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अमीनाबाद दवा मंडी पर FSDA का बड़ा एक्शन: फर्जी बिलिंग और नकली दवाओं के खेल में 14 फर्मों के लाइसेंस रद्द, 29 निलंबित; देखें पूरी सूची

राजधानी में अमीनाबाद की दवा मंडी पर गिरी गाज: फर्जी बिलिंग और नकली दवाओं के कारोबार में 14 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस रद्द, 29 निलंबित; 5 पर फैसला बाकी

📍 स्थान: अमीनाबाद, लखनऊ (उत्तर प्रदेश) | 📅 दिनांक: 15 अक्टूबर 2026 | 💊 श्रेणी: औषधि प्रशासन (FSDA), क्राइम रिपोर्ट, स्वास्थ्य सुरक्षा, लखनऊ समाचार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित प्रदेश की सबसे बड़ी थोक दवा मंडी अमीनाबाद में नकली दवाओं और फर्जी बिलिंग के अवैध सिंडिकेट के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) ने अब तक की सबसे बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। गहन विभागीय जांच और पुलिस रिपोर्ट के आधार पर दवा मंडी के कुल 44 प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई है, जिनमें से 14 फर्मों के औषधि लाइसेंस पूर्ण रूप से निरस्त (रद्द) कर दिए गए हैं, जबकि गंभीर अनियमितताएं पाए जाने पर 29 फर्मों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त 5 अन्य संदिग्ध फर्मों पर अंतिम निर्णय अभी विचाराधीन है।

📌 अमीनाबाद दवा मंडी कार्रवाई के मुख्य बिंदु:

  • 14 फर्मों के लाइसेंस निरस्त: क्रॉस बिलिंग, बोगस इनवॉइस और नकली (काउंटरफीट) दवाएं खपाने में संलिप्त पाए जाने पर लाइसेंस हमेशा के लिए रद्द।
  • 29 प्रतिष्ठान निलंबित: जांच में कमियां व अनियमितताएं मिलने पर 29 फर्मों का लाइसेंस सस्पेंड; निलंबन अवधि में खरीद-बिक्री पर पूर्ण रोक।
  • 5 फर्मों पर सुनवाई लंबित: कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद 5 मेडिकल फर्मों के मामलों में अंतिम फैसला आना शेष।
  • लाखों की दवाएं व एफआईआर: अब तक लगभग ₹41.58 लाख की अवैध दवाएं जब्त, 32 आरोपियों के खिलाफ 9 एफआईआर और 2 गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
  • अवैध गोदामों का भंडाफोड़: मिश्रा एसोसिएट्स सहित कई फर्मों द्वारा बिना किसी वैध लाइसेंस के गोपनीय गोदाम संचालित करने की पुष्टि।

📊 एफएसडीए कार्रवाई विवरण: लाइसेंस रद्दीकरण व निलंबन की स्थिति

कार्रवाई का प्रकार संख्या प्रमुख फर्मों / प्रतिष्ठानों के नाम
लाइसेंस निरस्त (Cancelled) 14 हेल्थ प्लस, एम.के. फार्मा, राम फार्मा, भारत फार्मा, विद्या फार्मा, श्री अशोक फार्मास्युटिक्स, एम.डी.एच. फार्मा, श्री बांके बिहारी फार्मा, न्यू बाबा फार्मा, छोटा फार्मा, श्री राज राजेश्वर एंटरप्राइजेज, सुपरविजन ट्रेडर्स, मिश्रा एसोसिएट्स (मुख्य फर्म व अवैध गोदाम)
लाइसेंस निलंबित (Suspended) 29 एस.एस. मेडिको, महालक्ष्मी ट्रेडर्स, ट्रेडमेड इंडिया (2 ठिकाने), मेडट्रास मल्टीवर्स, फार्मा सेल्स, सुखमनी फार्मा, बापू मेडिकल हॉल, अनंत एंटरप्राइजेज, संस्कृति फार्मा, ओम साई राम मेडिकोज, रुद्राक्ष फार्मा, दुर्गा डिस्ट्रीब्यूटर्स, भगवती एंटरप्राइजेज, मैक फार्मा आदि
निर्णय लंबित (Pending) 05 विनोद फार्मास्युटिकल्स डिस्ट्रीब्यूटर्स, श्री कृष्णा फार्मास्युटिकल्स डिस्ट्रीब्यूटर्स, राज एंड ब्रदर्स फार्मा, गुरुजी फार्मास्युटिकल्स और सन लाइट फार्मा (अमीनाबाद)

