उड़ीसा के पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के दौरान बड़ा हादसा: भारी भीड़ के चलते मची भगदड़ और दम घुटने से 2 श्रद्धालुओं की मौत, 200 से अधिक घायल
- लाखों की संख्या में उमड़ी भीड़ के बीच 'मरीचकोट छक' के पास संतुलन बिगड़ने से हुआ दर्दनाक हादसा।
- दम घुटने और अत्यधिक भीड़ के दबाव (Suffocation) के कारण हुई मौतें; मृतकों में एक महिला श्रद्धालु शामिल।
- 150 से अधिक अस्वस्थ श्रद्धालुओं को पुरी जिला अस्पताल और कटक के मेडिकल कॉलेज में कराया गया भर्ती।
पुरी: उड़ीसा के पुरी में आयोजित विश्व प्रसिद्ध भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा उत्सव के दौरान एक अत्यंत दर्दनाक हादसा सामने आया है। रथयात्रा के भव्य जुलूस में लाखों श्रद्धालुओं के भारी हुजूम के बीच अचानक मची भगदड़ और उमस भरे मौसम के कारण दम घुटने (Suffocation) से 2 श्रद्धालुओं की दुःखद मृत्यु हो गई है। इस अप्रत्याशित हादसे में 200 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं, जिनमें से 150 से अधिक लोगों की हालत बिगड़ने पर उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?
चश्मदीदों और स्थानीय प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार, जब भगवान बलभद्र का रथ 'तालध्वज' बड़दांड मार्ग से आगे बढ़ रहा था, तभी 'मरीचकोट छक' के पास रथ खींचने के लिए श्रद्धालुओं में अचानक आगे बढ़ने की होड़ मच गई। इसी दौरान भीड़ का अत्यधिक दबाव बढ़ गया और पीछे से धक्का लगने के कारण कुछ लोग जमीन पर गिर पड़े। अत्यधिक भीड़ और भीषण उमस के कारण कई लोगों का दम घुटने लगा। स्थिति को नियंत्रित करने से पहले ही वहां अफरा-तफरी मच गई, जिसके चलते यह बड़ा हादसा हो गया।
राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी
हादसे के तुरंत बाद मौके पर तैनात रैपिड एक्शन फोर्स (RAF), स्थानीय पुलिस और स्वयंसेवकों ने तुरंत मोर्चा संभाला। अचेत और घायल श्रद्धालुओं को भीड़ से बाहर निकालकर एम्बुलेंस के जरिए पुरी के जिला मुख्य अस्पताल (District Headquarters Hospital) पहुंचाया गया। गंभीर रूप से घायल कुछ श्रद्धालुओं को बेहतर इलाज के लिए कटक के एससीबी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (SCB Medical College) रेफर किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, हीट स्ट्रोक, डिहाइड्रेशन और ऑक्सीजन की कमी के चलते ज्यादातर लोग बेहोश हुए थे।
"भीड़ के अत्यधिक दबाव और मौसम की तल्खी के कारण यह हादसा पेश आया। प्रशासन घायलों के त्वरित और बेहतर इलाज के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहा है। स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और प्रभावितों को हरसंभव सहायता दी जा रही है।"
- स्थानीय प्रशासनिक अधिकारी, पुरी
भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा उपायों पर उठे सवाल
विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा को देखते हुए ओडिशा पुलिस और प्रशासन द्वारा कड़े सुरक्षा इंतज़ाम और भीड़ नियंत्रण के दावों के बीच इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को उजागर कर दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि बड़दांड रोड पर क्षमता से अधिक लोगों के जमा होने के कारण कॉरिडोर में दबाव काफी बढ़ गया था। मुख्यमंत्री और राज्य प्रशासन ने इस दुखद घटना पर गहरा शोक व्यक्त किया है और घायलों के मुफ्त इलाज के साथ-साथ मामले की उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं।


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