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सीएम योगी की बड़ी सौगात: यूपी के 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़कर हुआ ₹3500, सालाना ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज

सीएम योगी की बड़ी सौगात: 68 हजार ग्राम प्रहरियों का मानदेय बढ़कर हुआ ₹3500 प्रतिमाह; परिवारों को मिलेगा ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज

📍 स्थान: रिजर्व पुलिस लाइन, बरेली (उत्तर प्रदेश) | 📅 दिनांक: 13 अक्टूबर 2026 | 🛡️ श्रेणी: ग्रामीण सुरक्षा, मानदेय वृद्धि, स्वास्थ्य सुरक्षा, उत्तर प्रदेश शासन

बरेली: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को बरेली पुलिस लाइन में आयोजित भव्य ग्राम प्रहरी सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए प्रदेश के करीब 68 हजार ग्राम प्रहरियों (चौकीदारों) के मानदेय में एकमुश्त 40 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की। अब उन्हें 2500 रुपये के स्थान पर 3500 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलेगा, जिससे प्रत्येक ग्राम प्रहरी को प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये की अतिरिक्त आय होगी। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने ग्राम प्रहरियों और उनके परिजनों के लिए प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा का बड़ा ऐलान किया।

📌 मुख्यमंत्री की घोषणाओं व संबोधन के मुख्य बिंदु:

  • मानदेय में 40% बढ़ोतरी: मासिक मानदेय ₹2500 से बढ़कर ₹3500 हुआ; 2017 में यह केवल ₹1500 था।
  • ₹5 लाख का कैशलेस स्वास्थ्य कवच: 68 हजार ग्राम प्रहरियों और उनके परिजनों को गंभीर बीमारी में सालाना 5 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज।
  • 'गांव के सीसीटीवी हैं ग्राम प्रहरी': मुख्यमंत्री ने कहा कि शहर में सीसीटीवी की तरह गांव में प्रहरी संदिग्ध गतिविधियों, भू-माफिया और अपराध पर नजर रखें।
  • साप्ताहिक संवाद के निर्देश: हर थाने के थानाध्यक्ष अथवा क्षेत्र के दरोगा सप्ताह में कम से कम एक दिन ग्राम प्रहरियों के साथ अनिवार्य बैठक करेंगे।
  • रिक्त पदों पर भर्ती: गृह विभाग को निर्देश दिए गए कि जहां भी ग्राम प्रहरियों के पद खाली हैं, वहां स्थानीय स्तर पर तुरंत नियुक्तियां की जाएं।

📊 ग्राम प्रहरी मानदेय व कल्याणकारी योजना: विवरण

घटक / मानक नया प्रावधान व आधिकारिक आंकड़े
कुल लाभार्थी ग्राम प्रहरी प्रदेशभर के लगभग 68,000 ग्राम प्रहरी
नया मासिक मानदेय ₹3,500 प्रति माह (पहले ₹2,500 था)
सालाना अतिरिक्त आय ₹12,000 प्रति ग्राम प्रहरी
स्वास्थ्य बीमा सुरक्षा ₹5,00,000 प्रति वर्ष (कैशलेस उपचार)
ग्रामीण सुरक्षा दायरा 57,600+ ग्राम पंचायतें और 1.05 लाख राजस्व गांव

'2017 से पहले जो रहनुमा थे वही चोर थे, अब अपराधियों में कानून का खौफ'

बरेली में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों के कार्यकाल पर करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के पहले जो लोग सत्ता में बैठे थे, वही लूट-खसोट और डकैती का संरक्षण करते थे, जिससे पुलिस भी कार्रवाई करने से हिचकती थी।

