UP Business News: लखनऊ व्यापार मंडल में प्रमुख सचिव का 'व्यापारी संवाद' संपन्न, प्रतिबंधित चाइनीज मांझे पर रोक और सुरक्षा पर बनी रणनीति
लखनऊ, 11 जुलाई 2026: राजधानी के व्यापारियों और शासन के बीच समन्वय स्थापित करने के उद्देश्य से आज लखनऊ व्यापार मंडल कार्यालय में अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र की अध्यक्षता में 'व्यापारी संवाद' संपन्न हुआ। बैठक का मुख्य एजेंडा प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की ऑनलाइन व ऑफलाइन बिक्री पर प्रभावी रोक लगाना और आम जनता के बीच सुरक्षा के प्रति जन-जागरूकता फैलाना रहा।
💬 व्यापारी संवाद: किसने क्या कहा? (मुख्य बिंदु)
| वक्ता / पदाधिकारी | संवाद के मुख्य अंश और सुझाव |
|---|---|
| 👤 अमरनाथ मिश्र (अध्यक्ष, लखनऊ व्यापार मंडल) |
स्थानीय व्यापारी चाइनीज मांझा नहीं बेच रहे हैं; यह बिक्री ऑनलाइन प्लेटफॉर्मों से हो रही है। व्यापारियों ने पूर्व में भी स्वेच्छा से मांझा नष्ट किया था और आज फिर न बेचने का संकल्प लिया है। ऊंचे पुलों पर धागा फंसने से हादसे बढ़ते हैं, जिस पर रोक ज़रूरी है। |
| 👤 अनुराग मिश्रा & पवन मनोचा (महामंत्री व वरिष्ठ महामंत्री) |
व्यापारी अपनी जिम्मेदारी लेते हुए जरूरत पड़ने पर फ्लाईओवरों पर मिलकर सुरक्षा तार लगाएंगे। प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि जांच के दौरान व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों को साथ रखा जाए, ताकि किसी व्यापारी का अनावश्यक उत्पीड़न न हो। |
| 👤 राजेंद्र कुमार अग्रवाल (चेयरमैन) |
यदि चाइनीज मांझे के निर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) स्तर पर ही कड़ाई से प्रभावी रोक लगा दी जाए, तो इसका अवैध बाजार और सप्लाई चेन अपने आप पूरी तरह समाप्त हो जाएगी। |
🎯 शासन की रणनीति: उत्पीड़न पर रोक और साझा जागरूकता अभियान
- 🤝 अधिकारियों की भारी उपस्थिति: संवाद में टैक्स विभाग के शीर्ष अधिकारी जैसे एडिशनल कमिश्नर ग्रेड-1 सरबजीत सिंह, रामप्रवेश पांडेय, ज्वाइंट कमिश्नर उदय प्रताप सिंह सहित दर्जनों डिप्टी व असिस्टेंट कमिश्नर मौजूद रहे, जो सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
- 🚨 समन्वित ऐक्शन प्लान: पुलिस विभाग, गृह विभाग और पर्यावरण विभाग मिलकर चाइनीज मांझे के निर्माण और बिक्री को रोकने के लिए एक विशेष कानून और प्रभावी साझा रणनीति पर काम कर रहे हैं।
- 👨👩👧👦 अभिभावकों से अपील: प्रमुख सचिव ने व्यापारियों से आग्रह किया कि वे एक बड़ा जन-जागरूकता अभियान चलाएं, ताकि माता-पिता और बच्चे खुद जागरूक होकर केवल सुरक्षित (सूती) धागे का ही उपयोग करें।
"चाइनीज मांझा केवल विभागीय नहीं, बल्कि संवेदनशील सामाजिक विषय है"
"लखनऊ व्यापार मंडल के इस पारिवारिक माहौल में सीधा संवाद करके अत्यंत प्रसन्नता हुई। प्रतिबंधित चाइनीज मांझे का मुद्दा पर्यावरण, जनसुरक्षा और निर्दोष जिंदगियों से जुड़ा है। माननीय उच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देश हैं कि जांच के नाम पर किसी भी वैध व्यापारी, निर्माता या निर्दोष कारीगर का अनावश्यक उत्पीड़न बिल्कुल न हो। हम कानून के दायरे में सुरक्षित व्यापार को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
— श्रीमती कामिनी रतन चौहान, प्रमुख सचिव (राज्य कर) व राज्य कर आयुक्त, उ.प्र.
👥 कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी व व्यापारी:
व्यापार मंडल की ओर से अनिल विरमानी, जितेंद्र सिंह चौहान, कोषाध्यक्ष सुहैल हैदर अल्वी, मीडिया महामंत्री सुमित गुप्ता, प्रियंक गुप्ता, सुशील तिवारी, मनजीत सिंह दुआ, कुश मिश्रा, सी पी अग्रवाल, सुरेश कुमार, संजीव अग्रवाल, जगजीत सिंह, अतुल त्रिपाठी सहित लखनऊ के बड़ी संख्या में पतंग निर्माता और विक्रेता व्यापारी उपस्थित रहे।
इस सफल व्यापारी संवाद से स्पष्ट है कि राजधानी का व्यापारिक वर्ग जनसुरक्षा को लेकर बेहद गंभीर है। ऑनलाइन मांझा बेचने वाली कंपनियों पर नकेल कसने की मांग और फ्लाईओवरों पर खुद से सुरक्षा तार लगाने की व्यापारियों की यह पहल प्रशासन के काम को आसान बनाएगी, जिससे हर साल पतंगबाजी के सीजन में गले कटने जैसी दुखद घटनाओं पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सकेगी।


0 टिप्पणियाँ