वन्य प्राणी सप्ताह में चित्रों और नुक्कड़ नाटकों से दिया संरक्षण का संदेश: लखनऊ चिड़ियाघर में प्रतियोगिताओं का आयोजन; मॉडल मांटेसरी स्कूल की छात्रा वर्षा गुप्ता ने जीता तृतीय स्थान
लखनऊ: नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान (लखनऊ चिड़ियाघर) में चल रहे वन्य प्राणी सप्ताह के अंतर्गत रविवार को वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विविध जागरूकता प्रतियोगिताओं का भव्य आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में शहर के विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया। नगर निगम लखनऊ द्वारा संचालित मॉडल मांटेसरी स्कूल की कक्षा पांच की प्रतिभावान छात्रा वर्षा गुप्ता ने अपनी आकर्षक कलाकृति के दम पर चित्रकला प्रतियोगिता में तृतीय स्थान प्राप्त कर विद्यालय व नगर निगम का नाम रोशन किया।
📌 वन्य प्राणी सप्ताह आयोजन के मुख्य बिंदु:
- चित्रकला में उपलब्धि: नगर निगम मॉडल मांटेसरी स्कूल की कक्षा 5 की छात्रा वर्षा गुप्ता ने सहायक अध्यापिका रुचि सोनकर के मार्गदर्शन में तीसरा स्थान जीता।
- नुक्कड़ नाटक में भारी सहभागिता: वन्यजीव एवं पर्यावरण विषय पर आयोजित नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में 17 विद्यालयों के 170 विद्यार्थियों ने दी सजीव प्रस्तुतियां।
- प्रतिष्ठित अतिथियों की उपस्थिति: अमेरिकी दूतावास की पूर्व युवा परामर्शदाता रानी लुगई पी. ब्रहमा और लीसा राउतराय ने बच्चों की रचनात्मकता को सराहा।
- निदेशक का संबोधन: चिड़ियाघर के निदेशक संजय कुमार बिश्वाल ने विद्यार्थियों को वन्यजीव पारिस्थितिकी और जैव विविधता का महत्व समझाया।
- पुरस्कार वितरण: सभी विजयी प्रतिभागियों को 8 अक्टूबर को आयोजित होने वाले वन्य प्राणी सप्ताह के समापन समारोह में पुरस्कृत किया जाएगा।
📊 वन्य प्राणी सप्ताह 2026: प्रतियोगिता विवरण
| प्रमुख घटक | विवरण व आंकड़े |
|---|---|
| आयोजन स्थल | नवाब वाजिद अली शाह प्राणि उद्यान (लखनऊ चिड़ियाघर) |
| प्रमुख प्रतियोगिताएं | चित्रकला प्रतियोगिता एवं नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता |
| नुक्कड़ नाटक में भागीदारी | 17 विद्यालयों के 170 छात्र-छात्राएं |
| चित्रकला में उल्लेखनीय उपलब्धि | वर्षा गुप्ता (कक्षा 5, मॉडल मांटेसरी स्कूल) — तृतीय स्थान |
| समापन व सम्मान समारोह | 08 अक्टूबर 2026 (वन्य प्राणी सप्ताह का समापन दिवस) |
रंगों और अभिनय के माध्यम से प्रकृति संतुलन का संदेश
प्राणि उद्यान परिसर में आयोजित चित्रकला प्रतियोगिता में नन्हें विद्यार्थियों ने अपनी कल्पना के रंगों से वन्यजीवों की सुरक्षा, वनों के कटान की रोकथाम और जैव विविधता के संतुलन को कैनवास पर उकेरा। मॉडल मांटेसरी स्कूल की छात्रा वर्षा गुप्ता ने अपनी कलाकृति में वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व को अत्यंत संजीदगी से दर्शाया। उनकी इस उपलब्धि में विद्यालय की सहायक अध्यापिका रुचि सोनकर का कुशल मार्गदर्शन रहा।
इसके साथ ही आयोजित नुक्कड़ नाटक प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों की टीमों ने प्रभावशाली संवादों और अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। 17 स्कूलों के 170 प्रतिभागियों ने वनों की अंधाधुंध कटाई, प्लास्टिक प्रदूषण और विलुप्त होते दुर्लभ जीवों के संरक्षण से जुड़ी चुनौतियों को सजीवता से प्रस्तुत किया।
"जागरूक बच्चे ही बनेंगे पर्यावरण के सच्चे संरक्षक": मुख्य अतिथि
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित अमेरिकी दूतावास की पूर्व युवा परामर्शदाता रानी लुगई पी. ब्रहमा और विशिष्ट अतिथि लीसा राउतराय ने छात्र-छात्राओं की कलात्मक और नाट्य प्रस्तुतियों की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
"पर्यावरण और वन्यजीवों का संरक्षण केवल नीतियों तक सीमित नहीं रह सकता, इसे जन-आंदोलन बनाना होगा। जब विद्यालयी बच्चे रंगों और संवादों के जरिए समाज को जागरूक करते हैं, तो उसका प्रभाव दूरगामी होता है। प्रकृति के संतुलन को बनाए रखने में युवाओं की यह पहल प्रेरणादायक है।"
— रानी लुगई पी. ब्रहमा (पूर्व युवा परामर्शदाता, अमेरिकी दूतावास)
8 अक्टूबर को समापन पर दिया जाएगा पुरस्कार
प्राणि उद्यान लखनऊ के निदेशक संजय कुमार बिश्वाल ने उपस्थित विद्यार्थियों से संवाद करते हुए उन्हें वन्यजीवों की अनूठी आदतों और पर्यावरण चक्र में उनकी अपरिहार्य भूमिका से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ी को प्रकृति के करीब लाना और उन्हें वन्यजीव संरक्षण का व्यावहारिक ज्ञान देना ही वन्य प्राणी सप्ताह का मुख्य उद्देश्य है।
प्रतियोगिताओं के निर्णायक मंडल द्वारा चयनित द्वितीय, तृतीय एवं सांत्वना पुरस्कार विजेताओं के नामों की घोषणा की गई। सभी विजेता छात्र-छात्राओं को 8 अक्टूबर को आयोजित होने वाले वन्य प्राणी सप्ताह के भव्य समापन समारोह में मेडल व प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।


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