क्रॉस बिलिंग और बोगस सप्लाई: जुलाई-अगस्त से जुड़ी जांच की कड़ी

औषधि प्रशासन के अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई अचानक नहीं हुई है बल्कि पिछले कई महीनों से चल रही सुनियोजित पड़ताल का नतीजा है:

  • जुलाई 2026 की छापेमारी: लखनऊ के आलमबाग, बक्शी का तालाब और अमीनाबाद स्थित अवैध ठिकानों से नकली दवाओं का बड़ा जखीरा पकड़ा गया था। इस दौरान बिलिंग सॉफ्टवेयर में छेड़छाड़ कर फर्जी पर्चियां काटने वाले एक सॉफ्टवेयर विक्रेता और 8 दवा फर्मों पर पहली एफआईआर दर्ज हुई थी।
  • अगस्त 2026 में 9 एफआईआर: जांच आगे बढ़ी तो खुलासा हुआ कि मेसर्स हेल्थ प्लस, एम.के. फार्मा, राम फार्मा और सहारनपुर की पेशेंट केयर सर्जिकल हाउस जैसी फर्में कागजों पर खरीद-फरोख्त दिखाकर असल में नकली दवाओं को मार्केट में खपाने का रैकेट चला रही थीं। इसके बाद थाना अमीनाबाद में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए।
  • कैसरबाग क्रॉस-बिलिंग सिंडिकेट: कैसरबाग क्षेत्र में बिना दवाओं की वास्तविक फिजिकल डिलीवरी किए केवल बिलों की हेराफेरी कर टैक्स चोरी और अवैध दवाओं को नंबर-एक में दिखाने का नेटवर्क भी पकड़ा गया था।

प्रतिष्ठानों की विस्तृत सूची और विभागीय कार्रवाई

जांच में पाया गया कि जिन 14 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निरस्त किए गए हैं, उनका सीधा संबंध नकली दवाओं की आपूर्ति श्रृंखला और जाली दस्तावेजों से था। इनमें मिश्रा एसोसिएट्स का एक ऐसा गोदाम भी शामिल है जो औषधि विभाग की जानकारी के बिना अवैध रूप से चलाया जा रहा था।

“जिन 29 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, वे निलंबन अवधि के दौरान किसी भी प्रकार की दवाओं का क्रय-विक्रय (ट्रेडिंग) नहीं कर सकेंगे। यदि किसी भी निलंबित फर्म द्वारा दवाओं का लेन-देन पाया गया, तो उनके विरुद्ध औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत सीधे आपराधिक मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी कराई जाएगी।”
— औषधि प्रशासन विभाग, उत्तर प्रदेश

निलंबित रहने वाली अन्य प्रमुख फर्में: जय श्री महाकाल फार्मास्युटिकल्स, श्री तिरुपति बालाजी एजेंसी, आर.जी. फार्मा, अनंतासिया फार्मा प्रा. लि., सोनल फार्मा, गायत्री फार्मा एंड सर्जिकल्स, एस.के.जी. मेडिकल्स, मां अम्बे फार्मा, श्री अष्टविनायक फार्मास्युटिकल्स, ए.एस. मेडिकल स्टोर, एस.पी. फार्मा, दूर्वा इंटरनेशनल और आर.एन. फार्मा।

दवा बाजार में हड़कंप; आगे भी जारी रहेगा जांच अभियान

अमीनाबाद दवा मंडी में एक साथ 44 प्रतिष्ठानों पर हुई इस सख्त कार्रवाई के बाद दवा कारोबारियों और सिंडिकेट से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि नोटिस प्राप्त 5 फर्मों के स्पष्टीकरण का परीक्षण किया जा रहा है और साक्ष्य मिलते ही उनके विरुद्ध भी लाइसेंस निरस्तीकरण की संस्तुति की जाएगी। आम जनमानस के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कारोबारी को बख्शा नहीं जाएगा।

निष्कर्ष: अमीनाबाद दवा मंडी में एफएसडीए की यह बड़ी कार्रवाई नकली दवाओं के सिंडिकेट की रीढ़ तोड़ने की दिशा में बड़ा कदम है। पारदर्शी बिलिंग और सख्त भौतिक सत्यापन के जरिए ही मरीजों को जीवनरक्षक दवाओं के नाम पर नकली दवाओं के खतरे से सुरक्षित रखा जा सकता है।

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