यूपी में तेजी से बढ़ेगा ई-वाहनों का चार्जिंग नेटवर्क: पीएम ई-ड्राइव के दूसरे चरण में 1,500 स्थानों पर बनेंगे चार्जिंग स्टेशन; अस्पताल, मॉल और ढाबों तक मिलेगी फास्ट चार्जिंग सुविधा
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में हरित ऊर्जा और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को गति देने के लिए योगी सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) के सार्वजनिक चार्जिंग नेटवर्क को व्यापक स्तर पर विस्तारित करने का निर्णय लिया है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ई-ड्राइव (PM E-DRIVE) योजना के दूसरे चरण के तहत राज्य भर में 1,500 नए सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन विकसित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत अब तक 240 स्थानों की पहचान पूरी हो चुकी है, जबकि शेष 1,260 उपयुक्त स्थलों के चयन के लिए सभी जिलाधिकारियों (DMs) को तेजी से प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
📌 यूपी ईवी चार्जिंग नेटवर्क के मुख्य बिंदु:
- दूसरे चरण का लक्ष्य: माल परिवहन गलियारे और एनसीआर-गैर एनसीआर जिलों में 1,500 नए चार्जिंग स्टेशन की स्थापना।
- वर्तमान चरण की स्थिति: 20 क्लस्टरों में 238 स्थल स्वीकृत; 99 स्थलों के एमओयू (MoU) संपन्न और 139 प्रक्रियाधीन।
- फास्ट चार्जिंग तकनीक: प्रत्येक स्टेशन पर 60 किलोवाट (kW) के दो डीसी फास्ट चार्जर और 12 किलोवाट का एक एसी/डीसी चार्जर लगेगा।
- रणनीतिक स्थल: मेडिकल कॉलेज, विश्वविद्यालय, कलेक्ट्रेट, विकास भवन, रोडवेज बस स्टेशन, मॉल, पार्किंग स्थल एवं राजमार्गों के ढाबे।
- नगर निगमों की भागीदारी: अब तक नगर निगम क्षेत्रों में 129, रोडवेज परिसरों में 74, डिस्काम में 26 और गीडा में 10 स्थल चिह्नित।
📊 उत्तर प्रदेश ईवी चार्जिंग नेटवर्क: वर्तमान व आगामी चरण
| योजना / चरण | लक्ष्य / स्वीकृत स्थल | वर्तमान प्रगति |
|---|---|---|
| मौजूदा चरण (20 क्लस्टर) | 238 स्टेशन | 99 पर MoU पूर्ण, 139 पर प्रक्रिया जारी |
| पीएम ई-ड्राइव (दूसरा चरण) | 1,500 स्टेशन | 240 चिह्नित, 1,260 पर सर्वे जारी |
| प्रमुख तकनीकी विनिर्देश | 60 kW क्षमता के 2 DC फास्ट चार्जर + 12 kW क्षमता का 1 AC/DC चार्जर प्रति स्टेशन | |
मौजूदा चरण: एनसीआर और प्रमुख शहरों में 238 स्वीकृत स्थल
योजना के मौजूदा चरण में राज्य के प्रमुख आर्थिक व औद्योगिक केंद्रों को आपस में जोड़ने के लिए 20 समूहों (क्लस्टरों) में 238 स्थानों को मंजूरी दी गई है:
- एनसीआर (NCR) क्षेत्र: गौतमबुद्ध नगर (नोएडा/ग्रेटर नोएडा) में 39, मेरठ में 35 और गाजियाबाद में 6 प्रमुख स्थान शामिल हैं।
- गैर-एनसीआर प्रमुख महानगर: राजधानी लखनऊ में 36, गोरखपुर में 32, वाराणसी में 28, आगरा में 21, मथुरा में 14, प्रयागराज में 13, कानपुर नगर में 12 और कानपुर देहात में 2 रणनीतिक स्थल तय किए गए हैं।
इन 238 स्वीकृत स्थानों में से 99 स्थानों पर जमीन और बुनियादी ढांचे से जुड़े समझौता ज्ञापन (MoU) हस्ताक्षरित हो चुके हैं, जबकि शेष 139 पर विभागीय औपचारिकताओं को तेजी से पूरा कराया जा रहा है।
दूसरे चरण में 1,500 स्टेशन: नगर निगमों और रोडवेज डिपो में तेज हुआ सर्वे
पीएम ई-ड्राइव के दूसरे चरण में एनसीआर के आठ जिलों के साथ-साथ राज्य भर के प्रमुख माल परिवहन गलियारों (Freight Corridors) पर चार्जिंग स्टेशनों का सघन जाल बिछाया जाएगा। इसके लिए नगर निगमों, यूपीएसआरटीसी (UPSRTC), विद्युत वितरण निगमों (Discoms), औद्योगिक प्राधिकरणों, मंडी समितियों और स्वास्थ्य व उच्च शिक्षण संस्थानों के परिसरों का उपयोग किया जाएगा।
नगर निगम क्षेत्रों में अब तक चिह्नित किए गए 129 स्थानों में प्रमुख रूप से शामिल हैं:
इसके अलावा उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के 74 डिपो/बस स्टेशनों, विद्युत वितरण कंपनियों के 26 परिसरों और गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (GIDA) क्षेत्र में 10 स्थानों को पहले ही चिन्हित किया जा चुका है।
60 kW क्षमता के फास्ट चार्जर और मुख्य सचिव के कड़े निर्देश
लंबी दूरी की यात्रा करने वाले चार-पहिया और वाणिज्यिक ई-वाहनों की सुविधा के लिए प्रस्तावित सभी स्टेशनों पर आधुनिक चार्जिंग उपकरण लगाए जाएंगे। इनमें 60 किलोवाट क्षमता के दो डीसी (DC) फास्ट चार्जर और 12 किलोवाट का एक एसी/डीसी (AC/DC) चार्जर स्थापित होगा, जिससे वाहन अल्प समय में चार्ज हो सकेंगे।
"मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में सभी जिलाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वे बड़े सरकारी परिसरों, कलेक्ट्रेट, विकास भवन, तहसीलों, औद्योगिक पार्कों, हाईवे के बड़े ढाबों और शॉपिंग मॉल के पार्किंग स्थलों का भौतिक सत्यापन कर तत्काल भूमि उपलब्धता के प्रस्ताव शासन को भेजें, ताकि बुनियादी ढांचे की स्थापना में किसी प्रकार का विलंब न हो।"

0 टिप्पणियाँ