📘 🐦 📸
तेज़, सटीक और भरोसेमंद खबरें
🔴 Breaking
Loading news...
Voice of Capital को Google पर पसंदीदा स्रोत बनाएं
ताजा खबरों के लिए हमें Google पर Follow करें

Pages

“जाने क्यों लोग घरों से निकला करते हैं...” पर नृत्य से स्तुति ने दिया ये संदेश

सृजन का मां तुझे सलाम ऑनलाइन दो दिवसीय शो शुरू

बाल नृत्यांगना स्तुति जैन ने कोरोना प्रोटोकॉल के प्रति भी किया जागरुक

लखनऊ। सृजन फाउण्डेशन की ओर से मदर्स डे पर दो दिवसीय ऑनलाइन शो का प्रसारण शनिवार 8 मई से शुरू किया गया। पहले दिन मदर्स डे स्पेशल में स्तुति जैन ने मनभावन नृत्य प्रेरक गानों पर किया। इस क्रम में रविवार को इशांक, इशा और रोमा की प्रस्तुतियां भी दोपहर 3:30 बजे होंगी। सृजन फाउण्डेशन के फेसबुक पेज पर शाम को प्रसारित हुए मदर्स स्पेशल शो में लोकप्रिय बाल नृत्यांगना स्तुति जैन ने अपनी प्रस्तुतियों को दो वर्गों में बांटा। पहले वर्ग में उन्होंने देवी मां और देवों की स्तुति की जबकि दूसरे वर्ग में उन्होंने लोगों को कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने के लिए प्रेरित किया। 

मां की स्तुति वर्ग में उन्होंने "मैं बालक तू माता...", "ओ शेरोवाली, जय मां काली...", "ओ पालनहारे...", "एक तू ही भरोसा...", "दर्श दिखाओ वीरा...", "फिर से सजा दो दुनिया सारी..." पर मनभावन नृत्य किया। कोरोना काल में लोगों को जागरुक करने के लिए उन्होंने “ना हाथ मिलाना ना बाहर जाना...”, “जाने क्यों लोग घरों से निकला करते हैं...”, “नमस्ते नमस्ते...” जैसे प्रेरक और प्रभावी प्रस्तुतियां दीं। सृजन फाउंडेशन के अध्यक्ष डॉ.अमित सक्सेना ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय मदर्स डे मनाने की शुरुआत अमेरिका से हुई थी। 1912 में एना जार्विस नाम की अमेरिकी कार्यकर्ता ने अपनी मां के निधन के बाद इस दिन को मनाने की शुरुआत की थी। उन्होंने कहा धरती पर लोगों ने भगवान को नहीं देखा पर प्रेम की देवी मां के दर्शन जरूर किया है। इसलिए कहा भी गया है कि कुपुत्रो जायेत क्वचिदपि कुमाता न भवति।

उन्होंने बताया कि “कोरोना से डरो ना, उससे मिल के लड़ो ना-सीजन-2”, ऑनलाइन-शो, अभियान में शामिल होने के लिए वॉट्सऐप नम्बर 8887934036 पर संपर्क किया जा सकता है। दैनिक क्रम में यह सृजन फाउण्डेशन के फेसबुक लिंक पर अपडेट किया जाएगा। उन्होंने लोगों का आवाह्न किया कि अपने चारों ओर सकारात्मक हो रही गतिविधियों को भी वह वॉट्सऐप पर भेज सकते हैं। उन्होंने रेड क्रॉस के मानवता की वीर नायकों को भी नमन करते हुए बताया कि विश्व रेड क्रॉस दिवस हर साल 8 मई को मनाया जाता है। कोविड-19 महामारी में रेड क्रॉस आंदोलन की अहमित और अधिक प्रासंगिक हो गई है। स्विटजरलैंड के कारोबारी जीन हेनरी ड्यूनेंट ने 1859 में इटली में सॉल्फेरिनो की विभीषिका के बाद स्वंयसेवकों का एक समूह बनाकर घायल जवानों को हर संभव मदद दी थी। पहला रेडक्रॉस डे, हेनरी ड्यूनेंट के जन्मदिवस की सालगिरह 8 मई 1948 को मनाया गया। आधिकारिक तौर पर साल 1984 से वर्ल्ड रेडक्रॉस डे विश्व भर में मनाया जाने लगा।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ

📢 WhatsApp से जुड़ें