“पहले मुट्ठीभर अपराधियों के कुकृत्यों का खामियाजा 25 करोड़ प्रदेशवासियों को भुगतना पड़ता था। दूसरे राज्यों में जाने पर यूपी के लोगों को पहचान छिपानी पड़ती थी, होटलों में कमरे तक नहीं मिलते थे। आज अपराधियों के मन में कानून का डर है। बेटी की सुरक्षा में सेंध लगाने वालों या लूट-चेन स्नेचिंग करने वालों को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ते हैं। अब यूपी का नाम सुनकर लोग गले मिलने आते हैं।”
— योगी आदित्यनाथ (मुख्यमंत्री, उत्तर प्रदेश)

मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि की तृतीया तिथि पर मां चंद्रघंटा का स्मरण करते हुए कहा कि देवी के घंटे का नाद जिस तरह असुरों में भय पैदा करता है, उसी तरह सरकार की कड़क आवाज ने माफिया और दंगाइयों को समाप्त कर दिया है। आज प्रदेश में बिना किसी उपद्रव के लाखों श्रद्धालु शक्तिपीठों में दर्शन कर रहे हैं।

सीसीटीवी की तरह सतर्क रहें: वन्यजीवों और अफवाहों पर समय पर दें सूचना

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्राम प्रहरियों को किसी से उलझने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि उनकी भूमिका गांव की आंख और कान बनकर सूचनाएं जुटाने की है:

  • अफवाहों और अपराध पर नजर: बरसात और त्योहारों के समय फैलने वाली अफवाहों तथा असामाजिक तत्वों की गतिविधियों की सूचना तत्काल थाने को दें।
  • वन्यजीव संकट से बचाव: पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और बहराइच जैसे तराई जनपदों में लकड़बग्घों और भेड़ियों के हमलों तथा बिजनौर में 40 से अधिक तेंदुओं के रेस्क्यू का उदाहरण देते हुए सीएम ने कहा कि प्रहरी की एक सूचना कई जिंदगियां बचा सकती है।
  • संवाद से समाधान: केवल हस्तक्षेप के बजाय पुलिस और ग्राम प्रहरियों के बीच नियमित संवाद होना चाहिए ताकि जमीन विवाद या छोटी रंजिशें बड़ा रूप न ले सकें।

उत्कृष्ट कार्य करने वाले 11 ग्राम प्रहरी सम्मानित; मंत्रियों ने बांधे तारीफों के पुल

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समारोह में उत्कृष्ट और साहसिक योगदान देने वाले 11 ग्राम प्रहरियों को मंच पर साफा पहनाकर एवं उपहार देकर सम्मानित किया:

राजवीर सिंह (फरीदपुर, बरेली), कुंवर पाल सिंह (सिरौली, बरेली), राम राठौर (बहेड़ी, बरेली), राजेंद्र बाल्मीकि (सुनगढ़ी, पीलीभीत), कमलेश (पुवायां, शाहजहांपुर), कमलेश सिंह सैनी (कांठ, मुरादाबाद), राजेश सैनी (कोतवाली, बिजनौर), अनिल बाल्मीकि (हजरतनगर गढ़ी, संभल), ध्यान सिंह चौहान (टांडा, रामपुर), प्रकाश (शाहबाद, रामपुर) और तेजपाल प्रजापति (नौगावां सादात, अमरोहा)।

कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि मानदेय में वृद्धि मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता का प्रमाण है, जिसने अंतिम पायदान पर खड़े सुरक्षाकर्मी को सम्मान दिया है। वहीं पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने कहा कि गांवों से गुंडागर्दी समाप्त हो चुकी है और भाजपा का 'पीडीए' मॉडल जनता के विश्वास पर खरा उतरा है।

निष्कर्ष: मानदेय में 40% बढ़ोतरी और ₹5 लाख का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा देना उत्तर प्रदेश के ग्रामीण सुरक्षा तंत्र को सुदृढ़ करने वाला ऐतिहासिक कदम है। थानों से नियमित समन्वय और रिक्त पदों पर भर्ती से प्रदेश के 1 लाख से अधिक गांवों में सुरक्षा का भरोसा और मजबूत होगा।

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