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अलीगंज अग्निकांड के बाद एक्शन में LDA, अवैध कमर्शियल बिल्डिंग को बिल्डर ने खुद तोड़ना किया शुरू

Aliganj Fire Accident: अलीगंज अग्निकांड के बाद एलडीए का एक्शन, बिल्डर ने खुद हटाया अवैध निर्माण

अलीगंज अग्निकांड: एलडीए के सख्त रुख के बाद बिल्डर ने खुद हटाना शुरू किया अवैध निर्माण, मिली थी 25 जुलाई तक की मोहलत

लखनऊ। अलीगंज सेक्टर-डी में हुए भीषण अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने अपनी कार्रवाई को काफी तेज कर दिया है। प्राधिकरण के सख्त रवैये और ध्वस्तीकरण आदेश के दबाव में आकर अब बिल्डर ने सोमवार से खुद ही भूखंड संख्या एमएस-102 पर निर्मित अवैध व्यावसायिक भवन के स्ट्रक्चर को हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि वीरेंद्र शुक्ला, सुरेंद्र शुक्ला व अन्य द्वारा अलीगंज सेक्टर-डी स्थित भूखंड संख्या एमएस-102 पर अवैध रूप से इस व्यावसायिक भवन का निर्माण कराया गया था, जिसके खिलाफ विहित प्राधिकारी न्यायालय ने ध्वस्तीकरण के आदेश जारी किए थे।

📅 नोटिस से लेकर ध्वस्तीकरण आदेश तक की समय-सारणी:

  • 23 जून 2026: उत्तर प्रदेश नगर योजना एवं विकास अधिनियम की धारा-27(1) के तहत अवैध निर्माण के खिलाफ पहला नोटिस जारी किया गया।
  • 07 जुलाई: प्रकरण की सुनवाई के दौरान विपक्षी को निर्माण की वैधता से संबंधित साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर मिला और पहली सुनवाई संपन्न हुई।
  • 08 जुलाई: विपक्षी की ओर से मामले में आपत्ति दाखिल की गई।
  • 09 जुलाई: एलडीए प्रवर्तन जोन-4 की ओर से जवाब प्रस्तुत किए जाने के बाद सभी तथ्यों की गहन समीक्षा की गई।
  • 10 जुलाई 2026: विहित प्राधिकारी न्यायालय ने भवन निर्माण को पूर्णतः अवैध घोषित करते हुए इसे ध्वस्त करने का अंतिम आदेश जारी कर दिया।

⏳ 25 जुलाई तक मिली थी मोहलत, पहले ही शुरू हुआ काम

10 जुलाई को जारी आदेश के तहत एलडीए ने भवन स्वामी को स्वयं अवैध निर्माण हटाने के लिए 15 दिन का समय (यानी 25 जुलाई तक की मोहलत) दिया था। एलडीए द्वारा दी गई यह समय-सीमा पूरी होने से पहले ही सोमवार को भवन स्वामी की ओर से अवैध स्ट्रक्चर हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

👷 सुरक्षा मानकों का पालन करने के कड़े निर्देश

बिल्डर द्वारा स्वयं निर्माण हटाए जाने की सूचना मिलने पर प्रवर्तन जोन-4 के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार ने अपनी टीम के साथ मौके का मुआयना किया:

  • बारिश में सुरक्षा जरूरी: जोनल अधिकारी ने मौके पर मौजूद प्रतिनिधियों को कड़े निर्देश दिए कि वर्तमान में बरसात के मौसम को देखते हुए ध्वस्तीकरण के दौरान सुरक्षा मानकों का पूरी तरह से पालन किया जाए।
  • लापरवाही पर जिम्मेदारी तय: उन्होंने स्पष्ट किया कि काम के दौरान किसी भी तरह की लापरवाही या दुर्घटना होने पर इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित पक्ष की ही होगी।

एलडीए प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि 25 जुलाई की अवधि समाप्त होने के बाद प्राधिकरण की टीम स्थल की अंतिम जांच करेगी। यदि बिल्डर द्वारा ध्वस्तीकरण आदेश का पूर्ण अनुपालन नहीं पाया गया, तो लखनऊ विकास प्राधिकरण अपने स्तर से भारी मशीनरी के जरिए अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई करेगा।

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