकीय प्रक्रिया मानी जाती है।
देश में पहली जनगणना वर्ष 1872 में हुई थी, जबकि 1881 से नियमित रूप से एक साथ पूरे देश में जनगणना होती आ रही है।
वर्ष 2027 की जनगणना स्वतंत्रता के बाद 8वीं और कुल मिलाकर 16वीं जनगणना होगी।
📅 कब होगा कौन सा चरण?
प्रथम चरण (मकान सूचीकरण):
22 मई से 20 जून 2026
स्व-गणना (ऑनलाइन विकल्प):
7 मई से 21 मई 2026
द्वितीय चरण (जनसंख्या गणना):
फरवरी 2027
💻 पहली बार डिजिटल जनगणना
इस बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जाएगी। नागरिकों को स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी दिया जाएगा, जिसमें वे स्वयं अपनी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर भर सकेंगे।
स्व-गणना के बाद एक SE ID जनरेट होगी, जिसे गणनाकर्मी (Enumerator) के साथ साझा करना होगा।
🏠 घर-घर पहुंचेगी टीम
गणनाकर्मी 22 मई से 20 जून 2026 के बीच घर-घर जाकर:
मकानों की स्थिति
परिवारों को उपलब्ध सुविधाएं
परिसंपत्तियों से जुड़ी जानकारी
मोबाइल ऐप के जरिए एकत्र करेंगे।
🔒 गोपनीयता की गारंटी
जनगणना अधिनियम 1948 के तहत सभी व्यक्तिगत जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी।
किसी भी जांच या कानूनी प्रक्रिया में इनका उपयोग नहीं होगा
केवल योजनाओं और नीतियों के निर्माण के लिए आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा
👨💼 बड़े स्तर पर होगी तैनाती
राज्य में इस कार्य के लिए करीब 5.25 लाख अधिकारी और कर्मचारी लगाए जाएंगे, जिनमें:
जिला व तहसील स्तर के अधिकारी
मास्टर ट्रेनर्स और फील्ड ट्रेनर्स
लगभग 5 लाख गणनाकर्मी शामिल होंगे
📊 कितना बड़ा होगा अभियान?
75 जिलों, 783 नगरीय निकायों और 350 तहसीलों में जनगणना
करीब 1.04 लाख गांवों को कवर किया जाएगा
लगभग 3.9 लाख ब्लॉकों में काम होगा
☎️ हेल्पलाइन नंबर जारी
जनसामान्य की सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 1855 जारी किया गया है।
📣 मीडिया और जनता से अपील
सरकार ने मीडिया से सही और प्रमाणिक जानकारी प्रसारित करने तथा अफवाहों का खंडन करने की अपील की है।
साथ ही नागरिकों से अनुरोध किया गया है कि वे:
जनगणना में पूरा सहयोग करें
सही और सटीक जानकारी दें
स्व-गणना विकल्प का अधिक से अधिक उपयोग करें
जनगणना 2027 न सिर्फ देश की आबादी का आंकड़ा देगी, बल्कि भविष्य की योजनाओं और विकास की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी। डिजिटल प्रक्रिया इसे पहले से ज्यादा तेज, पारदर्शी और प्रभावी बनाएगी।
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