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गीताप्रेस, RSS और गायत्री परिवार का ध्येय एक: लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों को बताया युगनिर्माता; पर्यावरण व नदियों पर दिया जोर

जातीय खेमों में लड़ता भारत नहीं, हमें ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ चाहिए: अखिल विश्व गायत्री परिवार की कार्यशाला में बोले CM योगी; शीर्ष 10 विद्यालयों को किया सम्मानित

📍 स्थान: डॉ. राम मनोहर लोहिया राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, लखनऊ | 📅 दिनांक: 04 अक्टूबर 2026 | 🚩 श्रेणी: भारतीय संस्कृति, गायत्री परिवार, राष्ट्रीय एकता, शिक्षा एवं पर्यावरण

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को अखिल विश्व गायत्री परिवार के शताब्दी वर्ष समारोह के अंतर्गत आयोजित 'प्रांतीय शिक्षक गरिमा कार्यशाला' को संबोधित करते हुए सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का सशक्त संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि हमें बिखरा हुआ, जातियों के खेमों में विभाजित या आपस में लड़ता भारत स्वीकार नहीं है। आज का युवा ही नए भारत का भाग्य विधाता है और समाज को बांटने वाली विघटनकारी ताकतों को विफल करना राष्ट्रहित में सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस भव्य अवसर पर सीएम ने 'भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा' में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले उत्तर प्रदेश के शीर्ष 10 विद्यालयों को मंच से पुरस्कृत भी किया।

📌 मुख्यमंत्री के संबोधन के प्रमुख बिंदु:

  • एक लक्ष्य, तीन आंदोलन: 1923 में गीताप्रेस, 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और 1926 में गायत्री परिवार की स्थापना—तीनों ने राष्ट्र की सुप्त चेतना को जागृत किया।
  • गायत्री परिवार का सामाजिक योगदान: पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य ने यज्ञ वेदी पर सर्वसमाज को एक साथ बिठाकर अस्पृश्यता और भेदभाव को समाप्त किया।
  • शिक्षकों को बताया युगनिर्माता: महर्षि वशिष्ठ, सांदिपनी और चाणक्य की गुरु परंपरा का स्मरण कराते हुए शिक्षकों से राष्ट्र-निर्माण का आह्वान।
  • पर्यावरण व पौधरोपण की उपलब्धि: 2017 से 2026 के बीच यूपी में 275 करोड़ पौधों का रोपण, नदियों के पुनरुद्धार के लिए सेटेलाइट मैपिंग का प्रयोग।
  • संस्कृति ज्ञान परीक्षा का विस्तार: 11 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया; टॉप 10 स्कूलों के प्रबंधकों व प्रधानाचार्यों को सम्मान।

🏆 भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा: सम्मानित उत्तर प्रदेश के शीर्ष-10 विद्यालय

क्र. विद्यालय का नाम जनपद (District)
1 सीतापुर इंटर कॉलेज सीतापुर
2 आशुतोष बृज मोहन लाल मेमोरियल कॉलेज सीतापुर
3 चंद्रशेखर मेमोरियल पब्लिक स्कूल रायबरेली
4 लखनऊ पब्लिक स्कूल (LPS) लखनऊ
5 सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (CMS) लखनऊ
6 डॉ. के.एन. मोदी साइंस एंड कॉमर्स इंटर कॉलेज गाजियाबाद
7 शिव प्रताप इंटर कॉलेज अमेठी
8 अमर सिंह इंटर कॉलेज बुलंदशहर
9 चित्रकूट इंटर कॉलेज चित्रकूट
10 एम.जी. पब्लिक स्कूल मुजफ्फरनगर

तीन वर्षों में तीन महान संस्थाएं: गीताप्रेस, आरएसएस और गायत्री परिवार

समारोह में वैचारिक पृष्ठभूमि रखते हुए मुख्यमंत्री ने 1920 के दशक के राष्ट्रीय पुनर्जागरण का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 1923 में गोरखपुर में गीताप्रेस, 1925 में नागपुर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और 1926 में पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा अखिल विश्व गायत्री परिवार की स्थापना हुई।

