गंदगी फैलाने पर चार प्रमुख खानपान प्रतिष्ठानों पर नगर निगम की सख्त कार्रवाई: शर्मा टी, सरदार जी छोले भटूरे व अलजायका पर लगा भारी जुर्माना
लखनऊ: राजधानी लखनऊ को स्वच्छ, सुंदर और कचरामुक्त बनाने के उद्देश्य से नगर निगम द्वारा सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त प्रवर्तन अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को नगर निगम की टीम ने जोन-1 अंतर्गत लालबाग नावेल्टी क्षेत्र में औचक निरीक्षण किया। अभियान के दौरान सड़क और फुटपाथ पर कचरा फैलाने तथा स्वच्छता नियमों की अनदेखी करने पर प्रसिद्ध शर्मा टी स्टॉल, सरदार जी छोले भटूरे, पंजाबी जायका और अलजायका रेस्टोरेंट के खिलाफ चालान काटकर कुल ₹45,000 का जुर्माना वसूला गया।
📌 नगर निगम की कार्रवाई के मुख्य बिंदु:
- सघन चेकिंग अभियान: जोन-1 के लालबाग नावेल्टी क्षेत्र के प्रमुख फूड जॉइंट्स और रेस्टोरेंट्स पर स्वच्छता जांच।
- प्रमुख प्रतिष्ठानों पर पेनाल्टी: शर्मा टी, सरदार जी छोले भटूरे और पंजाबी जायका पर 10-10 हजार रुपये का चालान।
- अलजायका पर अधिकतम जुर्माना: भारी मात्रा में अपशिष्ट और गंदगी मिलने पर अलजायका रेस्टोरेंट पर 15 हजार रुपये का जुर्माना।
- प्रशासनिक नेतृत्व: जोनल अधिकारी ओमप्रकाश के निर्देश पर सेनेटरी फूड इंस्पेक्टर (SFI) संजीव कुमार की टीम ने की कार्रवाई।
- कड़ी चेतावनी: दुकानों के बाहर कूड़ेदान रखने और सार्वजनिक मार्ग पर कचरा फेंकने पर प्रतिष्ठान सील करने की चेतावनी दी गई।
📊 चालान कार्रवाई: प्रतिष्ठानों और जुर्माने की राशि का विवरण
| प्रतिष्ठान का नाम | स्थान / क्षेत्र | जुर्माना राशि (INR) |
|---|---|---|
| शर्मा टी (Sharma Tea) | लालबाग, लखनऊ | ₹10,000 |
| सरदार जी छोले भटूरे | लालबाग नावेल्टी चौराहा | ₹10,000 |
| पंजाबी जायका (Punjabi Zaika) | लालबाग क्षेत्र | ₹10,000 |
| अलजायका रेस्टोरेंट (Al-Zaika Restaurant) | लालबाग क्षेत्र | ₹15,000 |
जोनल अधिकारी के निर्देश पर सेनेटरी टीम ने की कार्रवाई
नगर निगम जोन-1 के जोनल अधिकारी ओमप्रकाश को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि लालबाग और नावेल्टी चौराहे के आसपास स्थित कई खानपान प्रतिष्ठान खाद्य अपशिष्ट, डिस्पोजल कप-प्लेट्स और बचा हुआ भोजन सड़कों तथा नालियों में फेंक रहे हैं।
शिकायतों का संज्ञान लेते हुए जोनल अधिकारी के निर्देश पर सेनेटरी फूड इंस्पेक्टर (SFI) संजीव कुमार के नेतृत्व में एक विशेष प्रवर्तन दल मौके पर पहुंचा। टीम ने पाया कि प्रतिष्ठानों के आसपास गंदगी जमा थी और मानक के अनुसार डस्टबिन का समुचित उपयोग नहीं किया जा रहा था, जिस पर तुरंत चालान की रसीद काटी गई।
सख्त चेतावनी: सड़क पर कचरा डाला तो सील होंगे प्रतिष्ठान
"सार्वजनिक मार्गों पर गंदगी फैलाना न केवल नगर निगम अधिनियम का उल्लंघन है, बल्कि यह संक्रामक बीमारियों को भी न्योता देता है। सभी प्रतिष्ठान संचालक अनिवार्य रूप से अपनी दुकानों के सामने सूखा और गीला कचरा अलग-अलग रखने हेतु ट्विन डस्टबिन रखें। दोबारा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस रद्दीकरण व प्रतिष्ठान को सील करने की सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।"
— नगर निगम प्रशासन, जोन-1 लखनऊ


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