Lucknow Nagar Nigam: सफाई कर्मचारियों के हितों से समझौता नहीं, नवीनतम दरों पर हो मानदेय भुगतान: रमेश चन्द्र कुण्डे
लखनऊ, 10 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग के सदस्य श्री रमेश चन्द्र कुण्डे जी की अध्यक्षता में शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं और सेवा शर्तों को लेकर एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक और जनसुनवाई संपन्न हुई। बैठक में नगर स्वास्थ्य अधिकारी आशीष कुमार सिंह सहित आउटसोर्सिंग (मैनपावर सप्लाई) करने वाली निजी कार्यदायी संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जहां कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा पर कई कड़े निर्देश जारी किए गए।
🎯 समीक्षा बैठक और जनसुनवाई में जारी किए गए 5 बड़े निर्देश
- 💸 नवीनतम दरों पर समय से भुगतान: शासन द्वारा तय की गई नई दरों के अनुसार ही प्रत्येक सफाई कर्मचारी का मानदेय मिले। पारिश्रमिक भुगतान में किसी भी तरह की अनियमितता या बेवजह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
- 🛡️ 100% EPF और ESIC का लाभ: सभी पात्र आउटसोर्सिंग सफाई कर्मचारियों का ईपीएफ और ईएसआईसी का कड़ाई से अनुपालन हो। नियमानुसार होने वाली कटौती और अंशदान में पूरी पारदर्शिता रखी जाए ताकि उन्हें स्वास्थ्य और भविष्य निधि का पूर्ण लाभ मिले।
- 📋 सत्यापित सूची सौंपने के निर्देश: 'लखनऊ स्वच्छता अभियान' और 'लायन एनवायरो' कंपनियों को सख्त निर्देश दिए गए कि वे अपने अधीन कार्यरत सभी कर्मचारियों की एक अद्यतन और पूरी तरह से सत्यापित सूची संबंधित अधिकारियों को सौंपें।
- 🙏 आश्रितों को तत्काल सहायता: यदि सेवाकाल के दौरान किसी भी कर्मचारी की मृत्यु होती है, तो संवेदनशीलता दिखाते हुए उसके आश्रित परिवार को मिलने वाले सभी देय लाभ बिना किसी कागजी देरी के तत्काल उपलब्ध कराए जाएं।
- 🗣️ शिकायतों पर ऑन-स्पॉट जनसुनवाई: बैठक के बाद श्री रमेश चन्द्र कुण्डे ने विभिन्न सफाई कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों से मुलाकात की और कर्मचारियों से प्राप्त प्रार्थना पत्रों पर त्वरित व समयबद्ध निस्तारण के आदेश दिए।
"सफाई कर्मियों के हितों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता"
"सफाई कर्मचारी शहर की रीढ़ हैं, उनके मानदेय और सामाजिक सुरक्षा से कोई भी समझौता स्वीकार्य नहीं है। बैठक के दौरान नगर निगम मुख्यालय स्थित संबंधित कार्यालय की व्यवस्थाओं और कर्मचारियों के अभिलेखों (रिफंड व शिकायतों से जुड़े दस्तावेज) का भी गहन निरीक्षण किया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि जनहित और कर्मचारी कल्याण की योजनाओं को धरातल पर पूरी ईमानदारी से लागू किया जाए।"
— रमेश चन्द्र कुण्डे, सदस्य (उ.प्र. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग)
"सफाई कर्मचारी शहर की रीढ़ हैं, उनके मानदेय और सामाजिक सुरक्षा से कोई भी समझौता स्वीकार्य नहीं है। बैठक के दौरान नगर निगम मुख्यालय स्थित संबंधित कार्यालय की व्यवस्थाओं और कर्मचारियों के अभिलेखों (रिफंड व शिकायतों से जुड़े दस्तावेज) का भी गहन निरीक्षण किया गया है। अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि जनहित और कर्मचारी कल्याण की योजनाओं को धरातल पर पूरी ईमानदारी से लागू किया जाए।"
— रमेश चन्द्र कुण्डे, सदस्य (उ.प्र. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग)
नगर स्वास्थ्य अधिकारी आशीष कुमार सिंह ने आश्वस्त किया कि नगर निगम लखनऊ सफाई कर्मचारियों की हर समस्या के त्वरित निवारण के लिए प्रतिबद्ध है और कार्यदायी संस्थाओं की गतिविधियों पर पैनी नजर रखी जा रही है।


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