वर्षों की उपेक्षा से आहत नागरिकों का अनोखा विरोध: जलभराव, जर्जर सड़कों और नगर निगम की उदासीनता के खिलाफ गंदे पानी में उतरकर किया अर्धनग्न प्रदर्शन
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के चिनहट क्षेत्र अंतर्गत न्यू मल्हौर-भरवारा वार्ड के निवासी पिछले कई वर्षों से जलभराव, बदहाल सड़कों और जल निकासी व्यवस्था के पूर्ण अभाव जैसी गंभीर मूलभूत समस्याओं से त्रस्त हैं। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की लगातार उपेक्षा से आहत होकर मंगलवार को स्थानीय निवासियों ने एमिटी यूनिवर्सिटी के पास मुख्य सड़क पर गंदे पानी में उतरकर अर्धनग्न प्रदर्शन करते हुए अपना अनोखा विरोध दर्ज कराया।
📍 प्रदर्शन का समय और स्थान:
- स्थान: एमिटी यूनिवर्सिटी, लखनऊ के गेट नंबर 3 एवं गेट नंबर 4 के मध्य, मुख्य सड़क, गोमतीनगर विस्तार, लखनऊ।
- कारण: वर्षों से लंबित जलभराव, जर्जर सड़कें, नालियों का अभाव और नगर निगम की उदासीनता।
🌊 जलभराव से तालाब बनी मुख्य सड़क, हादसों को न्योता
स्थानीय नागरिकों के अनुसार, मल्हौर से हासेमऊ, जगपाल खेड़ा, भरवारा, वन वर्ल्ड सिटी, खरगापुर एवं शहीद पथ को जोड़ने वाली मुख्य सड़क मामूली सी बारिश में ही तालाब का रूप ले लेती है। सड़क पर बने गहरे गड्ढे बारिश के गंदे पानी में पूरी तरह छिप जाते हैं, जिससे प्रतिदिन राहगीर, दोपहिया वाहन चालक, स्कूली बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग हादसों का शिकार हो रहे हैं। क्षेत्र के भीतर की अधिकांश सड़कें भी लगभग पूरी तरह समाप्त हो चुकी हैं।
🏠 "टैक्स पूरा, सुविधाएं शून्य"— निवासियों का दर्द
क्षेत्रवासियों की सबसे बड़ी शिकायत यह है कि इस इलाके को नगर निगम लखनऊ के अधीन आए वर्षों बीत चुके हैं। नागरिकों से नियमित रूप से हाउस टैक्स वसूला जा रहा है, लेकिन आज तक न तो समुचित नालियों का निर्माण कराया गया और न ही सड़कों को चलने योग्य बनाया गया। अनेक बार लिखित शिकायतों, अनुरोधों और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाने के बावजूद स्थिति जस की तस बनी हुई है।
🎓 8,000 छात्र और शिक्षक भी बदहाली झेलने को मजबूर
इस जर्जर और बदहाल व्यवस्था का खामियाजा केवल स्थानीय निवासी ही नहीं, बल्कि एमिटी यूनिवर्सिटी के लगभग 8,000 छात्र-छात्राएं और 300 से अधिक शिक्षक एवं कर्मचारी भी प्रतिदिन भुगत रहे हैं, जिन्हें इसी मार्ग से होकर आना-जाना पड़ता है। गंदे और बदबूदार पानी के लंबे समय तक जमा रहने से क्षेत्र में डेंगू, मलेरिया तथा अन्य जलजनित एवं संक्रामक बीमारियों का खतरा भी लगातार मंडरा रहा है।
📢 "जब सुनवाई न हो, तो विरोध ही मजबूरी"
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लगातार प्रशासनिक उदासीनता और अनसुनी की जा रही शिकायतों से बेबस होकर उन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी पीड़ा सार्वजनिक करने का फैसला लिया है। गंदे पानी में उतरकर अर्धनग्न प्रदर्शन करना उनकी खुशी नहीं, बल्कि सोए हुए प्रशासन को जगाने की एक बेबस मजबूरी है। निवासियों ने मांग की है कि नगर निगम और शासन तत्काल सड़कों और जल निकासी के स्थाई निर्माण का काम शुरू कराए।

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