लखनऊ में सर्वोच्च न्यायालय की एमिकस क्यूरी टीम ने किया अवैध निर्माण का स्थलीय सर्वे: अलीगंज, गोमती नगर विस्तार और वेलनेस सिटी में कार्रवाई का लिया जायजा
लखनऊ: माननीय सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) द्वारा नामित एमिकस क्यूरी (न्याय मित्र) के 6 सदस्यीय दल ने आईआईटी दिल्ली (IIT Delhi) के विशेषज्ञों के साथ शनिवार को राजधानी लखनऊ के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध निर्माण और अवैध प्लाटिंग के खिलाफ की गई कार्रवाई का स्थलीय सत्यापन किया। टीम ने अलीगंज अग्निकांड स्थल सहित आवासीय भू-उपयोग में बने 51 चिन्हित अवैध व्यावसायिक भवनों की स्थिति देखी। इसके साथ ही गोमती नगर विस्तार और वेलनेस सिटी में लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) द्वारा हाल ही में ध्वस्त की गई अवैध कॉलोनियों का मुआयना किया।
📌 सुप्रीम कोर्ट टीम के सर्वे के मुख्य बिंदु:
- सर्वेक्षक दल: सुप्रीम कोर्ट द्वारा नामित 6 सदस्यीय एमिकस क्यूरी दल एवं आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर।
- प्रमुख केस संदर्भ: शीर्ष अदालत में विचाराधीन 'लोकनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य सरकार' याचिका।
- अलीगंज क्षेत्र: सेक्टर-डी में हुए अग्निकांड के बाद आवासीय भू-उपयोग में बने 51 चिन्हित व्यावसायिक निर्माणों की सीलिंग व ध्वस्तीकरण की जांच।
- गोमती नगर विस्तार व वेलनेस सिटी: पुलिस मुख्यालय के पीछे सरसवां एवं वेलनेस सिटी परियोजना क्षेत्र में ध्वस्त अवैध प्लाटिंग का स्थलीय निरीक्षण।
- आगामी कदम: टीम अपनी विस्तृत तकनीकी और विधिक रिपोर्ट सीधे सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करेगी।
📊 एमिकस क्यूरी द्वारा निरीक्षण किए गए प्रमुख क्षेत्र एवं बिंदु
| निरीक्षण स्थल | उल्लंघन / प्रकरण का प्रकार | सत्यापित कार्रवाई |
|---|---|---|
| अलीगंज (सेक्टर-डी) | 22 जून 2026 को आवासीय भूखंड पर बने अवैध कॉम्प्लेक्स में अग्निकांड | अवैध बिल्डिंग का ध्वस्तीकरण |
| अलीगंज आवासीय क्षेत्र | आवासीय लैंड-यूज के विपरीत बने 51 व्यावसायिक भवन | सीलिंग एवं ध्वस्तीकरण आदेशों का सत्यापन |
| गोमती नगर विस्तार (सरसवां) | पुलिस मुख्यालय के पीछे बिना ले-आउट पास कराई गई अवैध प्लाटिंग | एलडीए द्वारा बुलडोजर से की गई डिमोलिशन ड्राइव |
| वेलनेस सिटी परियोजना क्षेत्र | प्रस्तावित टाउनशिप क्षेत्र में विकसित हो रहे अवैध निर्माण | अवैध बाउंड्री व स्ट्रक्चर को गिराए जाने का मुआयना |
सुप्रीम कोर्ट में 'लोकनाथन बनाम तमिलनाडु' केस से जुड़ा है मामला
उल्लेखनीय है कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय देश के प्रमुख महानगरों में अनियंत्रित और मास्टर प्लान के विपरीत हो रहे अवैध निर्माणों को लेकर 'लोकनाथन बनाम तमिलनाडु राज्य सरकार' मामले में सख्त सुनवाई कर रहा है। इसी सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने लखनऊ विकास प्राधिकरण और नगर निगम के अधिकारियों को तलब किया था।
अदालत ने 22 जून 2026 को अलीगंज सेक्टर-डी स्थित एक आवासीय भूखंड पर गैरकानूनी ढंग से संचालित कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में लगी भीषण आग का संज्ञान लेते हुए जवाब-तलब किया था। एलडीए द्वारा अदालत में यह स्वीकार किया गया था कि अलीगंज में आवासीय लैंड-यूज के विपरीत 51 अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठान चिन्हित किए गए हैं। न्यायालय ने इन दावों की निष्पक्ष जांच और वास्तविक जमीनी हकीकत परखने के लिए एमिकस क्यूरी को सर्वे का आदेश दिया था।
एलडीए के वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद, सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होगी रिपोर्ट
"सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नामित एमिकस क्यूरी और तकनीकी विशेषज्ञों ने प्राधिकरण द्वारा की गई सीलिंग व ध्वस्तीकरण की हर पत्रावली और जमीनी स्थिति का मिलान किया है। सर्वे दल ने भौतिक रूप से देखा कि सील किए गए भवनों में वाणिज्यिक गतिविधियां पूरी तरह बंद हैं या नहीं और ध्वस्त प्लाटिंग की जमीन को कैसे सुरक्षित रखा गया है।"
— लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA)
निरीक्षण के दौरान एलडीए के अपर सचिव सी.पी. त्रिपाठी, अपर सचिव ज्ञानेन्द्र वर्मा, संबंधित जोनों के जोनल अधिकारी और प्रवर्तन दल के अभियंता उपस्थित रहे। अधिकारियों ने सर्वे टीम को मानचित्र स्वीकृति, नोटिस तामीला और ध्वस्तीकरण की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराया।


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