Health Education: "सीपीआर जीवन बचाने की कला है, हर छात्र को मिलना चाहिए प्रशिक्षण" – कुलपति डॉ. संजय सिंह ने 'साथी हाथ बढ़ाना' पुस्तक का किया अवलोकन
लखनऊ, 9 जुलाई 2026: हृदय की इमरजेंसी और अन्य आपातकालीन परिस्थितियों में बहुमूल्य जीवन बचाने के उद्देश्य से समाज को जागरूक करना समय की सबसे बड़ी मांग है। यह विचार डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. संजय सिंह ने व्यक्त किए। वे मुख्य फार्मासिस्ट और बेसिक लाइफ़ सपोर्ट प्रशिक्षक सुनील कुमार यादव द्वारा लिखित पुस्तक "साथी हाथ बढ़ाना – Basic Life Support (BLS): Emergency Response and Life-Saving Skills" प्राप्त करने के अवसर पर बोल रहे थे।
📖 "साथी हाथ बढ़ाना" पुस्तक की प्रमुख विशेषताएं और उद्देश्य
- 🎯 सरल भाषा में वैज्ञानिक तकनीक: इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य सीपीआर (CPR) और बेसिक लाइफ़ सपोर्ट (BLS) जैसी जटिल वैज्ञानिक तकनीकों को आमजन, विद्यार्थियों, शिक्षकों और स्वास्थ्यकर्मियों तक आसान भाषा में पहुंचाना है।
- 👑 राज्यपाल द्वारा विमोचन: उल्लेखनीय है कि इस महत्वपूर्ण पुस्तक का हाल ही में उत्तर प्रदेश की माननीय राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन पटेल द्वारा राजभवन में विमोचन किया जा चुका है।
- 🧑⚕️ अनुभवी लेखक: पुस्तक के लेखक सुनील कुमार यादव वर्तमान में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी (सिविल) चिकित्सालय, लखनऊ में मुख्य फार्मासिस्ट हैं और एक राज्य स्तरीय BLS ट्रेनर के रूप में हजारों लोगों को जीवनरक्षक प्रशिक्षण दे चुके हैं।
- 🎓 यूनिवर्सिटी में शुरू होगा ट्रेनिंग प्रोग्राम: कुलपति ने कहा कि यह केवल एक पुस्तक नहीं बल्कि एक अभियान है। विश्वविद्यालय के छात्रों को 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' (प्रभावी प्रथम प्रतिक्रिया देने वाला) बनाने के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाया जाएगा।
📊 पुस्तक एवं लेखक का संक्षिप्त विवरण
| 📘 पुस्तक का नाम | साथी हाथ बढ़ाना – Basic Life Support (BLS) |
| ✍️ लेखक (Author) | सुनील कुमार यादव (मुख्य फार्मासिस्ट, सिविल अस्पताल लखनऊ) |
| ✨ विमोचनकर्ता | श्रीमती आनंदीबेन पटेल (माननीय राज्यपाल, उत्तर प्रदेश) |
| 🏢 प्रकाशक (Publisher) | अक्षय जैन |
"भारत में हर साल लाखों लोग कार्डियक अरेस्ट और सड़क हादसों का शिकार होते हैं। अगर दुर्घटना के तुरंत बाद सही तरीके से प्राथमिक चिकित्सा या सीपीआर मिल जाए, तो इनमें से अधिकांश लोगों की जान बचाई जा सकती है। यह पुस्तक हर नागरिक को संकट के समय किसी का मददगार बनने के लिए सशक्त करेगी।"
— सुनील कुमार यादव, लेखक एवं हेल्थ एजुकेटर
बताते चलें कि डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय देश का एक अग्रणी समावेशी विश्वविद्यालय है, जो दिव्यांगजन शिक्षा, पुनर्वास, कौशल विकास और सामाजिक उत्तरदायित्व के क्षेत्र में लगातार उत्कृष्ट कार्य कर रहा है। कुलपति डॉ. संजय सिंह के नेतृत्व में विश्वविद्यालय विद्यार्थियों के समग्र व्यक्तित्व विकास और समाजोपयोगी व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों को निरंतर बढ़ावा दे रहा है। इस पुस्तक के आने से संस्थान में स्वास्थ्य और जीवन रक्षा से जुड़े कौशल को एक नई दिशा मिलेगी।


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