US-Iran War Update: अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष विराम टूटा, दोनों ओर से भारी मिसाइल हमले; कच्चे तेल की कीमतों में उछाल
वॉशिंगटन/तेहरान, 8 जुलाई: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य टकराव एक बार फिर हिंसक मोड़ ले चुका है। स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज (Strait of Hormuz) में कमर्शियल जहाजों पर हुए हमलों के बाद, अमेरिकी सेना और ईरान की IRGC ने एक-दूसरे के सैन्य ठिकानों पर अब तक के सबसे भीषण मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
🚀 दोनों देशों के बीच हुए बड़े सैन्य हमले:
- 🔥 अमेरिका की भीषण बमबारी: अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के दक्षिणी हिस्सों में स्थित 80 से अधिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इसमें बंदर अब्बास, सिरीक और क्युशम द्वीप पर मौजूद ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम और मिसाइल लॉन्च साइट्स को तबाह करने का दावा किया गया है।
- 🔥 ईरान का मिसाइल पलटवार: अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर करीब 85 मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन दागे। ईरान ने अमेरिका के एक अत्याधुनिक MQ-9 रीपर ड्रोन को भी मार गिराने का दावा किया है।
- 🔥 तनाव की मुख्य वजह: अमेरिका का आरोप है कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजर रहे सऊदी अरब के तेल टैंकर और कतर के गैस टैंकर पर ड्रोन से हमला किया था, जिसके बाद अमेरिका को यह जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान को तेल बेचने पर फिर से प्रतिबंध लगा दिए हैं।
🌍 युद्ध का दुनिया पर क्या असर हो रहा है?
| क्षेत्र / विषय | ताजा स्थिति और प्रभाव |
|---|---|
| 🛢️ कच्चा तेल (Crude Oil) | वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में 2.5% से 3.5% तक की भारी तेजी दर्ज की गई है। |
| ✈️ हवाई क्षेत्र (Airspace Alert) | यूरोपीय संघ (EASA) ने सभी एयरलाइंस को 31 अगस्त 2026 तक ईरान और इराक के हवाई क्षेत्र का उपयोग न करने की चेतावनी दी है। |
| 🇨🇳 चीन का रुख | चीन ने दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है और कहा है कि सैन्य तरीकों से इस समस्या का समाधान नहीं हो सकता। |
युद्ध की पृष्ठभूमि (Background):
यह युद्ध फरवरी 2026 में तब भड़का था जब अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए थे। यह ताजा हमले ठीक उसी समय हुए हैं जब ईरान और इराक में खामेनेई के लिए शोक सभाएं आयोजित की जा रही हैं, जिससे क्षेत्र में स्थिति और अधिक संवेदनशील हो गई है।
मध्य पूर्व (Middle East) में दोबारा छिड़ी इस जंग से पूरी दुनिया चिंतित है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से दुनिया का एक-तिहाई तेल व्यापार होता है। अगर यह तनाव जल्द नहीं थमा, तो आने वाले दिनों में वैश्विक स्तर पर पेट्रोल-डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।


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