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ऊंचाइयों पर यूपी कॉन्क्लेव: हनुमानगढ़ी पर नमाज पढ़वाने वाले आज हिंदू धामों को बना रहे निशाना, सीएम योगी का करारा प्रहार

ऊंचाइयों पर यूपी: 'रिपब्लिक भारत' कॉन्क्लेव में सीएम योगी ने गिनाईं 9 वर्षों की ऐतिहासिक उपलब्धियां

अयोध्या की आड़ में देश की अस्मिता पर प्रहार करने वालों को सीएम योगी का करारा जवाब, गिनाईं 9 वर्षों की विकास गाथा

📍 लखनऊ | 📅 14 जुलाई, 2026
  • 'रिपब्लिक भारत' चैनल के विशेष कॉन्क्लेव 'ऊंचाइयों पर यूपी' में गरजें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
  • यूपी को मिले 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव; 'बीमारू' मानसिकता से उबरकर 3 गुना हुई प्रदेश की अर्थव्यवस्था।
  • गरीबों के हक पर डकैती डालने और हनुमानगढ़ी पर नमाज पढ़वाने का कुत्सित प्रयास करने वाले बना रहे हिंदू धामों को निशाना।

लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राष्ट्र विरोधी और तुष्टिकरण की राजनीति करने वाली ताकतों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिनके लिए राष्ट्र सर्वोपरि नहीं है, वे देश की अस्मिता व आस्था पर लगातार प्रहार कर रहे हैं। श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के मामले में ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी निष्पक्ष जांच कर रही है और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है, यहाँ तक कि नैतिक आधार पर इस्तीफे भी हुए हैं। लेकिन, इस घटना की आड़ में जो लोग हिंदू धामों पर प्रहार कर रहे हैं, ये वही लोग हैं जो गरीबों के हक पर डकैती डालते थे और हनुमानगढ़ी जैसे पवित्र स्थल पर नमाज पढ़वाने का कुत्सित प्रयास करते थे।

मुख्यमंत्री मंगलवार को लखनऊ में आयोजित 'रिपब्लिक भारत' न्यूज़ चैनल के विशेष कॉन्क्लेव 'ऊंचाइयों पर यूपी' को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने पिछले 9 वर्षों से अधिक समय के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश में आए युगांतकारी परिवर्तनों और ऐतिहासिक उपलब्धियों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में यूपी 'बीमारू' राज्य की श्रेणी से बाहर निकलकर आज देश की शीर्ष तीन अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है।

"2017 से पहले यूपी में हर तीसरे दिन दंगा होता था और महीनों कर्फ्यू रहता था। बेटी और व्यापारी असुरक्षित थे। लोग बेटियों की सुरक्षा के लिए उन्हें स्कूल भेजना तक बंद कर देते थे। वास्तव में यूपी बीमारू नहीं था, बीमार वो मानसिकता थी जो 2017 से पहले शासन कर रही थी।" - योगी आदित्यनाथ

बदलते उत्तर प्रदेश के मुख्य आर्थिक आंकड़े

50 लाख करोड़
कुल निवेश प्रस्ताव मिले
9 लाख करोड़
यूपी का वर्तमान बजट
36 लाख करोड़
कुल जीएसडीपी (GSDP)
< 3 प्रतिशत
बेरोजगारी दर रह गई

एक्सप्रेसवे और इंफ्रास्ट्रक्चर की रची महागाथा

सीएम ने विकास कार्यों का ब्यौरा देते हुए कहा कि आज देश के कुल एक्सप्रेसवे में 60 प्रतिशत की हिस्सेदारी अकेले उत्तर प्रदेश की है। पूर्वांचल, बुंदेलखंड, गोरखपुर लिंक और देश का सबसे बड़ा गंगा एक्सप्रेसवे राज्य की नई पहचान हैं। इसके साथ ही, देश का पहला इनलैंड वॉटरवे, रैपिड रेल व रोपवे के साथ वाराणसी भी देश में अनूठी मिसाल पेश कर रहा है। सबसे ज्यादा डोमेस्टिक व इंटरनेशनल एयरपोर्ट और मेट्रो का संचलान भी यूपी में ही हो रहा है।

एमएसएमई और ओडीओपी (ODOP) से सवा तीन करोड़ रोजगार

सुरक्षा के बेहतरीन माहौल के कारण ही राज्य को 50 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव मिले हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ के प्रोजेक्ट धरातल पर उतर चुके हैं। 'एक जिला-एक उत्पाद' (ODOP) योजना के तहत 75 जिलों के 79 उत्पादों को जीआई टैग से जोड़ा गया है। वर्तमान में 96 लाख एमएसएमई यूनिट्स कार्यरत हैं, जिनमें सवा तीन करोड़ युवाओं को रोजगार मिला है। आज यूपी 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ओडीओपी उत्पादों का दुनिया भर में निर्यात कर रहा है।

गन्ना किसान, चीनी और एथेनॉल में यूपी नंबर-1

पिछली सरकारों में बंद हो रही चीनी मिलों के इतिहास को बदलते हुए मौजूदा सरकार ने 122 चीनी मिलों का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया है। सरकार ने अब तक 3.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक का रिकॉर्ड गन्ना मूल्य भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया है, जिससे देश के अंदर गन्ना, चीनी व एथेनॉल उत्पादन में यूपी शीर्ष पायदान पर पहुंच गया है। साथ ही 24 लाख हेक्टेयर भूमि को नई सिंचाई सुविधाएं भी प्रदान की गई हैं।

युवाओं को सरकारी नौकरी और गरीब कल्याण योजनाएं

रोजगार के मोर्चे पर बोलते हुए सीएम योगी ने कहा कि 9 लाख से अधिक युवाओं को निष्पक्षता के साथ सरकारी नौकरी दी गई है, जिसमें अकेले यूपी पुलिस में 2.25 लाख से अधिक भर्तियां शामिल हैं। पुलिस बल में महिला कर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़ाकर 45 हजार कर दी गई है। इसके अलावा, राज्य के 16 करोड़ गरीब परिवारों को मुफ्त राशन और 1.6 करोड़ पात्रों को वृद्धावस्था, निराश्रित महिला व दिव्यांगजन पेंशन के रूप में ₹12,000 सालाना दिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला और सामूहिक विवाह जैसी योजनाओं ने गरीब परिवारों को बड़ी संबल दी है।

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