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यूपी में आयुष्मान योजना के नाम पर अवैध वसूली करने वाले अस्पतालों पर ₹1.16 करोड़ का जुर्माना, कई सस्पेंड

Ayushman Yojana UP: आयुष्मान योजना में अवैध वसूली पर योगी सरकार सख्त, दोषी अस्पतालों पर ₹1.16 करोड़ का जुर्माना

अनियमितताओं पर जीरो टॉलरेंस: उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों से अवैध नकद वसूली और अपकोडिंग करने वाले अस्पतालों पर साचीज (SACHIIS) ने बड़ा हंटर चलाया है। गड़बड़ी करने वाले अस्पतालों पर ₹1.16 करोड़ का भारी जुर्माना लगाने के साथ ही बार-बार नियम तोड़ने वाले केंद्रों को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं दूसरी तरफ, 800 अस्पतालों को मरीजों को बेहतर इलाज देने के लिए खास डिजिटल ट्रेनिंग भी दी गई है।

लखनऊ, 11 जुलाई 2026: योगी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण और तकनीक आधारित बनाने की दिशा में लगातार कड़े कदम उठा रही है। इसी क्रम में साचीज द्वारा प्रधानमंत्री जन आरोग्य (आयुष्मान भारत) योजना के तहत पूरे राज्य में विशेष गुणवत्ता सुधार अभियान चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गरीब मरीजों को बिना किसी शोषण के सुरक्षित और सम्मानजनक उपचार मिल सके।

📊 साचीज (SACHIIS) की कार्रवाई और डिजिटल ट्रेनिंग के मुख्य आंकड़े

🏥 डिजिटल प्रशिक्षित अस्पताल 800 अस्पताल (NABH से मान्यता प्राप्त)
🏛️ प्रशिक्षण प्रदाता संस्थान राज्य स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण संस्थान, लखनऊ
💰 कुल लगाया गया जुर्माना ₹1.16 करोड़ (चालू वित्तीय वर्ष में)
💵 अब तक की गई कुल वसूली लगभग ₹60 लाख
🛡️ बार-बार नियम तोड़ने पर ऐक्शन अस्पतालों को योजना के पैनल से निलंबन (Suspension)

🎯 साचीज का मेगा प्लान: 800 अस्पतालों की ट्रेनिंग और सख्त निगरानी

  • 🖥️ डिजिटल मिशन के मानकों पर ट्रेनिंग: एनएबीएच (NABH) मान्यता प्राप्त 800 अस्पतालों को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की जटिल प्रक्रियाओं और तकनीकी प्रणालियों को समझने के लिए प्रशिक्षित किया गया है। साथ ही मौके पर ही उनकी शिकायतों व समस्याओं को दूर किया गया।
  • 💰 मिलेगी प्रोत्साहन राशि: भारत सरकार की व्यवस्था के तहत जो अस्पताल इन कड़े गुणवत्ता मानकों का पूरी ईमानदारी से पालन करेंगे, उन्हें शासन की ओर से अलग से इंसेंटिव (प्रोत्साहन राशि) भी दी जाएगी।
  • शेष जुर्माने वाले अस्पतालों पर रोक: कुल ₹1.16 करोड़ के जुर्माने में से वसूले गए ₹60 लाख के अलावा, जिन अस्पतालों ने बची हुई राशि नहीं चुकाई है, उनके सरकारी भुगतान (Clearance) पर तुरंत रोक लगा दी गई है।
  • 🏥 केंद्र सरकार के अस्पताल भी जुड़ेंगे: स्वास्थ्य तंत्र को और मजबूत करने के लिए राज्य में अब केंद्र सरकार के बड़े अस्पतालों को भी इस नेटवर्क से जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है, जिससे मरीजों को और अधिक सुपर-स्पेशियलिटी इलाज मिल सकेगा।
"संख्या नहीं, पारदर्शिता और मरीज-केंद्रित सेवा हमारा लक्ष्य"

"हमारा ध्यान केवल कागजों पर आयुष्मान पैनल में शामिल अस्पतालों की संख्या बढ़ाना नहीं है, बल्कि एक ऐसा मजबूत और ईमानदार नेटवर्क तैयार करना है जो पारदर्शिता और मरीज-केंद्रित सेवाओं के ऊंचे मानकों पर खरा उतरे। मरीजों से अवैध वसूली, गलत बिलिंग (अपकोडिंग) या इलाज की गुणवत्ता में लापरवाही बरतने वाले किसी भी अस्पताल को बख्शा नहीं जाएगा। नियमों का बार-बार उल्लंघन करने वाले सीधे सस्पेंड किए जा रहे हैं।"
— अर्चना वर्मा, सीईओ (साचीज, उत्तर प्रदेश)

साचीज की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई के बाद प्रदेश भर के निजी और डिफाल्टर अस्पतालों में खलबली मच गई है। सरकार के इस कड़े रुख और डिजिटल सुधारों से उन लाखों आयुष्मान कार्ड धारकों को बड़ी राहत मिलेगी, जिन्हें कई बार निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज होने के बावजूद अतिरिक्त पैसों के लिए परेशान होना पड़ता था।

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