दीपावली से पहले योगी सरकार का कर्मचारियों को बड़ा तोहफा: वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए 30 दिन के तदर्थ बोनस को मिली मंजूरी, शासनादेश जारी
लखनऊ: प्रकाश पर्व दीपावली से ठीक पहले उत्तर प्रदेश सरकार ने लाखों कर्मचारियों को बड़ा वित्तीय उपहार दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर वित्त विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए राज्य कर्मचारियों को 30 दिन का तदर्थ बोनस (Ad-hoc Bonus) देने का शासनादेश जारी कर दिया है। इसके अंतर्गत पात्र अराजपत्रित राज्य कर्मचारियों को अधिकतम 6,908 रुपये का बोनस मिलेगा। सरकार ने राज्य कर्मचारियों के साथ सहायता प्राप्त शिक्षण व प्राविधिक शिक्षण संस्थानों, स्थानीय निकायों, जिला पंचायतों, कार्यभारित कर्मियों और दैनिक वेतनभोगियों को भी इस दायरे में शामिल किया है।
📌 तदर्थ बोनस शासनादेश: मुख्य बिंदु
- अधिकतम सीमा: सामान्य पात्र कर्मचारियों को अधिकतम ₹6,908 तथा दैनिक वेतनभोगियों को अधिकतम ₹1,184 का बोनस।
- भुगतान का अनुपात: कुल स्वीकृत राशि का 25% नकद भुगतान होगा और 75% भविष्य निधि (GPF/PPF/NSC) में जमा होगा।
- सेवानिवृत्त कर्मियों को पूर्ण नकद: 31 मार्च 2026 के बाद सेवानिवृत्त हो चुके अथवा 30 अप्रैल 2027 तक रिटायर होने वाले पात्र कर्मियों को 100% नकद भुगतान।
- पात्रता दायरा: वेतन मैट्रिक्स लेवल-8 (₹47,600 से ₹1,51,100) अथवा अपुनरीक्षित वेतनमान में ग्रेड पे ₹4,800 तक के पद।
- न्यूनतम सेवा शर्त: 31 मार्च 2026 तक कम से कम एक वर्ष की निरंतर सेवा पूरी होना अनिवार्य।
📊 बोनस गणना एवं भुगतान संरचना: एक दृष्टि में
| मानक / श्रेणी | विभागीय प्रावधान एवं दरें |
|---|---|
| अधिकतम मासिक सीमा | ₹7,000 प्रति माह (औसत 30.4 दिन का मानक) |
| अराजपत्रित कर्मचारियों का बोनस | अधिकतम ₹6,908 (पूर्णांकित) |
| दैनिक वेतनभोगी कार्मिक | अधिकतम ₹1,184 (₹1,200 मासिक सीमा पर आधारित) |
| भुगतान का स्वरूप | 25% नकद + 75% जीपीएफ/एनएससी/पीपीएफ (सेवानिवृत्त कर्मियों को 100% नकद) |
| वेतन स्तर पात्रता | पे मैट्रिक्स लेवल-8 (₹47,600-₹1,51,100) या ग्रेड पे ₹4,800 तक के पद |
बोनस की गणना: ₹7,000 की सीमा पर 30.4 दिन का फार्मूला
शासनादेश के अनुसार, बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक परिलब्धियों की सीमा ₹7,000 तय की गई है। गणना 31 मार्च 2026 को ग्राह्य परिलब्धियों के आधार पर की जाएगी। एक महीने में औसतन 30.4 दिन मानकर 30 दिन का बोनस निकाला गया है:
“₹7,000 को आधार मानकर 30 दिन के अनुपात में निकालने पर यह राशि ₹6,907.89 बनती है, जिसे शासनादेश के तहत पूर्णांकित करके अधिकतम ₹6,908 निर्धारित किया गया है। जिन कर्मचारियों की परिलब्धियां इस सीमा से कम हैं, उन्हें वास्तविक परिलब्धियों के अनुपात में भुगतान होगा।”
दैनिक वेतनभोगियों और नियमित हुए कर्मियों के लिए नियम
शासन ने दैनिक वेतनभोगी कर्मियों के लिए भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं:
- कार्यदिवस की बाध्यता: 6 कार्यदिवसीय सप्ताह वाले दफ्तरों में 3 वर्ष की लगातार सेवा और हर वर्ष कम से कम 240 दिन का कार्य आवश्यक है। 5 कार्यदिवसीय सप्ताह वाले दफ्तरों में प्रति वर्ष न्यूनतम 206 दिन कार्य की अनिवार्यता है।
- गणना सीमा: दैनिक वेतनभोगियों के लिए मासिक परिलब्धि ₹1,200 मानकर अधिकतम ₹1,184 का भुगतान होगा।
- नियमित हुए कार्मिक: जो दैनिक वेतनभोगी से नियमित बने हैं और 31 मार्च 2026 तक नियमित सेवा का एक वर्ष पूरा नहीं हुआ है, लेकिन दोनों सेवाओं को मिलाकर कुल 3 वर्ष और निर्धारित कार्यदिवस पूरे हैं, वे भी इस लाभ के हकदार होंगे।
विभागीय कार्रवाई और दंडित कर्मियों के लिए नियम
शासनादेश में यह स्पष्ट कर दिया गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान किसी भी विभागीय जांच या आपराधिक मामले में दंडित पाए जाने वाले कार्मिकों को बोनस नहीं दिया जाएगा। जिन कर्मचारियों के मामले वर्तमान में विचाराधीन हैं, उनका बोनस अंतिम फैसला आने तक स्थगित रखा जाएगा। जांच में दोषमुक्त साबित होने पर उन्हें रोकी गई राशि का भुगतान कर दिया जाएगा।



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