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'क्या विकास के लिए प्रकृति का अत्यधिक दोहन आवश्यक है?': नवयुग कन्या महाविद्यालय में वाद-विवाद प्रतियोगिता, आस्था त्रिपाठी प्रथम

नवयुग कन्या महाविद्यालय में वाद-विवाद प्रतियोगिता: 'क्या विकास के लिए प्रकृति का अत्यधिक दोहन आवश्यक है?' विषय पर छात्राओं ने रखे तर्क; आस्था त्रिपाठी रहीं प्रथम

📍 स्थान: नवयुग कन्या महाविद्यालय (राजेन्द्र नगर), लखनऊ | 📅 दिनांक: 01 सितंबर 2026 | 🌿 श्रेणी: शिक्षा, पर्यावरण चेतना एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता

लखनऊ: नवयुग कन्या महाविद्यालय, राजेन्द्र नगर में नेचुरल टच वेलफेयर सोसायटी एवं अहिल्याबाई होलकर सांस्कृतिक क्लब के संयुक्त तत्वावधान में एक दिवसीय अंतर-महाविद्यालयी वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का मुख्य विषय “क्या विकास के लिए प्रकृति का अत्यधिक दोहन आवश्यक है?” रहा, जिसमें विभिन्न महाविद्यालयों के 12 प्रतिभागियों ने पक्ष और विपक्ष में अपने सशक्त तर्क प्रस्तुत किए। उत्कृष्ट तार्किक प्रस्तुति के आधार पर आस्था त्रिपाठी ने प्रथम स्थान हासिल किया।

📌 वाद-विवाद प्रतियोगिता के मुख्य बिंदु:

  • मुख्य विषय: क्या विकास के लिए प्रकृति का अत्यधिक दोहन आवश्यक है?
  • संयुक्त आयोजक: नेचुरल टच वेलफेयर सोसायटी एवं अहिल्याबाई होलकर सांस्कृतिक क्लब।
  • प्रथम पुरस्कार: आस्था त्रिपाठी।
  • द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कार: निकिता सिंह (द्वितीय) एवं मुस्कान मिश्रा (तृतीय)।
  • केंद्रीय संदेश: सतत विकास (Sustainable Development) और प्रकृति के संरक्षण में संतुलन समय की मांग।

विकास और प्राकृतिक संतुलन पर मंथन

महाविद्यालय की कार्यवाहक प्राचार्या मेजर (डॉ.) मनमीत कौर सोढ़ी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज की प्रतियोगिता का विषय अत्यंत प्रासंगिक और समसामयिक है।

"आधुनिक युग में मानव सभ्यता के लिए बुनियादी ढांचे और तकनीकी विकास की आवश्यकता है, लेकिन यह प्रकृति की कीमत पर नहीं होना चाहिए। हमें विकास और प्राकृतिक संसाधनों के दोहन में संतुलन बनाना होगा। अंधाधुंध दोहन के स्थान पर पर्यावरण के पुनर्संरक्षण (Rejuvenation & Conservation) की दिशा में ठोस कदम उठाने की जरूरत है।"
— मेजर (डॉ.) मनमीत कौर सोढ़ी (कार्यवाहक प्राचार्या)

🏆 प्रतियोगिता परिणाम एवं विजेता सूची

स्थान / पुरस्कार विजेता प्रतिभागी
प्रथम पुरस्कार 🥇 आस्था त्रिपाठी
द्वितीय पुरस्कार 🥈 निकिता सिंह
तृतीय पुरस्कार 🥉 मुस्कान मिश्रा

निर्णायक मंडल एवं आयोजन समिति

प्रतियोगिता में प्रतिभागियों के विचारों और तर्कों का मूल्यांकन प्रतिष्ठित निर्णायक मंडल द्वारा किया गया, जिसमें प्रो. बिंदु (शशिभूषण बालिका विद्यालय डिग्री कॉलेज), डॉ. अमित कुमार गुप्ता (असिस्टेंट प्रोफेसर, नेशनल पीजी कॉलेज) और प्रो. सीमा सरकार (अंग्रेजी विभाग, नवयुग कन्या महाविद्यालय) शामिल रहीं।

नेचुरल टच वेलफेयर सोसायटी की अध्यक्ष श्रीमती स्मृति एवं सचिव श्री प्रदीप ने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में सामान्य ज्ञान, भाषा, वाद-कला और पर्यावरण-सांस्कृतिक चेतना को बढ़ावा देना है।

कार्यक्रम का सफल मंच संचालन छात्रा त्रिशा और आराध्या ने किया, जबकि व्यवस्थाओं में वालेंटियर के रूप में निधि और सगुन का सक्रिय सहयोग रहा।

शिक्षकों एवं क्लब सदस्यों की उपस्थिति

इस अवसर पर अहिल्याबाई होलकर सांस्कृतिक क्लब के सदस्य प्रो. सीमा पांडे, डॉ. अणिमा अवस्थी, डॉ. अपूर्वा अवस्थी, डॉ. क्षितिज शुक्ला, डॉ. स्नेहा चौधरी, डॉ. सुकन्या तिवारी, डॉ. गरिमा मिश्रा, डॉ. रीमा छाबड़ा और डॉ. किरण पांडे सहित बड़ी संख्या में शिक्षिकाएं एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

पर्यावरण चेतना का प्रसार: यह बौद्धिक आयोजन छात्राओं को वैश्विक पर्यावरणीय संकटों और सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) के प्रति संवेदनशील बनाने में अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुआ।

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