सड़क हादसे में घायलों की मदद करने वालों को मिलेगा सम्मान: यूपी में 27 राहवीरों को ₹25-25 हजार का पुरस्कार; केंद्र से ₹10 लाख की राशि जारी
लखनऊ: सड़क हादसों में घायल लोगों को त्वरित मदद पहुंचाकर उनका जीवन बचाने वाले संवेदनशील नागरिकों को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार 'राहवीर योजना' के तहत नकद पुरस्कार देने जा रही है। इस योजना के अंतर्गत प्रदेश के 27 राहवीरों को ₹25,000 प्रति व्यक्ति की दर से पुरस्कृत करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), भारत सरकार ने इसके लिए यूपी परिवहन विभाग को ₹10 लाख की धनराशि आवंटित कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशानुसार यह कदम प्रदेश में सड़क सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने और 'गोल्डन आवर' में घायलों को चिकित्सीय मदद सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से उठाया गया है।
📌 राहवीर योजना (Rahveer Yojana) के प्रमुख बिंदु:
- ₹25,000 की नकद पुरस्कार राशि: सड़क दुर्घटना में गंभीर घायलों को समय पर अस्पताल पहुंचाने वाले मददगार को अब 25 हजार रुपये मिलेंगे (पहले यह राशि ₹5,000 थी)।
- यूपी के 27 राहवीरों का चयन: जिला सड़क सुरक्षा समिति (DRSC) की अनुशंसा पर 27 पात्र नागरिकों को पुरस्कृत करने की तैयारी।
- केंद्र से ₹10 लाख जारी: सड़क परिवहन मंत्रालय ने 21 सितंबर 2026 के पत्र के माध्यम से पुरस्कार वितरण के लिए फंड जारी किया।
- गोल्डन आवर का महत्व: हादसे के तुरंत बाद पहले 60 मिनट (गोल्डन आवर) के भीतर चिकित्सीय सहायता दिलाकर जान बचाने वालों को प्राथमिकता।
- ई-कुबेर से सीधा भुगतान: परिवहन आयुक्त यूपी के भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) स्थित ई-कुबेर सीएनए खाते के माध्यम से लाभार्थियों को सीधे राशि हस्तांतरित होगी।
📊 'गुड सेमेरिटन' से 'राहवीर योजना' तक: तुलनात्मक विवरण
| मापदंड / घटक | आधिकारिक विवरण व मानक |
|---|---|
| मूल योजना का शुभारंभ | 03 अक्टूबर 2021 (गुड सेमेरिटन योजना के नाम से) |
| नया स्वरूप व नामकरण | 21 अप्रैल 2025 ('राहवीर योजना' के रूप में पुनर्गठित) |
| पुरस्कार राशि में वृद्धि | ₹5,000 से 5 गुना बढ़ाकर ₹25,000 प्रति व्यक्ति की गई |
| यूपी में प्रस्तावित लाभार्थी | 27 चयनित राहवीर |
| केंद्र से प्राप्त सहायता | ₹10 लाख (16वें वित्तीय चक्र हेतु) |
गुड सेमेरिटन से 'राहवीर' बनने का सफर
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने 3 अक्टूबर 2021 को दुर्घटना पीड़ितों की निस्वार्थ सहायता करने वाले नागरिकों (गुड सेमेरिटन) को सम्मानित करने की योजना शुरू की थी। पहले वित्तीय चक्र में 36 मददगारों को 5-5 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया था।
“21 अप्रैल 2025 को मंत्रालय ने इस योजना को व्यापक रूप देते हुए 'राहवीर योजना' का नाम दिया और प्रोत्साहन राशि को पांच गुना बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया। अब 16वें वित्तीय चक्र में भी इस योजना को निरंतर जारी रखा गया है, ताकि समाज में सड़क हादसों के दौरान पीड़ितों की मदद करने की मानवीय भावना को बल मिले।”
'गोल्डन आवर' में देवदूत बनते हैं राहवीर
सड़क हादसों में होने वाली मौतों का एक बड़ा कारण पीड़ितों को समय पर प्राथमिक व आपातकालीन चिकित्सा न मिलना है। चिकित्सा विज्ञान में दुर्घटना के बाद के शुरुआती 60 मिनट को 'गोल्डन आवर' (Golden Hour) कहा जाता है:
- जीवन रक्षा में निर्णायक: यदि गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को पहले एक घंटे में अस्पताल पहुंचा दिया जाए, तो उसके बचने की संभावना 70 से 80 प्रतिशत तक बढ़ जाती है।
- कानूनी झंझटों से मुक्ति: उच्चतम न्यायालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार, मददगार नागरिक से पुलिस या अस्पताल द्वारा कोई जबरन पूछताछ नहीं की जाती।
- प्रोत्साहन का संबल: ₹25,000 की सम्मान राशि नागरिकों को कानूनी या चिकित्सीय झिझक से परे हटकर आगे आने के लिए प्रेरित करती है।
चयन प्रक्रिया और पारदर्शी भुगतान व्यवस्था
उत्तर प्रदेश के विभिन्न जनपदों में पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों से युक्त जिला सड़क सुरक्षा समिति की जांच और अनुशंसा के आधार पर 27 राहवीरों के नाम तय किए गए हैं।
पुरस्कार वितरण को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए केंद्रीय मंत्रालय ने उत्तर प्रदेश के परिवहन आयुक्त के भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) स्थित ई-कुबेर सीएनए (CNA) खाते में ₹10 लाख हस्तांतरित कर दिए हैं। इस डिजिटल बैंकिंग माध्यम से सीधे चयनित राहवीरों के खातों में सम्मान राशि भेजी जाएगी।


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