Pages

बाइंडिंग भारत ट्रस्ट के सदस्यों ने दृष्टि सामाजिक संस्थान के बच्चों संग बिताया समय, बांटे उपहार

मिला उपहार तो खिले दृष्टि सामाजिक संस्थान के बच्चों के चेहरे


सभी पहचानों से सर्वोपरि है मानवता - कनुप्रिया जाजू


लखनऊ। बाइंडिंग भारत ट्रस्ट की अध्यक्षा कनुप्रिया जाजू एवं उनके सहयोगियों ने मंगलवार को जानकीपुरम स्थित दृष्टि सामाजिक संस्थान पहुंचकर नन्हें बच्चों के साथ समय व्यतीत किया एवं उन्हें उपहार वितरित किया। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खिल उठे। इस दौरान अध्यक्षा कनुप्रिया जाजू ने बताया कि बाइंडिंग भारत देश ही नहीं अपितु देश के बाहर भी शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण, भुखमरी एवं अन्य सामाजिक मुद्दों पर कार्य कर रहा है। जिसका प्रमुख उद्देश्य युवाओं को एकजुट कर समस्त देशों के हित में कार्य करना है।



उन्होंने कहाकि किसी भी देश की प्रगति के लिए देश के युवाओं का एकजुट होना जरुरी है। युवाशक्ति देश और समाज की रीढ़ होती है। युवा देश और समाज को नए शिखर पर ले जाते हैं। युवा देश का वर्तमान हैं, तो भूतकाल और भविष्य के सेतु भी हैं। समाज को बेहतर बनाने और राष्ट्र के निर्माण में सर्वाधिक योगदान युवाओं का ही होता है।



उन्होंने कहाकि मानवता अन्य सभी पहचानों से सर्वोपरि है। आज की दुनिया में आगे बढ़ने का एकमात्र तरीका पारस्परिक सम्मान और सहयोग है। कनुप्रिया ने बताया कि उत्तर भारत के लगभग सभी प्रान्तों में हमारे ट्रस्ट द्वारा सामाजिक कार्य किये जा रहे हैं। देश के बाहर श्रीलंका में पूर्व सरकार के साथ मिलकर कार्य किया जा चुका है। इसके साथ ही नेपाल एवं माॅरीशस में सामाजिक कार्य किया जाना प्रस्तावित है।



मेहमानों संग मौज-मस्ती


देश में फैली कोरोना महामारी के बीच जहां लोग घरों से बाहर निकलने में डर रहे हैं, वहीं बाइंडिंग भारत ट्रस्ट द्वारा नित्य सामाजिक कार्य किये जा रहें हैं। बाइंडिंग भारत ट्रस्ट की अध्यक्षा कनुप्रिया जाजू अपने सहयोगियों दुर्गेश त्रिपाठी, सुशील कुमार, शिवम गुप्ता एवं अन्य के साथ मंगलवार को दृष्टि सामाजिक संस्थान पहुंची। संस्थान संचालक अथर्व सिंह एवं शालू सिंह की मौजूदगी में नन्हें बच्चों ने मेहमानों के साथ खूब मौज मस्ती की। अध्यक्षा कनुप्रिया ने नन्हें बच्चों को फल, चाॅकलेट एवं खाद्य सामग्री वितरित की। इसके साथ ही अन्य सामान उपहार स्वरुप भेंट किया। जिससे नन्हें बच्चों के चेहरों में मुस्कान खिल उठी।


Post a Comment

0 Comments