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चित्रकूट में सेवा का संगम: कछार पुरवा में 328 ग्रामीणों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच, 80 को मिला चश्मा; खिले चेहरे

कछार पुरवा में सेवा का संगम: 328 ग्रामीणों की निशुल्क स्वास्थ्य जांच, 80 बुजुर्गों व जरूरतमंदों को मिले चश्मे; चेहरे पर लौटी मुस्कान

📍 स्थान: कछार पुरवा, चित्रकूट (उत्तर प्रदेश) | 📅 दिनांक: 08 अक्टूबर 2026 | 🩺 श्रेणी: ग्रामीण स्वास्थ्य, निशुल्क नेत्र शिविर, सेवा संकल्प अभियान, समाज सेवा

चित्रकूट: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा संकल्प अभियान के तहत पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय कछार पुरवा में विकास पथ सेवा संस्थान के सौजन्य से एक दिवसीय भव्य निशुल्क स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में 328 ग्रामीणों ने अपने स्वास्थ्य की जांच कराई। श्री सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय के सहयोग से 80 जरूरतमंदों को निशुल्क चश्मे बांटे गए, जबकि 150 लोगों को आई ड्रॉप और दवाएं दी गईं। इसके अलावा 'द हंस फाउंडेशन' की आधुनिक मोबाइल पैथोलॉजी वैन के माध्यम से विभिन्न प्रकार की पैथोलॉजिकल जांचें कर दवाइयां वितरित की गईं।

📌 स्वास्थ्य शिविर के प्रमुख बिंदु:

  • 328 ग्रामीण लाभान्वित: बच्चों, महिलाओं और बुजुर्गों का संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण।
  • नेत्र परीक्षण व चश्मा वितरण: 150 लोगों की आंखों की जांच हुई, जिसमें से 80 दृष्टि दोष से पीड़ित ग्रामीणों को निशुल्क चश्मे प्रदान किए गए।
  • हाइटेक मोबाइल पैथोलॉजी: अत्याधुनिक मशीनों से मौके पर ही रक्त व अन्य जांचें कर निशुल्क औषधियां दी गईं।
  • हरिशंकरी पौधरोपण: पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए अतिथियों द्वारा विद्यालय परिसर में हरिशंकरी पौध का रोपण किया गया।

📊 स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शिविर: एक नजर में

घटक / विवरण तथ्य व जानकारी
आयोजन स्थल पीएम श्री कंपोजिट विद्यालय, कछार पुरवा (चित्रकूट)
आयोजक व सहयोगी विकास पथ सेवा संस्थान, श्री सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय एवं द हंस फाउंडेशन
कुल लाभान्वित ग्रामीण 328 व्यक्ति (महिला, पुरुष एवं बच्चे)
निशुल्क चश्मा वितरण 80 जरूरतमंद ग्रामीणों को प्रदान किए गए
मुख्य अतिथि पंकज अग्रवाल (अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक बांदा-चित्रकूट)

मां सरस्वती पूजन से शुभारंभ, अतिथियों ने सराहा प्रयास

शिविर का विधिवत उद्घाटन मुख्य अतिथि सहकारी बैंक के अध्यक्ष पंकज अग्रवाल, विशिष्ट अतिथि अधिशासी अधिकारी राज किशोर प्रसाद, व्यापार मंडल के जिला मंत्री ऋषि आर्य और खंड शिक्षा अधिकारी अतुल दत्त तिवारी ने मां सरस्वती के चित्र पर दीप प्रज्वलन व माल्यार्पण कर किया।

“प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सेवा संकल्प अभियान के तहत अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना ही सच्ची जनसेवा है। ग्रामीण अंचल के इस विद्यालय में स्वास्थ्य कैंप लगाकर ग्रामीणों और बच्चों को सीधा लाभ देना प्रशंसनीय कदम है।”
— पंकज अग्रवाल (अध्यक्ष, जिला सहकारी बैंक)

विशिष्ट अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी अतुल दत्त तिवारी ने कहा कि विद्यालयों में इस प्रकार के शिविर आयोजित होने से विद्यार्थियों, शिक्षकों और उनके अभिभावकों को एक ही छत के नीचे विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं सुलभ हो जाती हैं।

अत्याधुनिक मोबाइल पैथोलॉजी और विशेषज्ञ डॉक्टरों का योगदान

शिविर में 'द हंस फाउंडेशन' की ओर से डॉ. रवीना चंदेल और एसपीओ अरबाब हुसैन ने ग्रामीणों का गहन स्वास्थ्य परीक्षण किया। आईटी विशेषज्ञ राज पटेल, फार्मासिस्ट मयंक मिश्रा और धीरेंद्र सैनी ने मरीजों को जरूरी दवाइयों का वितरण किया और स्वास्थ्य परामर्श दिया।

विकास पथ सेवा संस्थान के सचिव डॉ. प्रभाकर सिंह ने बताया कि संस्था शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यावरण के क्षेत्र में निरंतर जन-जागरूकता शिविरों का आयोजन कर रही है। सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय जानकीकुंड और हंस फाउंडेशन की टीमों का यह संयुक्त प्रयास ग्रामीणों के लिए जीवनदायी साबित हुआ है।

चश्मा पाकर खिले बुजुर्गों के चेहरे, विद्यालय परिवार का आभार

जैसे ही अतिथियों द्वारा बुजुर्ग ग्रामीणों को नंबर का चश्मा पहनाया गया, उनके चेहरे खुशी से खिल उठे। बुजुर्गों ने भावुक होकर कहा, "अब धुंधलापन दूर हो गया है और सब साफ दिखाई दे रहा है।" कार्यक्रम के अंत में अतिथियों का स्वागत छात्रा पूजा और पूर्णिमा ने स्मृति चिह्न देकर किया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रचना यादव ने सभी अतिथियों और चिकित्सकों का आभार जताया।

सफल आयोजन में इनका रहा सहयोग: सभासद शंकर प्रसाद यादव, ग्राम प्रधान प्रेम नारायण सिंह, कमला देवी, पूर्व प्रधान बुदुल सिंह, सुशील पांडे, रंजना चंदेल, ममता सिंह, सरला सिंह, विद्यासागर सिंह, दीपा, प्रियंका द्विवेदी, गीतांजलि, संजू यादव, मंजू तिवारी, नीलम, सविता, उषा, मुन्नीबाई और रज्जी भाई सहित विद्यालय परिवार एवं ग्रामवासी उपस्थित रहे।

निष्कर्ष: ग्रामीण इलाकों में इस तरह के जमीनी स्वास्थ्य शिविर न केवल गरीब और असहाय परिवारों को समय पर इलाज और जांच उपलब्ध कराते हैं, बल्कि सामाजिक संस्थाओं और सरकारी तंत्र के बेहतर समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत करते हैं।

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