लखनऊ में 'सावरकर जयंती महोत्सव 2026' की धूम: मंत्रियों और दिग्गजों ने सावरकर के विचारों को बताया आज भी प्रासंगिक
लखनऊ। स्वातंत्र्यवीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती के अवसर पर राजधानी लखनऊ के गोमती नगर स्थित छत्रपति शाहूजी महाराज भागीदारी भवन में 'माय होम इंडिया' संस्था द्वारा "स्वातंत्र्यवीर सावरकर जयंती महोत्सव 2026" का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रवाद, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक चेतना और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में सावरकर के योगदान पर केंद्रित एक गरिमापूर्ण वैचारिक संगोष्ठी आयोजित हुई। इस भव्य महोत्सव में राजनीति, साहित्य और सामाजिक क्षेत्र की कई जानी-मानी हस्तियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता की।
दीप प्रज्वलन और पुष्पांजलि से शुभारंभ: कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि व उपस्थित सभी गणमान्य व्यक्तियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर एवं महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वातंत्र्यवीर सावरकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करके किया गया। संगोष्ठी के दौरान वक्ताओं ने वीर सावरकर के जीवन संघर्ष, राष्ट्र निर्माण के विचारों और सामाजिक सुधारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। वक्ताओं ने रेखांकित किया कि सावरकर केवल एक क्रांतिकारी स्वतंत्रता सेनानी ही नहीं थे, बल्कि वे समाज सुधार, वैज्ञानिक सोच और राष्ट्रीय एकता के भी प्रबल समर्थक थे।
कवि राजपाल सिंह की कविताओं पर गूंजा सभागार
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण प्रख्यात कवि एवं लेखक राजपाल सिंह की ओजस्वी काव्य प्रस्तुति रही। उन्होंने अपनी सशक्त और देशभक्ति से ओत-प्रोत रचनाओं के माध्यम से वीर सावरकर के त्याग, तपस्या और राष्ट्रसमर्पण को मंच पर जीवंत कर दिया। उनकी इन पंक्तियों ने पूरे सभागार में जोश भर दिया:
इतना आसान नहीं है सावरकर हो जाना।"
राजपाल सिंह ने राष्ट्र की सुरक्षा, सांस्कृतिक अस्मिता और वर्तमान समाज की चुनौतियों पर भी मुखर होकर अपने विचार रखे, जिसका उपस्थित श्रोताओं ने खड़े होकर और जोरदार तालियों के साथ स्वागत किया।
मंच से दिग्गजों ने साझा किए विचार
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• वीर सावरकर साहस के अनुपम उदाहरण: बेबी रानी मौर्य
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि और उत्तर प्रदेश सरकार की महिला कल्याण, बाल विकास एवं पुष्टाहार मंत्री श्रीमती बेबी रानी मौर्य ने कहा कि वीर सावरकर का जीवन देश के हर नागरिक के लिए राष्ट्रभक्ति, साहस और आत्मबल का सबसे बड़ा उदाहरण है। -
• युवा अपनाएं सावरकर के विचार: असीम अरुण
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री असीम अरुण ने अपने संबोधन में युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने का आह्वान करते हुए कहा कि सावरकर का जीवन साहस, समर्पण और देशभक्ति की अनुपम मिसाल है। उन्होंने युवाओं से सावरकर के क्रांतिकारी और प्रगतिशील विचारों को अपने जीवन में आत्मसात करने की अपील की। -
• राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करते हैं सावरकर के विचार: कृपा शंकर सिंह
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे महाराष्ट्र के पूर्व गृह राज्य मंत्री कृपा शंकर सिंह ने कहा कि देश को हमेशा आगे रखने, राष्ट्रहित सर्वोपरि मानने और राष्ट्र सेवा की प्रेरणा हमें वीर सावरकर के जीवन संघर्ष से मिलती है। -
• राष्ट्रीय एकता अभियानों से जुड़ें युवा: सुनील देवधर
'माय होम इंडिया' के संस्थापक और मुख्य वक्ता सुनील देवधर ने संगठन द्वारा देश भर में चलाए जा रहे सामाजिक एवं राष्ट्रीय एकता के अभियानों की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि सावरकर के विचार आज भी भारत की राष्ट्रीय अस्मिता को सही दिशा देने का कार्य कर रहे हैं। -
• भारतीय राष्ट्रचेतना के प्रखर प्रवक्ता: डॉ. सतीश द्विवेदी
पूर्व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. (डॉ.) सतीश द्विवेदी ने सावरकर को भारतीय राष्ट्रचेतना का प्रखर प्रवक्ता बताते हुए कहा कि देश के लिए उनके योगदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता।
रामप्रताप सिंह और शिवप्रताप सिंह (छोटू) के नेतृत्व में सफल आयोजन
इस भव्य महोत्सव का सफल आयोजन भाजपा नेता रामप्रताप सिंह, शिवप्रताप सिंह (छोटू) एवं उनकी टीम के नेतृत्व में किया गया। पूरी टीम ने आयोजन की सभी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समारोह के अंत में उपस्थित लोगों ने स्वातंत्र्यवीर सावरकर को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।


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