शहर में गूंजे 'जय जगन्नाथ' के जयघोष: लखनऊ के प्रमुख मंदिरों से धूमधाम से निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी हुए शामिल
- चौक के ऐतिहासिक चारों धाम मंदिर से चांदी की पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण पर निकले महाप्रभु।
- इस्कॉन मंदिर की रथयात्रा में शामिल हुए उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, रास्ते में की 'स्वर्णिम झाड़ू सेवा'।
- लेटे हनुमान जी मंदिर पर महाप्रभु का विशेष अभिषेक, पांच नावों के जरिए गोमती नदी में कराई गई नौका विहार।
लखनऊ: राजधानी लखनऊ में प्रभु भक्ति का एक अद्भुत नजारा देखने को मिला, जब विभिन्न मंदिरों से भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गयी। इस धार्मिक आयोजन में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। चारों तरफ गूंज रहे 'जय जगन्नाथ' के गगनभेदी जयघोष के बीच भक्तों ने भक्तिभाव से रथ की डोर खींची और महाप्रभु की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
चारों धाम मंदिर (रानी कटरा) से निकली ऐतिहासिक पालकी यात्रा
शहर की सबसे ऐतिहासिक रथयात्रा चौक स्थित चारों धाम मंदिर, रानी कटरा से निकाली गई। यहाँ भगवान जगन्नाथ, भाई बालभद्र और माता सुभद्रा चांदी की भव्य पालकी में सवार होकर नगर भ्रमण को निकले। सुबह विशेष पूजन, अभिषेक और महाआरती के बाद शुरू हुई यह पालकी यात्रा रानी कटरा, चौपटिया, दिलाराम बारादरी, नेपियर रोड कॉलोनी और सराय माली खा होते हुए वापस चौपटिया पहुंची, जहां भगवान ने विश्राम किया। इस पूरे मार्ग में भक्तों ने जमकर प्रसाद वितरण किया।
इस पावन अवसर पर भगवान जगन्नाथ जी को लखनऊ की परंपरा के अनुसार कढ़ी-चावल, चने की दाल, जामुन, बड़हल और आम का विशेष भोग लगाया गया, जिसे बाद में महाप्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं में वितरित किया गया।
इस्कॉन की रथयात्रा में पहुंचे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक
इस्कॉन मंदिर की तरफ से चारबाग स्थित रविंद्रालय से भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा का भव्य शुभारंभ किया गया। इस ऐतिहासिक यात्रा में उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने न केवल महाप्रभु के रथ का संचालन किया, बल्कि रथ के आगे रास्ते की साफ-सफाई कर झाड़ू सेवा भी अर्पित की। डिप्टी सीएम ने कहा कि इस तरह के आयोजन हम सभी के भीतर एक नई आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं।
इस यात्रा का मुख्य आकर्षण 'मुकुंद बैंड' की मनमोहक प्रस्तुतियां रहीं, जिसने पूरे मार्ग को भक्तिमय संगीत से सराबोर कर दिया। रथयात्रा चारबाग से शुरू होकर नाका, बांसमंडी होते हुए हजरतगंज की ओर अग्रसर हुई। पूरे रास्ते में विभिन्न सामाजिक व धार्मिक संगठनों द्वारा पुष्पवर्षा कर महाप्रभु का स्वागत किया गया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे।
श्री माधव मंदिर से हल्की फुहारों के बीच खिंचा रथ
इसी क्रम में डालीगंज स्थित श्री माधव मंदिर से शाम के समय घुमड़ते बादलों और हल्की बारिश की फुहारों के बीच दिव्य रथयात्रा निकाली गयी। महाप्रभु जैसे ही सुसज्जित रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण के लिए निकले, तो पूरा डालीगंज क्षेत्र जय जगन्नाथ, जय माई सुभद्रा और जय बलदेव के जयघोष से गुंजायमान हो उठा। श्रद्धालुओं ने रथ की रस्सी खींचकर यात्रा प्रारंभ कराई। मार्गभर में इत्र वर्षा और स्वर्णिम झाड़ू सेवा से भगवान का अभिनंदन किया गया।
इससे पूर्व मंदिर परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच 56 प्रकार के भोग अर्पित किए गए। इस दौरान भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. नीरज सिंह, लखनऊ महानगर अध्यक्ष आनंद द्विवेदी, उत्तर विधानसभा विधायक डॉ. नीरज बोरा, एमएलसी राम चंद्र प्रधान, अवनीश कुमार सिंह, बिहारी लाल साहू, भारत भूषण गुप्ता समेत कई वरिष्ठ नेताओं और स्थानीय व्यापारियों ने आरती उतारकर अपनी श्रद्धा निवेदित की।
लेटे हनुमान जी मंदिर: गोमती नदी में नौका विहार पर निकले महाप्रभु
रथयात्रा के पावन अवसर पर प्रसिद्ध लेटे हनुमान जी मंदिर पर भी विशेष अनुष्ठान किए गए। यहाँ भगवान जगन्नाथ, बलभद्र भैया एवं सुभद्रा माता का जलाभिषेक किया गया, जिसके बाद भक्तों ने मूर्तियों को लेकर मंदिर परिसर की परिक्रमा की। इसके बाद एक बेहद आकर्षक आयोजन के तहत भगवान को पांच सुसज्जित नावों के माध्यम से आदिगंगा गोमती नदी में नौका विहार (भ्रमण) कराया गया।
गोमती तट पर भी भगवान को कढ़ी-चावल, चने की दाल, बड़हल और जामुन का पारंपरिक भोग लगाया गया। इस अवसर पर लक्ष्य ग्रुप की प्रमुख उषा अग्रवाल, अल्केश सोती, अखिलेश कुमार, सुरेंद्र प्रहलाद अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, रिद्धि गौड़, अजय मेहरोत्रा, शैलेंद्र शर्मा, अभिषेक खरे, नीरज अवस्थी, मोहित शर्मा, प्रीति वासने और शाहिद सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

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