लखनऊ पुलिस कमिश्नर तरुण गाबा ने किया ITMS व सेफ सिटी का औचक निरीक्षण: AI आधारित ट्रैफिक सिग्नल्स और उन्नत महिला सुरक्षा निगरानी के दिए निर्देश
लखनऊ: पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के पुलिस आयुक्त तरुण गाबा ने मंगलवार, 18 अगस्त 2026 को इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) एवं सेफ सिटी परियोजना का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पुलिस आयुक्त ने शहर की कानून-व्यवस्था, यातायात प्रबंधन और सीसीटीवी आधारित निगरानी प्रणाली का गहन जायजा लिया तथा आधुनिक तकनीक व आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का शत-प्रतिशत प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
📌 निरीक्षण के मुख्य निर्देश एवं तकनीकी बिंदु:
- AI एडाप्टिव ट्रैफिक कंट्रोल: ट्रैफिक के दबाव के आधार पर सिग्नलों का स्वतः संचालन और ऑटोमैटिक चालान व्यवस्था।
- बिहेवियरल एनालिटिक्स: शिक्षण संस्थानों, बस/मेट्रो स्टेशनों पर असामान्य गतिविधि व छेड़छाड़ पर ऑटो-अलर्ट।
- फेशियल रिकॉग्निशन: संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में कैमरों के जरिए उन्नत चेहरे की पहचान प्रणाली सक्रिय करना।
- क्विक रिस्पॉन्स: कंट्रोल रूम से इनपुट मिलते ही पीआरवी (PRV) और पिंक पेट्रोलिंग टीम का त्वरित एक्शन।
1. एआई-आधारित स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम
पुलिस आयुक्त ने निर्देशित किया कि राजधानी के प्रमुख चौराहों और मुख्य मार्गों पर AI-enabled Adaptive Traffic Control System (ATCS) और रियल-टाइम डेटा एनालिटिक्स को पूरी तरह सक्रिय किया जाए।
इस प्रणाली के तहत सड़कों पर वाहनों के घनत्व (Traffic Density) के अनुसार ट्रैफिक लाइट का समय अपने आप समायोजित होगा, जिससे पीक आवर्स में लगने वाले भीषण जाम से मुक्ति मिलेगी। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर स्वचालित ई-चालान प्रणाली को और अधिक पारदर्शी व सुदृढ़ किया जाएगा।
2. महिला सुरक्षा के लिए उन्नत एआई व फेशियल रिकॉग्निशन
सेफ सिटी प्रोजेक्ट के तहत शहर के संवेदनशील इलाकों, गर्ल्स कॉलेजों, कोचिंग सेंटर्स, बस अड्डों, मेट्रो स्टेशनों और बाजारों में स्थापित सीसीटीवी कैमरों को अत्याधुनिक AI तकनीकों से लैस करने के निर्देश दिए गए हैं:
- बिहेवियरल एनालिटिक्स (Behavioral Analytics): संदिग्ध गतिविधियों, झुंड बनाकर खड़े होने या असामान्य हरकतों को कैमरे स्वतः भांपकर कंट्रोल रूम को तत्काल रेड अलर्ट भेजेंगे।
- पिंक पेट्रोलिंग का त्वरित एक्शन: अलर्ट मिलते ही निकटतम पीआरवी (PRV) और पिंक स्कूटी/पेट्रोलिंग टीम को मौके पर रवाना किया जाएगा ताकि छेड़छाड़ जैसी घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।
"तकनीक का उद्देश्य आमजन की सुरक्षा को विश्वस्तरीय बनाना": सीपी तरुण गाबा
"आईटीएमएस और सेफ सिटी से प्राप्त डेटा व फुटेज का वास्तविक लाभ तभी है जब कंट्रोल रूम और फील्ड में तैनात पुलिस बल के बीच बेहतर समन्वय और त्वरित रिस्पॉन्स हो। आधुनिक एआई तकनीक का प्राथमिक उद्देश्य राजधानी के नागरिकों, विशेषकर महिलाओं को भयमुक्त माहौल और विश्वस्तरीय सुगम यातायात व्यवस्था प्रदान करना है।"
— तरुण गाबा (पुलिस आयुक्त, लखनऊ)
निरीक्षण के दौरान शीर्ष पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी
इस स्थलीय निरीक्षण के दौरान संयुक्त पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) बबलू कुमार, डीसीपी ट्रैफिक सहित कमिश्नरेट के कई अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी व तकनीकी विशेषज्ञ उपस्थित रहे। डीसीपी ट्रैफिक ने शहर की मौजूदा यातायात योजना और कैमरा कवरेज का प्रेजेंटेशन दिया, जिस पर पुलिस कमिश्नर ने आवश्यक सुधार व तकनीकी अपग्रेडेशन के स्पष्ट निर्देश दिए।


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