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कल्याण सिंह कैंसर संस्थान में साइबरनाइफ और PET-CT जल्द शुरू करने के निर्देश

KSSSCI Lucknow Inspection Amit Kumar Ghosh CyberKnife PET CT Tomotherapy: कल्याण सिंह कैंसर संस्थान का अपर मुख्य सचिव ने किया निरीक्षण; साइबरनाइफ और PET-CT जैसी आधुनिक तकनीकें जल्द होंगी शुरू

कैंसर इलाज में क्रांति: कल्याण सिंह कैंसर संस्थान का अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने किया निरीक्षण; 'साइबरनाइफ', PET-CT और 'टोमोथेरेपी' को जल्द चालू करने के निर्देश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष ने सोमवार को कल्याण सिंह सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान (KSSSCI), लखनऊ का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ चिकित्सा शिक्षा सचिव नेहा शर्मा तथा अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अपर मुख्य सचिव ने संस्थान में कैंसर उपचार और जांच की अत्याधुनिक सुविधाओं की प्रगति की गहन समीक्षा की।

🔬 इन अत्याधुनिक विभागों और मशीनों की हुई समीक्षा

अपर मुख्य सचिव ने न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग, रेडिएशन ऑन्कोलॉजी विभाग, साइबरनाइफ सिस्टम, ट्रूबीम लिनियर एक्सीलरेटर, ब्रैकीथेरेपी, सीटी सिम्युलेटर, ट्रीटमेंट प्लानिंग रूम तथा निर्माणाधीन टोमोथेरेपी परियोजना का निरीक्षण किया और सभी मशीनों को जल्द से जल्द चालू करने का निर्देश दिया।

🚀 कैंसर इलाज की नई अत्याधुनिक सुविधाएं (मशीन अपडेट):

  • साइबरनाइफ (CyberKnife System): निदेशक डॉ. एमएलबी भट्ट ने बताया कि साइबरनाइफ परियोजना का कार्य पूरा हो चुका है। अब केवल परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB) से अंतिम स्वीकृति बाकी है। इसके जरिए बिना चीरा लगाए दिमाग, रीढ़ और शरीर के जटिल कैंसर का अत्यंत सटीक इलाज हो सकेगा।
  • डिजिटल PET-CT स्कैन: सटीक जांच और स्टेजिंग के लिए डिजिटल पीईटी-सीटी स्कैन मशीन शुरू करने की प्रक्रिया अंतिम चरण में है। पीपीपी मॉडल के तहत 1 सप्ताह में वर्क ऑर्डर जारी होने की उम्मीद है।
  • टोमोथेरेपी (Tomotherapy): यह मशीन 13 अक्टूबर तक संस्थान पहुंचने की संभावना है, जिसके बाद इसे तुरंत इंस्टॉल कर मरीजों को सटीक और सुरक्षित रेडियोथेरेपी उपलब्ध कराई जाएगी।
  • ट्रूबीम लिनियर एक्सीलरेटर: वर्तमान में संस्थान के दोनों ट्रूबीम एक्सीलरेटर पूरी क्षमता से काम कर रहे हैं और प्रतिदिन 140 से 150 मरीजों को रेडियोथेरेपी दी जा रही है।

“पीईटी-सीटी, साइबरनाइफ और टोमोथेरेपी जैसी वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं शुरू होने के बाद उत्तर प्रदेश के कैंसर मरीजों को इलाज के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा। उन्हें अपने ही प्रदेश में विश्वस्तरीय और समयबद्ध उपचार मिलेगा।”

— अमित कुमार घोष, अपर मुख्य सचिव (चिकित्सा शिक्षा व स्वास्थ्य)

🏥 यूपी के मरीजों को मिलेगा सीधा फायदा

संस्थान में सभी नियामकीय अनुमतियों (AERB approval) और लाइसेंस प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं ताकि मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द वर्ल्ड-क्लास कैंसर केयर का लाभ मिल सके।

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