तीनों संस्थाओं के कार्यक्षेत्र और शैलियां भले अलग थीं, किंतु उद्देश्य एक था—दासता की बेड़ियों में जकड़े भारत की सोई हुई चेतना को जगाना और समाज को सनातन आध्यात्मिक जड़ों से जोड़कर स्वाधीनता के लिए तैयार करना। आचार्य जी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के रूप में संघर्ष करते हुए यह अनुभव किया कि भौतिक सामर्थ्य के साथ आध्यात्मिक शक्ति का समन्वय ही चिरस्थायी विजय दे सकता है।

"विचार पर चलने वाला संगठन ही तय करता है लंबी दूरी"

मुख्यमंत्री ने कहा कि पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी चाहते तो संगठन को अपना व्यक्तिगत नाम दे सकते थे, लेकिन वे जानते थे कि व्यक्ति से बड़ा परिवार और परिवार से बड़ा विचार होता है।

"व्यक्ति के नाम पर खड़े किए गए संगठन कुछ ही वर्षों में बिखर जाते हैं, परंतु विचार और सिद्धांतों की बुनियाद पर टिके संगठन शताब्दियों तक जीवित रहते हैं। गायत्री परिवार की 100 वर्षों की अखंड साधना इसका प्रत्यक्ष प्रमाण है। 'शब्द ब्रह्म है' और विचार कभी नहीं मरते।"
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)

समाज को बांटना भारत माता और पूर्वजों के प्रति अक्षम्य अपराध

सीएम योगी ने आगाह किया कि आजादी के आंदोलन के समय भी कुछ ताकतें समाज को तोड़ रही थीं और आज भी क्षेत्र, भाषा व जातियों के नाम पर सामाजिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रकृति, वृक्ष, जल स्रोत और सूर्य नारायण किसी के साथ भेदभाव नहीं करते। यज्ञ की वेदी हमें 'इदं न मम' (यह मेरा नहीं, राष्ट्र का है) की भावना सिखाती है। ऐसे में शिक्षकों का परम दायित्व है कि वे कक्षा और समाज में इन विभाजनकारी प्रवृत्तियों को परास्त करें।

पर्यावरण संरक्षण: यूपी में 275 करोड़ पौधे और पुनर्जीवित होती नदियां

प्रधानमंत्री के आह्वान 'एक पेड़ मां के नाम' का संदर्भ देते हुए मुख्यमंत्री ने साझा किया कि 2017 से 2026 के मध्य उत्तर प्रदेश में 275 करोड़ से अधिक पौधरोपण किया जा चुका है, जिसमें केवल इस वर्ष 35 करोड़ पौधे रोपे गए। देहरादून स्थित वन अनुसंधान संस्थान (FRI) और गुरु घासीदास विश्वविद्यालय द्वारा थर्ड-पार्टी ऑडिट कराकर पेड़ों की उत्तरजीविता (Survival Rate) सुनिश्चित की जा रही है।

नदियों को शरीर की धमनियों के समान बताते हुए उन्होंने कहा कि विलुप्त हो चुकी नदियों को सेटेलाइट मैपिंग के जरिए खोजकर उनकी खुदाई कराई गई, जिससे दशकों बाद वहां पुनः प्राकृतिक जलधारा फूट पड़ी।

"आंतरिक संकीर्णताओं पर विजय पाना ही सच्चा धर्म": डॉ. चिन्मय पंड्या

गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि डॉ. चिन्मय पंड्या ने अपने वक्तव्य में रेखांकित किया कि आधुनिक युग में लोभ, स्वार्थ, संकीर्णता और मानसिक तनाव सबसे बड़ी मानवीय चुनौतियां हैं। भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा का मूल लक्ष्य भावी पीढ़ी के मन में नैतिक मूल्य, सदाचार और सेवा भावना को रोपना है।

समारोह में जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, विधान परिषद सदस्य डॉ. महेंद्र सिंह, विधायक राजेश्वर सिंह, केंद्रीय जोन प्रभारी परमानंद द्विवेदी और प्रांतीय समन्वयक रामयश तिवारी सहित हजारों शिक्षक व स्वयंसेवक उपस्थित रहे।

संकल्प 2047: मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि यदि प्रत्येक नागरिक अधिकारों से ऊपर अपने संवैधानिक व राष्ट्रीय कर्तव्यों को वरीयता दे, तो वर्ष 2047 तक भारत निश्चित रूप से विश्वगुरु बनकर संपूर्ण मानवता का मार्गदर्शन करेगा।

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