चित्रकूट धाम में बाढ़ प्रभावितों को हर संभव मदद: CM योगी ने दिए फसल व मकान क्षति के तत्काल सर्वे के निर्देश; मंदाकिनी कैचमेंट से हटेगा अतिक्रमण, ब्रिज का होगा सेफ्टी ऑडिट
लखनऊ: अतिवृष्टि और बाढ़ प्रभावित जनपद चित्रकूट का स्थलीय निरीक्षण कर लौटे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि बाढ़ प्रभावित परिवारों, किसानों, स्थानीय व्यापारियों और क्षतिग्रस्त मठ-मंदिरों का तुरंत सर्वे कराकर पारदर्शी ढंग से मुआवजा वितरित किया जाए। इसके साथ ही पवित्र मंदाकिनी नदी के कैचमेंट एरिया से अतिक्रमण हटाने और नदी पर बने फुट ओवर ब्रिज का सेफ्टी ऑडिट कराने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
📌 उच्चस्तरीय बैठक के प्रमुख दिशा-निर्देश:
- राहत किट वितरण: अगले 48 घंटे के भीतर शेष सभी प्रभावित परिवारों तक राहत किट पहुंचाना अनिवार्य।
- आवास सहायता: पूर्ण क्षतिग्रस्त मकानों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ, आंशिक क्षतिग्रस्त मकानों को मरम्मत हेतु वित्तीय सहायता।
- व्यापारी व मठ-मंदिर राहत: दुकानदारों के माल नुकसान का आकलन और क्षतिग्रस्त धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों के जीर्णोद्धार में सरकारी सहयोग।
- मंदाकिनी संरक्षण: नदी में सीवर या नालों का गंदा पानी रोकने हेतु नगर विकास, पर्यटन व सिंचाई विभाग बनाएंगे संयुक्त कार्ययोजना।
- इंफ्रास्ट्रक्चर समयसीमा: चित्रकूट धाम से एयरपोर्ट जाने वाले मार्ग का निर्माण हर हाल में विजयादशमी से पहले पूरा करने का अल्टीमेटम।
📊 प्रभावित वर्गों के लिए राहत एवं मुआवजा रूपरेखा
| प्रभावित वर्ग / क्षेत्र | स्वीकृत राहत एवं सरकारी कार्ययोजना |
|---|---|
| किसान वर्ग | फसल क्षति का त्वरित सर्वेक्षण और बैंक खातों में सीधे मुआवजा ट्रांसफर |
| बेघर परिवार (पूर्ण क्षति) | मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पक्के आवास की स्वीकृति |
| स्थानीय व्यापारी | दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में डूबे स्टॉक का आकलन कर विशेष आर्थिक मदद |
| मठ-मंदिर एवं तीर्थ स्थल | धार्मिक धरोहरों की मरम्मत व संरक्षण हेतु शासन स्तर से वित्तीय अनुदान |
मंदाकिनी नदी का प्राकृतिक प्रवाह और अतिक्रमण मुक्त कैचमेंट
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि मंदाकिनी नदी के डूब क्षेत्र (कैचमेंट एरिया) में हुए अनधिकृत निर्माणों को जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के साथ संवाद स्थापित कर चिन्हित किया जाए और नियमानुसार हटाने की कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही मंदाकिनी के घाटों के सुनियोजित विस्तारीकरण की योजना तैयार करने को कहा गया है।
"पवित्र मंदाकिनी नदी चित्रकूट की जनआस्था और पहचान का केंद्र है। किसी भी परिस्थिति में नगर के सीवर या नालों का गंदा पानी मंदाकिनी में नहीं गिरना चाहिए। पर्यटन, सिंचाई और नगर विकास विभाग मिलकर इसका स्थायी समाधान सुनिश्चित करें।"
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)
फुट ओवर ब्रिज का सेफ्टी ऑडिट, संक्रामक रोगों पर निगरानी
जलस्तर बढ़ने से नदी पर बने फुट ओवर ब्रिज की संरचनात्मक सुरक्षा जांचने के लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) को तत्काल सेफ्टी ऑडिट करने के निर्देश दिए गए हैं।
बाढ़ का पानी कम होने के बाद फैलने वाली संक्रामक बीमारियों की रोकथाम के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) के नेतृत्व में मेडिकल टीमें तैनात रहेंगी। शुद्ध पेयजल आपूर्ति, ब्लीचिंग पाउडर व एंटी-लार्वा के छिड़काव पर विशेष जोर दिया गया है। इसके अलावा गोशालाओं में पर्याप्त सूखे चारे और मवेशियों को लंपी स्किन डिजीज से बचाने के लिए टीकाकरण अभियान चलाने को कहा गया है।


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