EPFO हुआ पूरी तरह हाईटेक: अब सुबह क्लेम तो शाम तक भुगतान! ऑटो-प्रोसेस से निपट रहे 83% दावे, जानें नौकरी बदलने और एडवांस से जुड़े 4 बड़े बदलाव
- तेज और आसान भुगतान: मानवीय दखल कम होने से अब 83 फीसदी पीएफ क्लेम पूरी तरह ऑटो-प्रोसेस किए जा रहे हैं।
- नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड: एक ही दिन में 3000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड 11 लाख क्लेम का किया गया निपटारा।
- ऑटो-ट्रांसफर सुविधा: नौकरी बदलते ही पीएफ का पैसा अपने आप नई कंपनी के खाते में हो जाएगा ट्रांसफर।
नई दिल्ली: नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से एक बेहद शानदार और बड़ी खबर सामने आ रही है। ईपीएफओ अब पूरी तरह से 'हाईटेक' हो चुका है। विभाग की तकनीकी प्रणाली में किए गए बड़े सुधारों के बाद अब पीएफ क्लेम का निपटारा रिकॉर्ड गति से हो रहा है। स्थिति यह है कि यदि कोई सुबह क्लेम के लिए आवेदन करता है, तो शाम तक उसके बैंक खाते में पैसे पहुंच जा रहे हैं।
एक दिन में 11 लाख क्लेम निपटाने का महा-रिकॉर्ड
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, डिजिटलाइजेशन और ऑटोमेशन के चलते काम में मानवीय हस्तक्षेप (Manual Intervention) बहुत कम रह गया है। इसी का परिणाम है कि हाल ही में ईपीएफओ ने एक ही कार्यदिवस में रिकॉर्ड 11 लाख क्लेम का निपटारा किया, जिसके तहत अंशधारकों को करीब 3,000 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया। विभाग के इतिहास में इतनी बड़ी संख्या में क्लेम का तत्काल निपटान करना अपने आप में एक बड़ा कीर्तिमान है।
नौकरी बदलते ही 'ऑटो-ट्रांसफर' होगा पीएफ
नई व्यवस्था में कर्मचारियों को पुरानी नौकरी छोड़ने और नया दफ्तर जॉइन करने पर पीएफ ट्रांसफर के लिए दफ्तरों के चक्कर काटने या ऑनलाइन लंबी प्रक्रिया से गुजरने की जरूरत नहीं होगी। यदि कर्मचारी का यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) उसके आधार नंबर से लिंक है, तो नौकरी बदलने के साथ ही उसका पीएफ बैलेंस भी अपने आप (ऑटो-ट्रांसफर) नई कंपनी के पीएफ खाते में स्थानांतरित हो जाएगा।
विशिष्ट पारिवारिक और व्यक्तिगत जरूरतों के लिए एडवांस पैसे निकालने (ऑटो-सेटलमेंट) की सीमा को भी सरकार ने बड़ी राहत देते हुए बढ़ा दिया है। अब अंशधारक आपातकालीन स्थितियों में ₹5 लाख तक का ऑटो-सेटलमेंट करा सकते हैं।
निष्क्रिय खातों के धारकों को राहत
ईपीएफओ ने उन छोटे खाताधारकों को भी बड़ी राहत दी है जिनके खाते लंबे समय से निष्क्रिय पड़े थे। नई नीति के तहत, जिन निष्क्रिय पीएफ खातों में 1,000 रुपये तक की राशि जमा है, उनका भुगतान बिना किसी जटिल कागजी कार्रवाई के सीधे खाताधारकों को कर दिया जाएगा। विभाग के इस फैसले से देश के करीब 7 लाख ऐसे निष्क्रिय खातों का निपटारा बहुत आसानी से हो सकेगा।

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