चित्रकूट में बाढ़ पीड़ितों के घावों पर सीएम योगी ने लगाया मरहम: बांटी राहत सामग्री, ढहे मकानों के लिए दिए ₹1.20 लाख के चेक और जमीन के पट्टे
चित्रकूट: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को धर्मनगरी चित्रकूट के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई और जमीनी सर्वेक्षण किया। मंदाकिनी नदी के उफान से प्रभावित सैकड़ों परिवारों से सीधे संवाद स्थापित करते हुए मुख्यमंत्री ने रामायण मेला परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पीड़ितों को राशन व राहत सामग्री किट बांटी। संकट की इस घड़ी में बेघर हुए परिवारों को तात्कालिक संबल देते हुए सीएम ने पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकानों के स्वामियों को ₹1 लाख 20 हजार के चेक और बेघर परिवारों को भूमि आवंटन प्रमाणपत्र (पट्टे) सौंपे।
📌 चित्रकूट बाढ़ राहत दौरे के मुख्य बिंदु:
- स्थलीय व हवाई निरीक्षण: मंदाकिनी नदी के जलस्तर और प्रभावित बस्तियों की वास्तविक स्थिति का जायजा लिया।
- आर्थिक सहायता: पूर्ण क्षतिग्रस्त मकानों के पीड़ितों (मुकेश, लल्लू और चुन्नीलाल) को ₹1,20,000-₹1,20,000 के चेक वितरित।
- भूमि आवंटन: आश्रय विहीन हुए राम सूरज और सूरज कली को भूमि आवंटन प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
- सर्वे का दायरा: प्रशासन द्वारा नुकसान का विस्तृत सर्वे जारी, शेष पात्र किसानों व व्यापारियों को भी मिलेगी सीधी वित्तीय मदद।
- कड़ा निर्देश: राहत व बचाव कार्यों में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
📊 मंच से वितरित राहत एवं प्रमुख लाभार्थी
| लाभार्थी का नाम | प्रदान की गई सहायता | क्षति का प्रकार |
|---|---|---|
| मुकेश, लल्लू, चुन्नीलाल | ₹1,20,000 प्रति व्यक्ति (चेक) | मकान पूरी तरह जमींदोज / क्षतिग्रस्त |
| राम सूरज एवं सूरज कली | भूमि आवंटन प्रमाण पत्र | पुनर्वास हेतु सुरक्षित आवासीय भूमि |
| सैकड़ों प्रभावित ग्रामीण | राशन किट व आवश्यक राहत सामग्री | जलभराव से दैनिक राशन का संकट |
"हर नागरिक की सुरक्षा और सम्मान हमारी प्राथमिकता": सीएम योगी
राहत सामग्री वितरण कार्यक्रम में जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के समय सरकार अपने नागरिकों के साथ चट्टान की तरह खड़ी है।
"आपदा के इस संकट में किसी भी परिवार को विचलित होने की आवश्यकता नहीं है। सरकार बिना किसी भेदभाव के किसान, छोटे व्यापारी, पशुपालक और मजदूर वर्ग के प्रत्येक प्रभावित व्यक्ति की हर संभव मदद करेगी। प्रशासन को निर्देशित किया गया है कि सर्वे कार्य में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए और राहत राशि सीधे पीड़ितों तक पहुंचाई जाए।"
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
त्वरित राहत पाकर भावुक हुए पीड़ित: 'आपदा में भूखा नहीं सोने दिया'
बाढ़ प्रभावितों ने मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं पहुंचकर सहायता उपलब्ध कराने पर आभार जताया:
- रानी व मंजू (सीतापुर मलकाना): "बाढ़ के पानी में हमारी पूरी गृहस्थी बह गई थी। मुख्यमंत्री जी ने खुद आकर राशन किट दी है और नया पक्का मकान बनवाने का भरोसा दिलाया है।"
- आशा (कटरा गूजर): "पानी भरते ही स्थानीय प्रशासन और सरकारी तंत्र सक्रिय हो गया था। पहले ही दिन से भोजन-पानी की व्यवस्था थी, संकट के बीच भी किसी को भूखा नहीं रहने दिया गया।"
- ज्ञान सिंह (बाढ़ पीड़ित): "कच्चा मकान ढहने के बाद हम असहाय महसूस कर रहे थे, लेकिन इतनी तेजी से मुख्यमंत्री का हमारे बीच आना और सीधे चेक-राशन उपलब्ध कराना ऐतिहासिक है।"


0 टिप्पणियाँ