गोलागंज के एसए अपार्टमेंट की सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट आज आएगी: जैक लगाकर बिल्डिंग को दी गई मजबूती; सुरक्षित सामान निकालने की तैयारी में निवासी
लखनऊ: पुराने लखनऊ के गोलागंज स्थित बारूदखाना मोहल्ले के एसए अपार्टमेंट की अंतिम सेफ्टी ऑडिट रिपोर्ट शनिवार को सार्वजनिक कर दी जाएगी। बीते सोमवार को बेसमेंट का मुख्य पिलर दरकने से इमारत पर मंडरा रहे ढहने के खतरे के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) ने हाइड्रोलिक और मैकेनिकल जैक लगाकर स्ट्रक्चर को सहारा दिया है। विशेषज्ञ तकनीकी टीम द्वारा बृहस्पतिवार को किए गए निरीक्षण की विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही फ्लैट मालिकों को अपना आवश्यक व कीमती घरेलू सामान निकालने की औपचारिक अनुमति दी जाएगी।
📌 एसए अपार्टमेंट घटनाक्रम के प्रमुख बिंदु:
- आज आएगी सेफ्टी रिपोर्ट: स्ट्रक्चरल ऑडिट टीम जांच पूरी कर शनिवार को प्राधिकरण को सौंपेगी विस्तृत तकनीकी रिपोर्ट।
- जैक लगाकर मिला सहारा: भूतल पर अतिरिक्त मोटी दीवारें चुनवाकर और मजबूत जैक लगाकर बिल्डिंग के ऊपरी भार को स्थिर किया गया।
- सोमवार से बृहस्पतिवार तक चला काम: दरार आने के तुरंत बाद खाली कराई गई थी इमारत, 4 दिनों के युद्धस्तर प्रयास से ढांचा हुआ सुरक्षित।
- सामान निकालने की अनुमति: पिलर दरकने पर निवासी खाली हाथ भागे थे; रिपोर्ट में हरी झंडी मिलते ही क्रमबद्ध तरीके से सामान निकालने दिया जाएगा।
- एलडीए का रुख: अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों की पुष्टि के बाद ही परिसर में किसी को प्रवेश मिलेगा।
📊 एसए अपार्टमेंट मामला: घटनाक्रम एवं सुरक्षा प्रबंध
| प्रमुख पहलू | स्थिति विवरण |
|---|---|
| इमारत का नाम व स्थल | एसए अपार्टमेंट, बारूदखाना, गोलागंज, लखनऊ |
| हादसे का प्रारंभिक कारण | भूतल/बेसमेंट का पिलर अचानक फटना और दरकना |
| सुदृढ़ीकरण तकनीक (Retrofitting) | मोटी कंक्रीट/ईंट की सपोर्टिंग दीवारें एवं हैवी-ड्यूटी जैक की स्थापना |
| ऑडिट की अंतिम तिथि | बृहस्पतिवार को फील्ड परीक्षण पूर्ण; आज (शनिवार) रिपोर्ट जारी होगी |
| सक्षम प्राधिकारी | ज्ञानेंद्र वर्मा, अपर सचिव, लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) |
जैक और नई दीवारों से रोका गया ऊपरी मंजिलों का भार
बीते सोमवार को जब अपार्टमेंट का मुख्य पिलर अचानक चटक गया था, तब इमारत में अफरा-तफरी मच गई थी। पुलिस और एलडीए ने तुरंत हस्तक्षेप करते हुए सभी फ्लैट्स को खाली करा लिया था। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष इंजीनियरिंग टीम को इमारत को टिकाने का जिम्मा सौंपा गया।
विशेषज्ञों ने भूतल पर जहां पहले से दीवारें थीं, वहां छत के नीचे भारी जैक लगाए। वहीं, जहां खुला स्थान था, वहां पहले ईंट-कंक्रीट की चौड़ी व मजबूत दीवारें बनाई गईं और फिर उन पर जैक स्थापित किए गए। इस दोहरी तकनीकी व्यवस्था से पूरी इमारत का लोड समान रूप से विभाजित हो गया, जिससे स्ट्रक्चर के गिरने का तात्कालिक खतरा टल गया। सोमवार से शुरू हुआ यह आपातकालीन कार्य बृहस्पतिवार शाम तक पूरी तरह संपन्न कर लिया गया।
अफरा-तफरी में छूटा था जरूरी सामान, अब मिलेगा अवसर
हादसे के दिन पिलर में दरार देखकर जान बचाने के लिए अपार्टमेंट में रहने वाले दर्जनों परिवार बिना कोई सामान लिए केवल एक कपड़े में बाहर निकल आए थे। फ्लैटों में नकदी, जेवरात, शैक्षणिक दस्तावेज और गृहस्थी का सारा सामान फंसा रह गया था।
एलडीए अधिकारियों ने आश्वस्त किया था कि यह सुदृढ़ीकरण कार्य प्राथमिकता के आधार पर इसलिए कराया जा रहा है ताकि इमारत इतनी स्थिर हो सके कि लोग बिना जान-माल के जोखिम के अपना सामान सुरक्षित निकाल सकें। ऑडिट टीम ने बृहस्पतिवार को मौके पर लोड-बेयरिंग और कंपन का सूक्ष्म परीक्षण किया है।
📢 बिल्डिंग को मजबूती देने का कार्य पूरा: अपर सचिव ज्ञानेंद्र वर्मा
"अपार्टमेंट को मजबूती प्रदान किए जाने का तकनीकी कार्य पूरी तरह संपन्न हो चुका है। विशेषज्ञ सेफ्टी ऑडिट टीम की रिपोर्ट शनिवार को प्राप्त हो जाएगी। रिपोर्ट में सुरक्षा का पूरा आकलन देखने के बाद ही चरणबद्ध तरीके से आवंटियों और किराएदारों को अपना आवश्यक व अन्य घरेलू सामान निकालने की अनुमति दी जाएगी, जिससे किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति न बने।"
— ज्ञानेंद्र वर्मा (अपर सचिव, लखनऊ विकास प्राधिकरण)


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