'आक्रांता मंदिर तोड़ सकता है, हमारी आस्था नहीं': लखनऊ पुलिस लाइन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर बोले सीएम योगी; सोमनाथ, अयोध्या और काशी का दिया उदाहरण
लखनऊ: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर रिजर्व पुलिस लाइन, लखनऊ में आयोजित भव्य समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आक्रांता मंदिर तोड़ सकते हैं, मूर्तियां खंडित कर सकते हैं और मंदिरों के ऊपर अपनी इमारतें खड़ी कर सकते हैं, लेकिन वे जनमानस के हृदय में रचे-बसे श्रीराम और श्रीकृष्ण को कभी छू नहीं पाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन शक्तियों ने भारत के अस्तित्व और सनातन आस्था को मिटाने का कुत्सित प्रयास किया, वे स्वयं इतिहास के पन्नों में विलीन हो गए, जबकि भारत अपनी शाश्वत सांस्कृतिक यात्रा के साथ आज भी विश्व का मार्गदर्शन कर रहा है।
📌 मुख्यमंत्री के संबोधन के प्रमुख बिंदु:
- अजेय आस्था का प्रतीक: सोमनाथ, अयोध्या में भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम सनातन के पुनरुत्थान के जीवंत प्रमाण हैं।
- अंधकार से प्रकाश की ओर: कारागार की कालकोठरी में जन्म लेने के बावजूद श्रीकृष्ण ने आजीवन समाज को विपरीत परिस्थितियों से लड़कर प्रकाश का मार्ग दिखाया।
- पर्यावरण व अन्नदाता संरक्षण: भगवान श्रीकृष्ण द्वारा इंद्र पूजा के स्थान पर गोवर्धन पर्वत और गौ-संरक्षण की परंपरा की शुरुआत प्रकृति प्रेम की सीख है।
- सकारात्मक प्रतिस्पर्धा: देश के विकास के लिए नकारात्मकता छोड़कर सकारात्मक भाव और कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ने का आह्वान।
- विकसित भारत का संकल्प: 140 करोड़ नागरिक जब अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करेंगे, तब विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश बनेगा।
🏛️ आस्था की अजेय शक्ति: ऐतिहासिक तीर्थों का पुनरुत्थान
| प्रमुख तीर्थ स्थल | ऐतिहासिक संघर्ष | वर्तमान स्वरूप व संदेश |
|---|---|---|
| सोमनाथ मंदिर (गुजरात) | आक्रांताओं द्वारा बार-बार तोड़ा गया | भारत की संकल्प शक्ति से बार-बार हुआ पुनर्निर्माण |
| श्रीराम जन्मभूमि (अयोध्या) | सदियों तक मंदिर पर ढांचा खड़ा कर दबाने की कोशिश | अपनी अजेय पताका के साथ भव्य मंदिर स्थापित |
| काशी विश्वनाथ धाम (वाराणसी) | विदेशी आक्रांताओं द्वारा बार-बार क्षति पहुंचाई गई | अहिल्याबाई होल्कर व पीएम मोदी के नेतृत्व में अलौकिक विस्तार |
मथुरा-वृंदावन का जनसैलाब और गोवर्धन पूजा का पर्यावरण संदेश
मुख्यमंत्री ने अपने ब्रज प्रवास का संस्मरण साझा करते हुए बताया कि मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन, बलदेव और नंदगांव में लाखों श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ा था। बारिश और गर्मी की परवाह किए बिना भक्तों के मन में केवल कान्हा के दर्शन का भाव था।
उन्होंने कहा कि ब्रज क्षेत्र में लोग आज भी प्रकृति से गहरा जुड़ाव रखते हैं—न पहाड़ों का अनावश्यक खनन करते हैं और न ही पेड़ों को नुकसान पहुंचाते हैं। श्रीकृष्ण ने इंद्र के अहंकार को तोड़कर अन्नदाता किसानों, पशुपालकों और गोवर्धन पर्वत की पूजा का जो संदेश 5000 वर्ष पूर्व दिया था, वह आज के आधुनिक युग में सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण की सबसे बड़ी प्रेरणा है।
"संशय और भ्रम में कर्म की प्रेरणा देती है गीता": सीएम योगी
"श्रीकृष्ण का संदेश हम सभी के लिए एक ही है—कर्म क्षेत्र में अपने आप को पहचानो। जीवन में जब भी भ्रम और संशय की स्थिति उत्पन्न हो, तब कर्म की सर्वोच्च प्रेरणा हमें श्रीमद्भगवद्गीता से मिलती है। धर्म कोई संकीर्ण व्यवस्था नहीं, बल्कि कर्तव्य का पालन है। विकसित भारत का निर्माण केवल सरकार के भरोसे नहीं, बल्कि 140 करोड़ देशवासियों द्वारा अपने-अपने कर्तव्यों के ईमानदार निर्वहन से ही संभव होगा।"
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
समारोह में उपस्थित प्रमुख गणमान्य अतिथि
लखनऊ पुलिस लाइन में आयोजित इस गरिमामय समारोह में राज्य सरकार के कई वरिष्ठ मंत्री, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से:
- मंत्रिगण: जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश राजपूत।
- वरिष्ठ नेता व जनप्रतिनिधि: राज्यसभा सांसद एवं पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक डॉ. नीरज बोरा, जय देवी, अमरेश कुमार, ओपी श्रीवास्तव।
- प्रशासनिक एवं पुलिस शीर्ष नेतृत्व: मुख्य सचिव एसपी गोयल, पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव (गृह) संजय प्रसाद।


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