Grameen Bharat: गांवों की आंतरिक सड़कों के लिए पहली बार बनेगी डिजिटल कोडिंग और ग्रेडिंग प्रणाली, सरकार ने मांगे सुझाव
नई दिल्ली, 10 जुलाई 2026: ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम स्तर पर विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। 'ग्रामीण भारत' पहल के अंतर्गत अब देश के सभी गांवों के भीतर की प्रत्येक सड़क को एक समान पहचान (Unique Code) और गुणवत्ता आधारित ग्रेडिंग दी जाएगी। पंचायती राज मंत्रालय द्वारा परिकल्पित इस दूरगामी योजना को विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के समन्वित प्रयासों से धरातल पर उतारा जाएगा।
📌 योजना और सुझाव प्रक्रिया से जुड़ी मुख्य जानकारियां
| 🏛️ नोडल मंत्रालय | पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार |
| 🛣️ योजना का दायरा | देश के सभी गांवों की आंतरिक (Intra-village) सड़कें |
| 🌐 सुझाव भेजने का माध्यम | MyGov (मायगॉव) पोर्टल पर ऑनलाइन |
| 📄 आधिकारिक दस्तावेज का नाम | "Public Consultation Document on Intra-village Road Coding and their Grading System" |
🎯 क्यों जरूरी है सड़कों की डिजिटल कोडिंग और ग्रेडिंग?
- 🆔 सड़कों की अनूठी पहचान (Unique Identity): इस प्रणाली के लागू होने से प्रत्येक ग्रामीण सड़क का अपना एक डिजिटल यूनिक कोड होगा, जिससे कागजों पर होने वाली हेरफेर रुकेगी।
- 🛠️ गुणवत्ता आधारित ग्रेडिंग: सड़कों का मूल्यांकन उनकी स्थिति और निर्माण सामग्री के आधार पर किया जाएगा, जिससे उनके समय पर रखरखाव (Maintenance) की सटीक योजना बनाई जा सकेगी।
- 📊 बेहतर योजना और निगरानी: ग्राम पंचायतों को नई सड़कों के निर्माण और पुरानी सड़कों की मरम्मत के लिए बजट आवंटित करने और लाइव ट्रैकिंग करने में आसानी होगी।
- 🤝 समावेशी विकास: इस परामर्श के जरिए ग्राम समुदायों, पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) और विषय विशेषज्ञों के अनुभवों को जोड़कर एक व्यावहारिक ढांचा तैयार किया जा सकेगा।
"एक समावेशी और प्रभावी प्रणाली के लिए आगे आएं नागरिक"
"पंचायती राज मंत्रालय ने देश के सभी प्रबुद्ध नागरिकों, ग्रामीण जनप्रतिनिधियों और अवसंरचना विशेषज्ञों से अपील की है कि वे माईगॉव पोर्टल पर उपलब्ध इस परामर्श दस्तावेज का गहन अध्ययन करें। ग्रामीण भारत की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप एक मजबूत, व्यावहारिक और पारदर्शी व्यवस्था विकसित करने के लिए अपने अमूल्य विचार और तकनीकी सुझाव अवश्य साझा करें।"
डिजिटल इंडिया के इस दौर में गांवों की गलियों और अंदरूनी सड़कों को इस तरह जीपीएस और डिजिटल मैपिंग के अनुकूल कोडिंग प्रणाली से जोड़ना ग्रामीण विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है। यदि आप भी इस बदलाव का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो तुरंत MyGov पोर्टल पर जाकर अपनी राय दर्ज करा सकते हैं।


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