Monsoon Session 2026: संसद के मानसून सत्र में सरकार और सांसदों से संवाद करेंगे देश भर के कुली, नौकरी और सामाजिक सुरक्षा के लिए सौंपेंगे मांग पत्र
लखनऊ: कुलियों को रेलवे की नौकरी में समायोजित करने, उनके जीवन और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े आदेशों के जमीनी अनुपालन और इस संबंध में कराई गई जांच रिपोर्ट को संसद के पटल पर रखने की मांग तेज हो गई है। इसे लेकर राष्ट्रीय कुली मोर्चा ने अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप दे दिया है। कुली प्रतिनिधियों का कहना है कि रेलवे में निजीकरण की नीतियों के जरिए कुलियों की आजीविका को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
📋 रेलवे के सामने रखी जाएंगी ये मुख्य मांगें और मुद्दे:
- 💼 रेलवे नौकरी में समायोजन: देश भर के कुलियों को रेलवे की स्थाई नौकरियों में समायोजित (Absorb) किया जाए, ताकि उन्हें भविष्य की सुरक्षा मिल सके।
- 📄 जांच रिपोर्ट संसद में लाने की मांग: रेल मंत्रालय ने राष्ट्रीय कुली मोर्चा की पहल पर पिछले वर्ष जून माह में कुलियों की जीवन स्थितियों को लेकर एक जांच कराई थी, जिसे आज तक संसद के पटल पर नहीं रखा गया। इसे तुरंत सार्वजनिक किया जाए।
- 🛒 सहकारी समितियों को मिले काम: रेलवे स्टेशनों पर सामान ढोने के समस्त आधुनिक काम जैसे बैटरी कार, ट्रॉली प्रथा और 'माई कुली एप' का संचालन कॉर्पोरेट कंपनियों के बजाय कुलियों की सहकारी समितियों को सौंपा जाए।
- ✊ उत्पीड़न के खिलाफ प्रतिवाद: बिना किसी हस्ताक्षर और नाम के फर्जी शिकायत के आधार पर राष्ट्रीय कुली मोर्चा के नेशनल कोऑर्डिनेटर राम सुरेश यादव के मानसिक उत्पीड़न किए जाने पर आक्रोश व्यक्त किया गया। इसके खिलाफ दिल्ली में रेल मंत्रालय में प्रतिवाद पत्र दिया जाएगा।
📊 राष्ट्रीय कुली मोर्चा की बैठक का विवरण
| 👥 बैठक की अध्यक्षता | राम सुरेश यादव (नेशनल कोऑर्डिनेटर) |
| 🎤 कार्यक्रम का संचालन | चंदेश्वर मुखिया (सहसंयोजक) |
| 📅 दिल्ली कूच की तारीख | 20 जुलाई 2026 से (मानसून सत्र के दौरान) |
| 🎯 मुख्य उद्देश्य | निजीकरण का विरोध, सामाजिक सुरक्षा और स्थाई नौकरी |
⚠️ "निजीकरण के जरिए कुलियों की आजीविका खत्म करने की कोशिश"
"बैठक में शामिल कुलियों ने रोष जताते हुए कहा कि चंद कॉर्पोरेट घरानों को मुनाफा कमाने और पसंदीदा ठेकेदारों के हितों को पूरा करने के लिए रेलवे में निजीकरण की नीतियां थोपी जा रही हैं। रेलवे द्वारा नियुक्त किए गए कुलियों के पारंपरिक काम को देशी-विदेशी कंपनियों और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म को बेचा जा रहा है। स्टेशनों पर बैटरी कार से नियम विरुद्ध तरीके से माल ढोया जा रहा है, जिससे कुलियों के सामने भुखमरी का संकट खड़ा हो गया है।"
इस महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक में देश के अलग-अलग हिस्सों से पंकज यादव, अदनान अहमद, अरुण कुमार यादव, कन्हैया ग्वाला, राहुल कुमार यादव, अनिल सांवले, आनंद, राजकुमार यादव, शेख रहमतुल्लाह, रामबाबू बिलाला, राम महावर, कलीम मकरानी, संजय पासवान, अरविंद कुमार, राज कपूर, राजकुमार, अरुण कुमार महतो, शिवराम, मूलचन्द, अमजद भाई, राम जनम यादव, अरविंद यादव, दीपक, भवन लाल, शोभन और राजू टेकम सहित बड़ी संख्या में कुली प्रतिनिधि और पदाधिकारी शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर मानसून सत्र के दौरान दिल्ली में अपनी आवाज बुलंद करने का संकल्प लिया है।


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