लखनऊ में डायबिटीज विशेषज्ञों का राष्ट्रीय महाकुंभ: उत्तर प्रदेश डायबिटीज एसोसिएशन का 25वां रजत जयंती महासम्मेलन ‘यूपीडाकॉन-2026’ शुरू; 600 से अधिक डॉक्टर करेंगे महामंथन
लखनऊ: उत्तर प्रदेश डायबिटीज एसोसिएशन (UPDA) की स्थापना के गौरवशाली 25 वर्ष (रजत जयंती) पूर्ण होने के उपलक्ष्य में राजधानी लखनऊ के होटल ताज पैलेस में तीन दिवसीय भव्य वार्षिक महासम्मेलन ‘यूपीडाकॉन-2026’ (UPDACON-2026) का शुभारंभ हो गया है। 9 से 11 अक्टूबर 2026 तक चलने वाला यह वैज्ञानिक महाकुंभ आधुनिक चिकित्सा जगत में मील का पत्थर साबित होगा। इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय (Theme) "डायबिटीज 360 डिग्री: बियॉन्ड नंबर्स, बियॉन्ड टारगेट्स, बियॉन्ड बाउंड्रीज" रखा गया है, जिसका उद्देश्य मधुमेह नियंत्रण को केवल ब्लड शुगर के अंकों तक सीमित न रखकर मरीज के समग्र स्वास्थ्य से जोड़ना है।
📌 ‘यूपीडाकॉन-2026’ के मुख्य आकर्षण:
- 600 से अधिक विशेषज्ञ: प्रदेश और देश भर से 600 से ज्यादा वरिष्ठ चिकित्सकों व प्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता।
- 100+ राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय वक्ता: विश्वस्तरीय विशेषज्ञ मधुमेह के नवीनतम अनुसंधानों, दवाओं और जटिलताओं के निवारण पर देंगे व्याख्यान।
- 100 से अधिक साइंटिफिक शोध-पत्र: युवा शोधकर्ताओं और अनुभवी डॉक्टरों द्वारा नवीन चिकित्सा पद्धतियों पर 100 से अधिक शोध-पत्र (Abstracts) प्रस्तुत किए जाएंगे।
- आधुनिक तकनीक व AI पर मंथन: इंसुलिन थेरेपी, कार्डियो-रीनल प्रोटेक्शन और डायबिटीज केयर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की भूमिका पर विशेष सत्र।
📊 ‘यूपीडाकॉन-2026’ महासम्मेलन: एक नजर में
| घटक / पहलू | विवरण व जानकारी |
|---|---|
| आयोजन संस्था | उत्तर प्रदेश डायबिटीज एसोसिएशन (UPDA) |
| विशेष अवसर | 25वीं वर्षगांठ (रजत जयंती वर्ष) |
| आयोजन स्थल व तिथि | होटल ताज पैलेस, लखनऊ | 9 से 11 अक्टूबर 2026 |
| सम्मेलन की मुख्य थीम | डायबिटीज 360 डिग्री: बियॉन्ड नंबर्स, बियॉन्ड टारगेट्स, बियॉन्ड बाउंड्रीज |
| सहभागी प्रतिनिधि | 600+ विशेषज्ञ चिकित्सक, 100+ मुख्य वक्ता, 100+ शोध पत्र |
केवल शुगर लेवल नियंत्रित करना ही काफी नहीं: समग्र प्रबंधन जरूरी
एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. मनोज कुमार श्रीवास्तव और आयोजन अध्यक्ष (Org. Chairman) डॉ. अनुज माहेश्वरी ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि पिछले 25 वर्षों में डायबिटीज के स्वरूप, कारणों और उसके उपचार के तौर-तरीकों में क्रांतिकारी बदलाव आए हैं।
"पारंपरिक रूप से मधुमेह के इलाज में केवल ब्लड शुगर के आंकड़ों (फास्टिंग व पीपी) को ही मानक माना जाता था। लेकिन अब दृष्टिकोण पूरी तरह बदल चुका है। आधुनिक पद्धति में मरीज के हृदय, गुर्दे (किडनी), नसों, आंखों, मानसिक स्थिति और उसकी रोजमर्रा की जीवनशैली के 360 डिग्री संतुलन पर काम किया जाता है। यह रजत जयंती सम्मेलन डॉक्टरों को इन नवीनतम वैश्विक मानकों से जोड़ेगा।"
— डॉ. अनुज माहेश्वरी (आयोजन अध्यक्ष)
'साइंटिफिक एक्स्ट्रावेगेंजा': इन अहम विषयों पर होगा मंथन
सम्मेलन के साइंटिफिक चेयरमैन डॉ. नरसिंह वर्मा एवं आयोजन सचिव (Org. Secretary) डॉ. अभिषेक अरुण ने बताया कि तीन दिवसीय तकनीकी सत्रों में गहन अकादमिक चर्चा होगी:
- कार्डियो-रीनल सुरक्षा: डायबिटीज के कारण हृदय रोग और किडनी फेलियर के जोखिम को समय रहते कैसे रोका जाए।
- इंसुलिन व नई दवाएं: नई पीढ़ी के इंसुलिन, स्मार्ट ग्लूकोज मॉनिटरिंग और अत्याधुनिक ओरल दवाओं का प्रभावकारी उपयोग।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इन हेल्थकेयर: डायबिटीज प्रेडिक्शन, पर्सनलाइज्ड डाइट प्लान और डिजिटल मॉनिटरिंग में एआई टूल्स का प्रयोग।
- लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशन: तनाव प्रबंधन, शारीरिक गतिविधि और भारतीय खानपान के अनुसार पोषण संतुलन।
जन-जागरूकता और चिकित्सा ज्ञान का विस्तार
मीडिया प्रभारी डॉ. अजय तिवारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश डायबिटीज एसोसिएशन पिछले ढाई दशकों से केवल डॉक्टरों के प्रशिक्षण तक सीमित नहीं रहा है, बल्कि समय-समय पर शिविरों और कार्यशालाओं के जरिए आम जनमानस को भी मधुमेह के साइलेंट खतरों से आगाह करता रहा है। यह महासम्मेलन डॉक्टरों को नए ज्ञान से लैस करेगा, जिससे अंतिम पायदान के मरीज को सबसे आधुनिक और सुरक्षित इलाज मिल सकेगा।


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