जियो ने एयरटेल से करीब 10 गुना ज्यादा जोड़े कोर मोबाइल ग्राहक: सितंबर में 86% नए यूजर्स पर किया कब्जा; एक्टिव सब्सक्राइबर्स में भी एयरटेल-Vi पिछड़े
नई दिल्ली: शेयर बाजार में ब्लॉकबस्टर लिस्टिंग और देश की दूसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बनने के बाद रिलायंस जियो (Reliance Jio) के खाते में दूरसंचार बाजार से भी बड़ी उपलब्धि आई है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के सितंबर आंकड़ों के आधार पर वित्तीय ब्रोकरेज फर्म DAM Capital और IIFL Capital द्वारा जारी विश्लेषण के अनुसार, जियो ने मशीन-टू-मशीन (M2M) कनेक्शन हटाने के बाद शुद्ध कोर मोबाइल सेगमेंट में भारती एयरटेल के मुकाबले करीब 10 गुना अधिक ग्राहक जोड़े हैं।
📌 ट्राई सितंबर रिपोर्ट: प्रमुख बिंदु
- कोर मोबाइल ग्रोथ: सितंबर में जियो ने 19 लाख कोर ग्राहक जोड़े, जबकि भारती एयरटेल के खाते में मात्र 2 लाख ग्राहक आए।
- 86% मार्केट शेयर पर कब्जा: देश में बढ़े कुल 22 लाख कोर मोबाइल ग्राहकों में से लगभग 86 फीसदी हिस्सेदारी अकेले जियो की रही।
- एक्टिव यूजर्स में भी बाजी: जियो के एक्टिव सब्सक्राइबर्स में 13 लाख की बढ़ोतरी हुई, जबकि एयरटेल के 2 लाख और वोडाफोन आइडिया के 3 लाख एक्टिव यूजर घट गए।
- कुल ग्राहक आधार: जियो का कुल कस्टमर बेस 51.11 करोड़ और एयरटेल का 49.43 करोड़ दर्ज किया गया।
- कोर मोबाइल ग्राहक का अर्थ: इसमें केवल वास्तविक इंसानी मोबाइल यूजर शामिल हैं; मशीनों, स्मार्ट मीटर व पीओएस उपकरणों में प्रयुक्त M2M सिम को बाहर रखा जाता है।
📊 सितंबर 2026: भारतीय टेलीकॉम कंपनियों का प्रदर्शन
| टेलीकॉम ऑपरेटर | कोर मोबाइल शुद्ध जोड़ | एक्टिव यूजर्स में बदलाव | कुल ग्राहक संख्या |
|---|---|---|---|
| रिलायंस जियो | + 19 लाख | + 13 लाख | 51.11 करोड़ |
| भारती एयरटेल | + 2 लाख | - 2 लाख | 49.43 करोड़ |
| वोडाफोन आइडिया (Vi) | लगातार गिरावट | - 3 लाख | 20.01 करोड़ |
| बीएसएनएल (BSNL) | सीमित बदलाव | स्थिर / आंशिक कमी | 9.43 करोड़ |
कोर मोबाइल ग्राहक क्या हैं और यह अंतर क्यों महत्वपूर्ण है?
आमतौर पर टेलीकॉम ऑपरेटरों के कुल आंकड़ों में मशीन-टू-मशीन (M2M) सिम भी शामिल होते हैं, जिनका उपयोग स्मार्ट इलेक्ट्रिसिटी मीटर, ऑटोमोबाइल जीपीएस ट्रैकर और स्वाइप मशीनों में होता है।
“जब विश्लेषण में से M2M कनेक्शनों को अलग कर केवल वास्तविक मोबाइल हैंडसेट यूजर्स (कोर सब्सक्राइबर्स) की गणना की जाती है, तो नेटवर्क की वास्तविक लोकप्रियता सामने आती है। इस कसौटी पर सितंबर में पूरे देश में कुल 22 लाख ग्राहक बढ़े, जिनमें से 19 लाख अकेले जियो से जुड़े।”
एक्टिव सब्सक्राइबर्स: जियो में तेज वृद्धि, प्रतिस्पर्धियों में गिरावट
एक्टिव यूजर्स (VLR डेटा) वह पैमाना है जिससे पता चलता है कि कितने ग्राहक नियमित रूप से नेटवर्क पर कॉल, डेटा या एसएमएस का उपयोग कर रहे हैं। DAM Capital की रिपोर्ट के अनुसार:
- जियो की सीधी बढ़त: सितंबर माह में जियो के एक्टिव यूजरबेस में 13 लाख की शुद्ध वृद्धि हुई।
- प्रतिद्वंद्वियों का नुकसान: समान अवधि में एयरटेल को 2 लाख और वोडाफोन आइडिया को 3 लाख एक्टिव ग्राहकों का नुकसान उठाना पड़ा।
- नेट नेशनल ग्रोथ: जियो की इस मजबूत बढ़त के कारण ही देश के कुल एक्टिव मोबाइल यूजर्स में 6 लाख की शुद्ध मासिक वृद्धि दर्ज की जा सकी।
कुल ग्राहक संख्या में 51 करोड़ के पार रिलायंस जियो
TRAI द्वारा जारी समग्र टेलीकॉम आंकड़ों (जिसमें M2M शामिल हैं) के अनुसार, सितंबर 2026 के अंत तक भारतीय दूरसंचार बाजार में कंपनियों की स्थिति इस प्रकार रही:
- रिलायंस जियो: 51.11 करोड़ ग्राहकों के साथ देश का निर्विवाद शीर्ष ऑपरेटर।
- भारती एयरटेल: 49.43 करोड़ सब्सक्राइबर्स के साथ दूसरे स्थान पर मजबूती से डटा हुआ।
- वोडाफोन आइडिया: 20.01 करोड़ ग्राहकों के साथ तीसरे स्थान पर।
- बीएसएनएल: 9.43 करोड़ मोबाइल ग्राहकों के साथ चौथे स्थान पर।



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