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लखनऊ को स्वच्छता में नंबर वन लाने का संकल्प

मंत्रियों व महापौर समेत जनता ने स्वच्छता का लिया संकल्प 

लखनऊ। हम सबने ठाना है, लखनऊ स्वच्छ बनाना है। स्वच्छता आजादी से ज्यादा महत्वपूर्ण है। स्वच्छता अभियान के संकल्प को साकार रूप देने के लिए शहर को स्वच्छ एवं सुन्दर बनाने के लिए लोगों ने संकल्प लिया। बुधवार को स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए गोमती नगर के 1090 चौराहे से लालबाग झंडी पार्क तक स्वच्छता महारैली निकाली गई। इस दौरान संसदीय कार्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि 2015 से स्वच्छता सर्वेक्षण हो रहा है। लखनऊ नगर निगम पिछले सर्वेक्षण में 12वें नम्बर पर आया, उम्मीद है कि इस बार सर्वेक्षण में अग्रणी स्थान प्राप्त करेगा। उन्होंने इन्दौर और मैसूर नगर निगम से प्रेरणा लेकर लखनऊ को नम्बर-एक रैंकिंग पर लाने के लिए जनमानस से अपील की। खन्ना ने अधिकारियों को निर्देश दिये कि प्रत्येक वार्ड के लिए एक अधिकारी नामित करें व घर से घर से कूड़ा उठाने की मॉनीटरिंग की जाय। उन्होंने कहा की राजधानी में देश-विदेश से लोग आते है। इसलिए इसे विशेष रूप से साफ सुथरा व स्वच्छ बनाने में सभी सहयोग दें। अपनी जीवन शैली को सुधार कर भी हम लखनऊ को स्वच्छ एवं सुन्दर बना सकते हैं।


इस अवसर पर नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने कहा कि स्वच्छता की परिकल्पना को यदि हमारे प्रधानमंत्री के अनुरूप साकार हो सकें, तो तमाम रोग दूर हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि बेहतर साफ-सफाई के कारण लखनऊ में गंदगी व मच्छर से निजात मिल सकी है। कहा कि पूरे समाज की भागीदारी स्वच्छता अभियान में होनी चाहिए। टंडन ने कहा कि हमारी सरकार से पहले स्वच्छता रैंकिंग में 269 नंबर पर था, सरकार आने पर 121 नम्बर पर आया, तीसरे साल 115 नम्बर पर था, चैथे साल में 12 नम्बर पर लखनऊ आया। इस बार होने वाले स्वच्छता सर्वेक्षण में लखनऊ अग्रणी रहेगा। 


इस अवसर पर महापौर संयुक्ता भाटिया ने कहा कि जनता की सहभागिता के कारण लखनऊ स्वच्छता सर्वेक्षण में पिछले वर्ष 12वें स्थान पर आया। नगर निगम स्वच्छता रैंकिंग में और बेहतर आने के लिए प्रयास कर रहा है। उन्होंने कूडे़ कचरा को डस्टबिन में डालने के लिए आमजनमानस से अपील की। इस अवसर पर विधायक, जिलाधिकारी अभिषेक प्रकाश, नगर आयुक्त अजय द्विवेदी सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। 

आडी पर सवार थे मंत्री, घोड़े, ऊंट व खच्चर भी थे


महारैली में लाल आडी पर सवार होकर मंत्री और महापौर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक कर रहे थे। रैली में महंगी शाही कार आडी, महिंद्रा थार जैसी गाड़ियों की व्यवस्था की गई थी। इसके साथ ही महारैली में घोड़े, ऊंट और खच्चर भी लगाए गए थे। जनता को जागरूक करने के लिए जिस तरह से इस महारैली में महंगी गाड़ियों को मंगाया गया था। इससे सवाल भी खड़ हो रहे हैं। 

ट्रैफिक नियमों की उड़ी धज्जियां


रैली के दौरान पालन कराने वाले ही नियमों की धज्जियां उड़ाते नजर आयें। गाड़ियों में बैठे जनप्रतिनिधि हों या फिर प्रशासन व नगर निगम के अफसर और कर्मचारियों ने ट्रैफिक नियमों का पालन नहीं किया। किसी ने सील बेल्ट नहीं लगाई तो कोई बिना हेल्मेट ही गोमती नगर से लालबाग तक दौड़ लगा दिया। पूरी रैली के दौरान ट्रैफिक नियमों को दरकिनार के चलते लोगों जाम से जूझते नजर आए। 

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