लखनऊ में नकली दवाओं के बड़े नेटवर्क पर स्ट्राइक: BKT पुलिस और ड्रग विभाग ने पकड़ी 2157 बोतलें; वैन समेत एक गिरफ्तार, सरगना फरार
- बड़ी बरामदगी: किसान पथ पर चेकिंग के दौरान ओमनी वैन से 13 बोरियों में सील 2,157 बोतल ब्रांडेड कंपनियों की नकली दवाइयाँ जब्त।
- सप्लाई चेन पर चोट: बरामद दवाओं को अमीनाबाद मंडी में खपाने की थी तैयारी; प्रसिद्ध ब्रांड्स के लोगो, कैप और सुरक्षा फीचर्स पाए गए फर्जी।
- कड़ी कानूनी कार्रवाई: पकड़े गए अभियुक्त भूपेन्द्र सिंह पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज।
लखनऊ: जनता के स्वास्थ्य और जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले नकली दवा माफियाओं के खिलाफ पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ ने एक और बड़ी सफलता हासिल की है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) मुख्यालय के निर्देशों पर प्रदेशव्यापी विशेष अभियान के तहत, थाना बक्शी का तालाब (BKT) पुलिस और औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी कर ब्रांडेड कंपनियों के नाम पर तैयार की जा रही नकली जीवनरक्षक सीरप और जेल की एक बहुत बड़ी खेप बरामद की है। मौके से एक शातिर तस्कर को गिरफ्तार किया गया है, जबकि रैकेट के मास्टरमाइंड फरार बताए जा रहे हैं।
किसान पथ पर ओमनी वैन से खुली पोल
मामले का संक्षिप्त विवरण देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 16 जुलाई 2026 की रात बीकेटी पुलिस टीम किसान पथ, मामपुर खड़ंजा मार्ग पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक ओमनी वैन (संख्या: UP32BW7091) को रोककर जब तलाशी ली गई, तो पुलिस के होश उड़ गए। वैन के अंदर भारी मात्रा में दवाइयों के कार्टन और बोरियां लदी थीं। संदिग्ध खेप को देखते हुए तत्काल औषधि विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया। वाहन चालक दवाओं के संबंध में कोई भी वैध लाइसेंस, बिल अथवा वाउचर पेश नहीं कर सका।
बरामद दवाओं एवं सामग्री का विवरण
- Rubired (200 ml): 246 बोतलें (खून बढ़ाने वाली दवा का नकली वर्जन)
- ALKASOL Sugar Free (100 ml): 1,063 बोतलें (दो अलग-अलग बैच की)
- Mucaine Gel (200 ml - Mint Flavour): 848 बोतलें (गैस-एसिडिटी की ब्रांडेड दवा)
- कुल मात्रा: 13 प्लास्टिक की बोरियों में सील कुल 2,157 बोतल स्प्यूरियस (नकली) दवाइयाँ।
- वाहन: तस्करी में इस्तेमाल की जा रही मारुति ओमनी वैन (UP32BW7091) सीज।
निर्माता कंपनियों ने किया नकली होने का दावा
औषधि निरीक्षक श्री विवेक कुमार सिंह, श्री सन्देश मौर्य, श्री राहुल कुमार और श्रीमती अनीता कुरील की टीम ने मौके पर ही दवाओं की जांच की। इस दौरान अलकासॉल (ALKASOL) के मूल निर्माता कंपनी के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया। जब जब्त की गई दवाओं की तुलना ओरिजिनल कंट्रोल सैंपल से की गई, तो इनके लेबल, ढक्कन (कैप), प्रिंटिंग क्वालिटी और सुरक्षा लोगो में भारी तकनीकी अंतर मिले, जिसके बाद ड्रग विभाग ने इसे आधिकारिक रूप से स्प्यूरियस (Spurious/नकली) घोषित कर दिया। इसी प्रकार म्यूकेन जेल (Mucaine Gel) के सुरक्षा लेबल पर भी कई गंभीर त्रुटियां पाई गईं।
अमीनाबाद दवा मंडी में होनी थी सप्लाई
पुलिस की गिरफ्त में आए आरोपी भूपेन्द्र सिंह (उम्र 33 वर्ष), निवासी बाजार गांव पकरा, थाना माल, लखनऊ ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने खुलासा किया कि यह पूरा अवैध कारोबार राज विक्रम सिंह और विनीत सिंह नामक व्यक्तियों का है। भूपेन्द्र सिर्फ एक कूरियर के रूप में काम कर रहा था और इन नकली दवाओं को लखनऊ की प्रसिद्ध अमीनाबाद दवा मंडी में सप्लाई करने जा रहा था ताकि इन्हें फुटकर दुकानों के माध्यम से मरीजों तक पहुंचाया जा सके।
अपराधियों का विवरण एवं कानूनी धाराएं
पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए टीमें दबिश दे रही हैं:
| स्थिति | नाम व विवरण | धाराएं (भारतीय न्याय संहिता - BNS) |
|---|---|---|
| गिरफ्तार अभियुक्त | भूपेन्द्र सिंह पुत्र रामकिशन सिंह, निवासी बाजार गांव पकरा, थाना माल, लखनऊ। | मु0अ0सं0 278/2026 धारा: 318(4), 319(2), 276, 277 एवं 278 (धोखाधड़ी, मिलावट और नकली सामग्री की बिक्री) |
| वांछित/फरार आरोपी | 1. राज विक्रम सिंह पुत्र वीरेन्द्र सिंह (निवासी रायपुर बाबू, महिगवां) 2. विनीत सिंह (नाम/पता अज्ञात) |
कार्रवाई करने वाली संयुक्त टीम
इस बड़ी सफलता को अंजाम देने वाली संयुक्त टीम में बीकेटी पुलिस के उपनिरीक्षक अशोक कुमार यादव, शैलेन्द्र मिश्रा और कांस्टेबल दिलीप कुमार शामिल थे। ड्रग विभाग से औषधि निरीक्षकों की टीम के साथ-साथ डीसीपी उत्तरी सर की स्वाट और सर्विलांस टीम के प्रभारी उपनिरीक्षक दीपक कुमार, हेड कांस्टेबल अवधेश गिरी, नदीम, संतोष कुमार, अमित गौतम और कांस्टेबल राघवेंद्र प्रताप, विशेष दुहूण एवं अमन शुक्ला ने मुख्य भूमिका निभाई।

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